नाटो सहयोगियों पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप: ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में 'अकेले' पड़ने पर जताई नाराजगी
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने नाटो सहयोगियों की आलोचना की। ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में समर्थन न मिलने पर नाराजगी जताई। जानें ईरान की सैन्य क्षमता और परमाणु खतरे पर ट्रंप का दावा।
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026Editor
Mar 17, 2026 • 11:44 PM
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नाटो सहयोगियों पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप: ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में 'अकेले' पड़ने पर जताई नाराजगी
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने नाटो सहयोगियों की आलोचना की। ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में समर्थन न मिलने पर नाराजगी जताई। जानें ईरान की सैन्य क्षमता और परमाणु खतरे पर ट्रंप का दावा।
Full Story: https://www.newstvindia.in/donald-trump-lashes-out-at-nato-allies-resentment-over-lonely-military-action-against-iran
नाटो सहयोगियों पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप: ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में 'अकेले' पड़ने पर जताई नाराजगी
वॉशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में यूरोपीय सहयोगियों के समर्थन नहीं मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने नाटो की आलोचना करते हुए कहा कि सहयोगी देश कार्रवाई का समर्थन तो करते हैं, लेकिन योगदान देने से पीछे हट जाते हैं।
ओवल ऑफिस में आयरलैंड के प्रधानमंत्री माइकल मार्टिन के साथ बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ निर्णायक कदम उठाया और उसे किसी बाहरी मदद की जरूरत नहीं थी। उन्होंने कहा, “हमें ज्यादा मदद की जरूरत नहीं है, बल्कि किसी मदद की जरूरत ही नहीं है, लेकिन उन्हें हमारे साथ होना चाहिए था।”
ट्रंप ने कहा कि नाटो देशों ने सिद्धांत रूप में इस कार्रवाई का समर्थन किया, लेकिन व्यावहारिक रूप से कोई सहयोग नहीं दिया। उन्होंने इसे “मूर्खतापूर्ण” बताया।
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई से ईरान की सैन्य क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना और वायुसेना लगभग खत्म हो चुकी है और उसका रडार सिस्टम भी नष्ट हो गया है।
उन्होंने यह भी दोहराया कि इस अभियान का मकसद ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। ट्रंप के मुताबिक, “ईरान एक महीने के भीतर परमाणु हथियार बना सकता था और वह एक बड़ा खतरा था।”
इस बीच, रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि ट्रंप यूरोपीय देशों के रवैये से बेहद नाराज़ हैं। उन्होंने कहा, “मैंने उन्हें कभी इतना गुस्से में नहीं देखा।” ग्राहम ने यूरोपीय सहयोगियों पर होरमुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा में योगदान न देने का आरोप लगाया।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी क्षेत्र में खतरे को रेखांकित करते हुए कहा कि अमेरिकी ठिकानों पर मिलिशिया हमले हो रहे हैं और ऐसे समूहों को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना जरूरी है।
वहीं, आयरलैंड के प्रधानमंत्री मिशेल मार्टिन ने तनाव कम करने की कोशिश करते हुए अमेरिका और यूरोप के रिश्तों को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि “दोनों पक्षों के बीच संबंध बेहद अहम हैं और हमें फिर से संतुलन बनाना होगा।” मार्टिन ने ईरान को खतरा बताते हुए भी कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया।