Bengal Election 2026: 'बंगाल की बेटियों को अब चुप नहीं कराया जाएगा'- धर्मेंद्र प्रधान; आरजी कर पीड़िता की मां को टिकट मिलने पर छिड़ी सियासी जंग

भाजपा ने आरजी कर पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ को पानीहाटी से उम्मीदवार बनाया है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इसे 'टूटे हुए सिस्टम' को चुनौती बताया है। दूसरी ओर टीएमसी ने पीड़िता की मां के भाजपा में शामिल होने पर सवाल उठाते हुए सीबीआई जांच की निष्पक्षता को लेकर घेरा है।

Mar 26, 2026 - 07:26
Bengal Election 2026: 'बंगाल की बेटियों को अब चुप नहीं कराया जाएगा'- धर्मेंद्र प्रधान; आरजी कर पीड़िता की मां को टिकट मिलने पर छिड़ी सियासी जंग
Bengal Election 2026: 'बंगाल की बेटियों को अब चुप नहीं कराया जाएगा'- धर्मेंद्र प्रधान; आरजी कर पीड़िता की मां को टिकट मिलने पर छिड़ी सियासी जंग

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की पानीहाटी विधानसभा सीट अब राज्य के सबसे हाई-प्रोफाइल चुनावी मुकाबलों में से एक बन गई है। बुधवार, 25 मार्च 2026 को भाजपा द्वारा प्रत्याशियों की तीसरी सूची जारी करने के बाद केंद्रीय नेतृत्व और सत्ताधारी दल टीएमसी के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर रत्ना देबनाथ की उम्मीदवारी का समर्थन करते हुए लिखा कि उनका चुनावी मैदान में उतरना सिर्फ एक उम्मीदवारी नहीं है, बल्कि यह एक मजबूत दावा है कि पश्चिम बंगाल की बेटियों को अब चुप नहीं कराया जाएगा। उन्होंने ममता सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक मां की हिम्मत अब उस टूटे हुए सिस्टम को सीधी चुनौती दे रही है जिसने अपनी बेटियों को नाकाम किया है।

कुणाल घोष का पलटवार और सीबीआई जांच पर सवाल

टीएमसी नेता कुणाल घोष ने एक वीडियो जारी कर भाजपा के इस कदम पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि आरजी कर पीड़िता की मां भाजपा की प्रत्याशी बन गई हैं, जिसका वे आदर करते हैं और उनके प्रति सहानुभूति रखते हैं, लेकिन उन्होंने अपना सम्मान खो दिया है। घोष ने तर्क दिया कि पीड़िता के माता-पिता ने ही सीबीआई जांच की मांग की थी और सीबीआई केंद्र की भाजपा सरकार के अधीन आती है। अब उनका भाजपा की उम्मीदवार बनना कई संदेह पैदा करता है। उन्होंने यह भी कहा कि कोलकाता पुलिस ने 24 घंटे के अंदर दोषी को गिरफ्तार किया था और ट्रायल कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक ने जांच को सही ठहराया है।

पानीहाटी सीट: न्याय बनाम राजनीति का नया केंद्र

रत्ना देबनाथ की उम्मीदवारी ने पानीहाटी सीट को राज्य की सबसे चर्चित सीटों में शुमार कर दिया है। जहाँ भाजपा इसे महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और न्याय के लिए एक बड़े आंदोलन के रूप में पेश कर रही है, वहीं टीएमसी इसे भाजपा की 'अवसरवादी राजनीति' बता रही है। कुणाल घोष ने भाजपा को घेरते हुए पूछा कि क्या पीड़िता की मां भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं पर होने वाले हमलों को भूल गई हैं। दूसरी ओर धर्मेंद्र प्रधान का मानना है कि यह चुनाव एक 'नैतिक हिसाब-किताब' है जो बंगाल में जवाबदेही और स्थायी बदलाव की सामूहिक मांग को मजबूत करेगा।

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