संसद में गूंजा पश्चिम एशिया संकट: पीएम मोदी ने कहा- '1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता', होर्मुज जलमार्ग पर दी कड़ी चेतावनी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में पश्चिम एशिया और ईरान की स्थिति पर विस्तृत बयान दिया। उन्होंने करीब एक करोड़ भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा को सरकार की शीर्ष प्राथमिकता बताया और स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में किसी भी तरह की रुकावट भारत को स्वीकार नहीं है।
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बादलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के पटल से देश और दुनिया को कड़ा संदेश दिया है। ईरान और उसके पड़ोसी देशों में जारी संघर्ष को गंभीर और चिंताजनक बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत इस पूरे घटनाक्रम पर न केवल पैनी नजर रखे हुए है, बल्कि अपने नागरिकों और ऊर्जा हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रहा है।
संकट के बीच सबसे बड़ा रेस्क्यू और 3.75 लाख भारतीयों की घर वापसी
प्रधानमंत्री ने सदन को जानकारी दी कि संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक सरकार 3.75 लाख से अधिक भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश वापस ला चुकी है। ईरान से भी लगभग 1,000 भारतीय नागरिकों की सफल निकासी हुई है, जिनमें बड़ी संख्या में मेडिकल छात्र शामिल हैं। प्रभावित इलाकों में स्थित भारतीय मिशन चौबीसों घंटे सक्रिय हैं और प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि जरूरत पड़ी, तो राहत और बचाव अभियानों को और अधिक तेज किया जाएगा।