नए साल के जश्न में डूबा बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, जंगल के बीच पर्यटकों ने किया 2026 का स्वागत
मध्य प्रदेश का विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व नए साल पर उत्सव का केंद्र बन गया। जंगल के बीच आदिवासी नृत्य, लोक संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ पर्यटकों ने 2026 का अनोखे अंदाज़ में स्वागत किया। देश-विदेश से आए सैलानियों से होटल और सफारी पूरी तरह हाउसफुल रहीं।
भोपाल : मध्य प्रदेश का विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व नए साल के जश्न में पूरी तरह डूब गया है। बाघों और प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर इस रिजर्व में 31 दिसंबर की रात जैसे ही घड़ी ने 12 बजाए, पूरा इलाका उत्साह और उल्लास से गूंज उठा। पर्यटक नए साल का स्वागत करने में इतने उत्साहित थे कि रात भर जश्न का माहौल बना रहा।
ताला मुख्यालय के साथ-साथ आसपास के होटलों और रिसॉर्ट्स में विशेष आयोजन किए गए थे। यहां स्थानीय आदिवासी कलाकारों और अन्य देसी कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। आदिवासी नृत्य और पारंपरिक गीतों पर पर्यटक जमकर थिरके। कई पर्यटक तो परिवार के साथ कलाकारों के बीच पहुंचकर खुद नाचने लगे। गीत-संगीत और नृत्य की धुनों ने पूरे वातावरण को खुशियों से भर दिया। पर्यटकों का कहना था कि जंगल के बीच इस तरह नए साल का स्वागत करना एक अनोखा और यादगार अनुभव रहा।