लखनऊ अग्निकांड की जांच के लिए दो सदस्यीय SIT गठित, 7 दिन में सौंपेगी रिपोर्ट, सीएम योगी ने रद्द किए सभी कार्यक्रम
Lucknow Fire Incident के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लेते हुए दो सदस्यीय एसआईटी (SIT) का गठन किया है। जांच टीम सात दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपेगी। हादसे के बाद सीएम योगी ने अपने सभी सरकारी कार्यक्रम रद्द कर दिए और घायलों से मुलाकात की।
लखनऊ : राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए भीषण अग्निकांड (Lucknow Fire Incident) के बाद प्रशासन ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दूसरी ओर, जिस इमारत में यह दर्दनाक हादसा हुआ, उसका मालिक घटना के बाद से फरार बताया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर चार अधिकारियों पर गिरी गाज
अग्निकांड के बाद सामने आई शुरुआती लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने चार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। निलंबित अधिकारियों में एक्सईएन कलेक्शन जानकीपुरम गौरव कुमार, एफएसएसओ इंदिरा नगर कमलेन्द्र कुमार सिंह, सहायक अभियंता अनिल कुमार और जूनियर इंजीनियर प्रमोद पांडे शामिल हैं।
सरकार का मानना है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जांच में जो भी अधिकारी या व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि इस हादसे के जिम्मेदार लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
छह नामजद आरोपियों समेत कई लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मामला
अलीगंज थाना क्षेत्र में हुई इस घटना के संबंध में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, अपराध संख्या 115/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इस एफआईआर में छह नामजद आरोपियों के अलावा अन्य जिम्मेदार लोगों को भी शामिल किया गया है। जांच एजेंसियां अब पूरे मामले में आग लगने के कारणों और सुरक्षा मानकों में हुई कथित अनियमितताओं की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
तीन आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में रामकृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला और तुषॉक कृष्णा जायसवाल शामिल हैं। पुलिस इन तीनों से पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश की जा रही है कि हादसे में उनकी भूमिका क्या रही।
अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी जारी है और जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस की विभिन्न टीमें लगातार कार्रवाई में जुटी हुई हैं।
हादसे के बाद फरार हुआ बिल्डिंग मालिक
अग्निकांड के बाद इमारत के मालिक के फरार होने की खबर ने मामले को और गंभीर बना दिया है। स्थानीय लोगों और गार्ड के अनुसार, जिस भवन में आग लगी थी उसके मालिक बीपी शुक्ला और उनका परिवार घटना के बाद से अपने निजी आवास से गायब हैं।
बताया जा रहा है कि उनके घर पर ताला लगा हुआ है और परिवार के सदस्य कहीं बाहर चले गए हैं। घर की निगरानी कर रहे गार्ड ने बताया कि वह पिछले एक सप्ताह से वहां काम कर रहा है और उसे केवल मकान की देखभाल के लिए रखा गया था। घटना की जानकारी उसे ड्यूटी पर पहुंचने के बाद मिली।
अब पुलिस बिल्डिंग मालिक की तलाश में जुटी हुई है और उसके संभावित ठिकानों का पता लगाया जा रहा है।
हादसे के कारणों की हर पहलू से जांच जारी
लखनऊ अग्निकांड ने एक बार फिर शहरों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और भवन मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन की ओर से पहले ही विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जा चुका है, जो पूरे मामले की विस्तृत जांच कर सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन दोनों स्तरों पर कार्रवाई जारी है। सरकार का कहना है कि इस हादसे के पीछे जो भी लोग जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है।
लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए भीषण अग्निकांड (Lucknow Fire Incident) के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कई अहम फैसले किए हैं। हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री ने अपने मंगलवार के सभी सरकारी कार्यक्रम रद्द कर दिए और सीधे लखनऊ पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की। साथ ही घटना की विस्तृत जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जिसे सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
हाईलेवल बैठक के बाद SIT गठन का फैसला
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस दौरान दुर्घटना की परिस्थितियों, राहत कार्यों और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।