Rajasthan News: वसुंधरा राजे ने दिखाई दुष्यंत सिंह की पदयात्रा को झंडी; बोलीं- 'पांव के छाले मेरी राहें नहीं रोक पाए, आप भी रुकना मत'
झालावाड़ में सांसद दुष्यंत सिंह की 'जनसंवाद पदयात्रा' शुरू हो गई है। वसुंधरा राजे ने कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे जनता को केवल मतदाता नहीं, बल्कि भाग्य निर्माता मानती हैं। जानें क्यों राजे ने कहा कि यह कोई राजनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि अपनों के बीच पहुंचने की कोशिश है।
झालावाड़ : झालावाड़-बारां से सांसद दुष्यंत सिंह ने जनसंवाद पदयात्रा की शुरुआत की है। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे झालावाड़ जिले के उन्हेल नागेश्वर में सांसद दुष्यंत सिंह की जनसंवाद यात्रा में पहुंचीं और झंडी दिखाकर रवाना किया।
सांसद दुष्यंत सिंह ने कहा कि ‘जनसंवाद पदयात्रा’ में क्षेत्र की जनता से रूबरू होते हुए सुझाव, समस्याएं और विकास की आवश्यकताओं पर सीधा संवाद किया जाएगा। उन्हेल नागेश्वर मंदिर से शुरू होकर यह यात्रा धर्मपुरी, कुमठिया, रामगढ़, चायरा, मगसी सहित कई स्थानों पर पहुंचेगी, जहां जनसमुदाय द्वारा स्वागत एवं जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित होंगे। समस्त क्षेत्रवासियों से विनम्र निवेदन है कि पदयात्रा में शामिल होकर अपने क्षेत्र की आवाज को और सशक्त बनाएं।
कार्यक्रम में शामिल हुईं वसुंधरा राजे ने कहा, "मैं चलती रही उम्रभर दुआओं के साथ, पांव के छाले कभी मेरी राहें नहीं रोक पाए।" उन्होंने कहा कि जब आप पैदल चलेंगे तो बड़े-बड़े छाले होंगे। आप उनमें सुइयां चुभा कर आगे बढ़ जाएं। खुद ही ऑपरेशन करना पड़ता है, लेकिन बुरी तरह मत करना, डॉक्टर भी आपके साथ हैं।
राजे ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह पदयात्रा इस क्षेत्र की उन्नति, विकास और आपके विश्वास की यात्रा है। ज्यादातर नेता चुनाव के समय आते हैं और चुनाव जीतकर चले जाते हैं। पूरे पांच साल एसी में रहते हैं पर हम ऐसा नहीं करते। हम अपने क्षेत्र को परिवार मानते हैं। हम क्षेत्र के लोगों को मतदाता नहीं, भाग्य निर्माता मानते हैं।
उन्होंने कहा कि आपके सांसद हमेशा जनता के बीच रहते हैं और सब जगह पहुंचने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह अपनों की, अपनों के लिए और अपनों के द्वारा की गई यात्रा है। यह जन-जन से जुड़ने, जनता की आवाज सुनने और लोगों के सपनों को पूरा करने की यात्रा है। इस यात्रा का लक्ष्य है कि हर नागरिक का सम्मान हो, हर नागरिक का उत्थान हो और हर वाजिब समस्या का समाधान हो।
उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी यात्रा है, जिसमें सांसद आपके खेतों की मिट्टी, आपके बच्चों की मुस्कान और आपकी मेहनत को अपनाने आए हैं। वे आपकी तकलीफ को गले लगाने आए हैं।