पंजाबी सिनेमा की सुपरस्टार प्रीति सप्रू: अभिनय से निर्देशन और समाजसेवा तक का प्रेरक सफर
पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री की सुपरस्टार का नाम लें तो अभिनेत्री प्रीति सप्रू का नाम आता है। अपनी मुस्कान और अदाकारी के साथ उन्होंने लाखों दिल जीते और आज भी निर्देशन के साथ ही सोशल वर्क में भी सक्रिय हैं।
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026Editor
Dec 24, 2025 • 7:58 AM
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पंजाबी सिनेमा की सुपरस्टार प्रीति सप्रू: अभिनय से निर्देशन और समाजसेवा तक का प्रेरक सफर
पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री की सुपरस्टार का नाम लें तो अभिनेत्री प्रीति सप्रू का नाम आता है। अपनी मुस्कान और अदाकारी के साथ उन्होंने लाखों दिल जीते और आज भी निर्देशन के साथ ही सोशल वर्क में भी सक्रिय हैं।
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पंजाबी सिनेमा की सुपरस्टार प्रीति सप्रू: अभिनय से निर्देशन और समाजसेवा तक का प्रेरक सफर
मुंबई : पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री की सुपरस्टार का नाम लें तो अभिनेत्री प्रीति सप्रू का नाम आता है। अपनी मुस्कान और अदाकारी के साथ उन्होंने लाखों दिल जीते और आज भी निर्देशन के साथ ही सोशल वर्क में भी सक्रिय हैं। फिल्मी माहौल में बड़ी हुईं प्रीति ने पिता की विरासत को आगे बढ़ाते हुए एक्टिंग को अपना सपना बनाया और बॉलीवुड के साथ ही पॉलीवुड में शानदार काम कर चुकी हैं।
24 दिसंबर 1957 को मुंबई में जन्मीं प्रीति एक फिल्मी खानदान से संबंध रखती हैं। उनके पिता मशहूर अभिनेता डी.के. सप्रू, मां हेमवती और भाई तेज सप्रू हैं। वह बॉलीवुड में अमिताभ, राजेश खन्ना, दिलीप कुमार जैसे सितारों के साथ काम कर चुकी हैं, लेकिन असली पहचान और सफलता उन्हें पंजाबी फिल्मों से मिली। 'उचा दर बाबे नानक दा', 'निम्मो', 'यारी जट्ट दी' जैसी हिट्स ने उन्हें पॉलीवुड की सुपरस्टार बना दिया।
फिल्मी माहौल में पली-बढ़ी प्रीति ने महज 13 साल की उम्र में ही एक्टिंग की दुनिया में कदम रख दिया था। बॉलीवुड में प्रीति की शुरुआत साल 1979 की फिल्म 'हबारी' से हुई। इसके बाद वह 'लावारिस', 'अवतार', 'तहखाना', 'नजराना', 'आज का अर्जुन' जैसी फिल्मों में नजर आईं।
रामसे ब्रदर्स की हॉरर फिल्म 'तहखाना' में उनका किरदार 'हीरा' यादगार रहा, जहां वह हेमंत बिरजे और आरती गुप्ता के साथ दिखीं। इस फिल्म में उनका रोल साहसी और रहस्यमयी था, जो दर्शकों को पसंद आया।
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प्रीति को अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना, जीतेन्द्र जैसे सुपरस्टार्स के साथ स्क्रीन शेयर करने का मौका मिला, लेकिन बॉलीवुड में उन्हें ज्यादातर सपोर्टिंग रोल्स ही मिले। लीड रोल की कमी से उनका बॉलीवुड करियर ज्यादा नहीं चमका। हालांकि, पंजाबी सिनेमा में प्रीति सप्रू ने जो मुकाम हासिल किया, वह शानदार रहा।
साल 1980 के दशक में पंजाबी फिल्मों की ओर रुख करने के बाद उन्होंने 'उचा दर बाबे नानक दा', 'निम्मो', 'यारी जट्ट दी', 'कुर्बानी जट्ट दी', 'सरपंच', 'नसीबो', 'प्रतिज्ञा', 'सरदारी', 'काके दा ब्याह' और 'तेरी मेरी गल बन गई' जैसी दर्जनों ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं। वीरेंद्र, गुरदास मान, राज बब्बर जैसे स्टार्स के साथ उनकी जोड़ी सुपरहिट रही। पंजाबी दर्शकों ने उन्हें दिल से अपनाया और वे पॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस में से एक बन गईं।
प्रीति सप्रू सिर्फ अभिनेत्री ही नहीं, बल्कि सफल निर्देशक, लेखिका और प्रोड्यूसर भी हैं। उन्होंने 'कुर्बानी जट्ट दी' का निर्देशन, लेखन और प्रोडक्शन किया, जो बड़ी हिट साबित हुई। हिंदी फिल्म 'जमीन आसमान' की कहानी भी उन्होंने लिखी।
एक्टिंग के क्षेत्र में शानदार काम कर प्रीति ने कई अवॉर्ड्स अपने नाम किए। उन्हें साल 1995 में पंजाब स्टेट अवॉर्ड बेस्ट एक्ट्रेस, 1998 में महिला शिरोमणि और 'पंजाबी रत्न' जैसे खिताब मिले।
प्रीति ने आर्किटेक्ट और फिल्म प्रोड्यूसर उपवन सुदारशन अहलूवालिया से शादी की है और उनकी जुड़वां बेटियां रिया वालिया और रेने वालिया हैं, जो 'तेरी मेरी गल बन गई' फिल्म से डेब्यू कर चुकी हैं। प्रीति सोशल वर्क में भी सक्रिय हैं। वह साल 2014 में भाजपा में शामिल हुईं और पंजाब में नशे की समस्या के खिलाफ अभियान चलाती हैं। राजनेताओं की रैलियों में वह अक्सर नजर आती हैं।