Punjab Health Update: बच्चों के लिए वरदान बनी 'मुख्यमंत्री सेहत योजना'; ₹10 लाख तक का मिल रहा कैशलेस इलाज, 26 लाख से ज्यादा कार्ड जारी
पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव किया है। श्री मुक्तसर साहिब की 1 वर्षीय बच्ची ख्वाहिश का सफल इलाज इस योजना की प्रभावशीलता का ताजा उदाहरण है। योजना के तहत अब तक 26 लाख से अधिक सेहत कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
चंडीगढ़/श्री मुक्तसर साहिब: पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि राज्य का कोई भी नागरिक, विशेषकर नवजात शिशु और बच्चे, धन के अभाव में इलाज से वंचित न रहें। 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' ने अस्पतालों में इलाज से पहले होने वाली कागजी कार्रवाई और अग्रिम भुगतान की बाधाओं को खत्म कर दिया है, जिससे आपातकालीन स्थितियों में मासूमों की जान बचाना अब और भी आसान हो गया है।
श्री मुक्तसर साहिब की ख्वाहिश को मिला नया जीवन
श्री मुक्तसर साहिब की एक वर्षीय बच्ची ख्वाहिश को गंभीर निमोनिया के कारण तत्काल चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता थी। पहले ऐसे मामलों में परिवारों को इलाज शुरू होने से पहले धन की व्यवस्था करनी पड़ती थी या मंजूरी का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत यह बाधाएं पूरी तरह समाप्त कर दी गई हैं। सेहत कार्ड पहले से उपलब्ध होने के कारण डॉ. मोनिका गर्ग की देखरेख में दीप अस्पताल में बिना किसी अग्रिम भुगतान के तुरंत इलाज शुरू कर दिया गया जिससे बच्ची सुरक्षित रूप से स्वस्थ हो सकी।
संगरूर और मानसा में भी दिख रहा योजना का व्यापक असर
इसी तरह के सकारात्मक मामले संगरूर और मानसा जिलों से भी सामने आ रहे हैं जहाँ कम वजन के साथ जन्मे बच्चों और अन्य गंभीर स्थितियों वाले शिशुओं को बिना किसी आर्थिक बाधा के योजना के तहत इलाज मिल रहा है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के अनुसार मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में यह योजना सुनिश्चित कर रही है कि इलाज में न तो आर्थिक और न ही प्रशासनिक बाधाएं आएं क्योंकि छोटे बच्चों के मामले में थोड़ी सी भी देरी गंभीर परिणाम ला सकती है।
योजना की प्रमुख विशेषताएं और वर्तमान आंकड़े
मुख्यमंत्री सेहत योजना पंजाब के परिवारों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम कर रही है जिसके तहत प्रत्येक परिवार को प्रति वर्ष ₹10 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवर प्रदान किया जाता है। वर्तमान में लाभार्थी पंजाब के 900 से अधिक सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में 2,300 से अधिक चिकित्सा पैकेजों के तहत इलाज प्राप्त कर सकते हैं। अब तक राज्य भर में 26 लाख से अधिक सेहत कार्ड जारी किए जा चुके हैं और यह प्रक्रिया निरंतर जारी है।
प्रशासनिक संदेश और जनता से अपील
पंजाब सरकार नागरिकों को लगातार प्रोत्साहित कर रही है कि वे अपने नजदीकी निर्धारित केंद्रों पर जाकर 'सेहत कार्ड' जरूर बनवाएं। योजना के अंतर्गत नवजात शिशुओं और बच्चों के बढ़ते उपचार यह संकेत देते हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता अब अधिक तेज़, सुलभ और प्रभावी हो रही है जहाँ इलाज आर्थिक चिंताओं के कारण टलता नहीं है। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के प्रत्येक नागरिक तक इस कैशलेस सुविधा की पहुँच सुनिश्चित की जा सके।