ईरान-अमेरिका संकट: ट्रंप का दावा- 'ईरान ने खुद किया समझौता के लिए संपर्क', तेहरान का बातचीत से साफ इनकार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने युद्धविराम और एक बड़े समझौते के लिए उनसे संपर्क किया है। ट्रंप के अनुसार, ईरान परमाणु हथियार न बनाने और अपना संवर्धित यूरेनियम सौंपने को तैयार है। हालांकि, ईरान ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे 'मनोवैज्ञानिक युद्ध' करार दिया है।
वॉशिंगटन/तेहरान: मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक ताजा बयान ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। ट्रंप ने दावा किया है कि तेहरान अब टकराव खत्म कर समझौते की राह पर चलना चाहता है। उन्होंने खुलासा किया कि पिछले दो दिनों में दोनों पक्षों के बीच बेहद सकारात्मक और उत्पादक बातचीत हुई है, जिसके बाद उन्होंने ईरान के ऊर्जा ढांचे पर होने वाले संभावित हमलों को 5 दिनों के लिए टालने का आदेश दिया है।
ट्रंप के बड़े दावे और परमाणु कार्यक्रम पर रोक
संसद और मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए ट्रंप ने कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि बातचीत की पहल अमेरिका ने नहीं, बल्कि ईरान की ओर से की गई थी। ट्रंप के अनुसार, ईरान इस बात पर सहमत हो गया है कि वह भविष्य में कभी भी परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा। राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि समझौते के तहत अमेरिका ईरान के पास मौजूद संवर्धित यूरेनियम, जिसे उन्होंने 'न्यूक्लियर डस्ट' कहा, उसे अपने कब्जे में ले लेगा।
VIDEO | Florida, USA: President Donald Trump says, "... I am not a fan of what Russia is doing either, but its a lot different. You are talking about a country that has been evil for 47 years... Look at how they attacked all those countries unexpectedly. No one was thinking about… pic.twitter.com/vJepdJCkJr — Press Trust of India (@PTI_News) March 23, 2026
ईरान का पलटवार और प्रोपेगेंडा का आरोप
ट्रंप के इन दावों के कुछ ही घंटों बाद ईरान के विदेश मंत्रालय और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने आधिकारिक बयान जारी कर इन्हें पूरी तरह खारिज कर दिया। ईरान ने स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ न तो कोई सीधी बातचीत हुई है और न ही कोई समझौता। ईरानी मीडिया ने इसे ट्रंप की एक रणनीतिक चाल बताया है, जिसका उद्देश्य तेल की कीमतों को कम करना और अपनी सैन्य योजनाओं के लिए समय खरीदना है। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि उसके पावर प्लांट्स पर हमला हुआ, तो वह पूरे क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को स्थायी रूप से नष्ट कर देगा।
ऊर्जा ढांचे पर हमले का डर और कूटनीति
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अपने बिजली संयंत्रों को बचाने के लिए बातचीत की मेज पर आया है क्योंकि अमेरिका के पास ऐसी सैन्य क्षमता है जिससे ईरान के सबसे बड़े बिजली घरों को एक झटके में तबाह किया जा सकता है। इसी डर के कारण ईरान ने अपने रुख में नरमी दिखाई है। ट्रंप ने इस बातचीत में अपने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जारेड कुशनर की भूमिका का भी जिक्र किया है और इसे क्षेत्र में शांति स्थापित करने का एक बड़ा मौका बताया है।
ईरान में सत्ता परिवर्तन के संकेत और भविष्य की राह
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने संबोधन में ईरान के भीतर नेतृत्व संकट की ओर भी इशारा किया है। उनका कहना है कि युद्ध के कारण ईरान के कई शीर्ष नेता मारे जा चुके हैं और वहां का नेतृत्व फिलहाल बिखरा हुआ है। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका एक ऐसे नए नेतृत्व के साथ काम करने को तैयार है जो शांति और विशेष रूप से तेल व्यापार के हितों को प्राथमिकता दे। फिलहाल ट्रंप ने 5 दिनों का समय दिया है जिसे वे अंतिम अवसर बता रहे हैं, और पूरी दुनिया की नजरें अब इस समय सीमा पर टिकी हैं।