राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर बढ़ा संतों का आक्रोश, बोले- जल्द सामने आए सच्चाई, दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले पर संत समाज ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर जल्द कार्रवाई की मांग की है। जानिए साधु-संतों ने क्या कहा।
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026Editor
Jul 1, 2026 • 3:11 PM
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राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर बढ़ा संतों का आक्रोश, बोले- जल्द सामने आए सच्चाई, दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले पर संत समाज ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर जल्द कार्रवाई की मांग की है। जानिए साधु-संतों ने क्या कहा।
“राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर बढ़ा संतों का आक्रोश, बोले- जल्द सामने आए सच्चाई, दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई”
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01 July 2026
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राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर बढ़ा संतों का आक्रोश, बोले- जल्द सामने आए सच्चाई, दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले को लेकर संत समाज ने चिंता जताई है। साधु-संतों का कहना है कि यह केवल वित्तीय मामला नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है। इसलिए जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी होनी चाहिए तथा यदि किसी की जिम्मेदारी तय होती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
संतों का कहना है कि इस पूरे प्रकरण को लेकर देशभर के श्रद्धालुओं के मन में सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में जांच के निष्कर्ष जल्द सार्वजनिक किए जाने चाहिए ताकि लोगों का विश्वास बना रहे।
महंत धर्मदास बोले- मुख्यमंत्री खुद कर रहे हैं निगरानी
रामलला मामले के पूर्व पक्षकार महंत धर्मदास ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मामले पर स्वयं नजर बनाए हुए हैं। उनके अनुसार, जांच जिस दिशा में आगे बढ़ रही है, उससे उम्मीद है कि जल्द ही उचित निर्णय लिया जाएगा।
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महंत धर्मदास ने यह भी मांग की कि राम मंदिर की व्यवस्था साधु-संतों की भागीदारी के साथ संचालित हो, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही और मजबूत हो सके। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अयोध्या में धार्मिक व्यवस्थाओं की तुलना में व्यावसायिक गतिविधियों को अधिक बढ़ावा मिल रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ता है।
'एसआईटी जांच से जल्द साफ होगी तस्वीर'
महंत सीताराम दास महाराज ने कहा कि मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है और जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ रहे हैं। उनके मुताबिक, अगले कुछ दिनों में पूरे मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए सनातन समाज ने वर्षों तक संघर्ष किया है। ऐसे में जांच पूरी होने तक धैर्य बनाए रखना भी जरूरी है। हालांकि उन्होंने माना कि इस विवाद से श्रद्धालुओं की भावनाएं प्रभावित हुई हैं और सरकार को समय पर पूरी सच्चाई सार्वजनिक करनी चाहिए।
राजनीति से दूर रखने की अपील
महंत विष्णु दास ने इस मुद्दे पर हो रही राजनीतिक बयानबाजी पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि आस्था से जुड़े विषयों को राजनीतिक लाभ-हानि के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि जांच पूरी होने से पहले इस मामले को चुनावी मुद्दा बनाने से बचें और निष्पक्ष जांच प्रक्रिया को अपना काम करने दें।
श्रद्धालुओं के सवालों का भी जिक्र
वरुण दास महाराज ने कहा कि इस मामले के सामने आने के बाद देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु लगातार उनसे संपर्क कर रहे हैं और पूछ रहे हैं कि इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद ऐसी स्थिति कैसे पैदा हुई।
उन्होंने कहा कि जब श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान भी सुरक्षा नियमों का पालन करना पड़ता है, तब ऐसी खबरों का सामने आना स्वाभाविक रूप से लोगों के मन में सवाल खड़े करता है। उन्होंने दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की, ताकि मंदिर व्यवस्था पर लोगों का भरोसा बना रहे।
जांच पूरी होने का इंतजार
राम मंदिर चढ़ावा मामले में फिलहाल जांच जारी है। अब सभी की निगाहें एसआईटी की रिपोर्ट और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित अनियमितताओं के आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।
आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले में संत समाज की प्रमुख मांग यही है कि जांच निष्पक्ष हो, दोषियों को बख्शा न जाए और पूरे प्रकरण की सच्चाई सार्वजनिक की जाए, ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रहे।