3,500 घंटे की उड़ान, कारगिल युद्ध का अनुभव... जानिए कौन हैं भारतीय वायुसेना के नए वाइस चीफ आशुतोष दीक्षित
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने भारतीय वायुसेना के नए वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ का पदभार संभाल लिया है। जानिए उनके सैन्य करियर, प्रमुख अभियानों, सम्मान और नई जिम्मेदारी से जुड़ी अहम बातें।
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026Editor
Jul 1, 2026 • 2:30 PM
N
News TV India
BREAKING
News Tv India हिंदी
12 days ago
3,500 घंटे की उड़ान, कारगिल युद्ध का अनुभव... जानिए कौन हैं भारतीय वायुसेना के नए वाइस चीफ आशुतोष दीक्षित
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने भारतीय वायुसेना के नए वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ का पदभार संभाल लिया है। जानिए उनके सैन्य करियर, प्रमुख अभियानों, सम्मान और नई जिम्मेदारी से जुड़ी अहम बातें।
“3,500 घंटे की उड़ान, कारगिल युद्ध का अनुभव... जानिए कौन हैं भारतीय वायुसेना के नए वाइस चीफ आशुतोष दीक्षित”
News TV India
https://www.newstvindia.in/s/3b46aa
Date
01 July 2026
QR Code
https://www.newstvindia.in/s/3b46aa
भारतीय वायुसेना को मिला नया उप प्रमुख, कारगिल से ऑपरेशन सिंदूर तक का है शानदार सैन्य अनुभव
भारतीय वायुसेना में शीर्ष स्तर पर बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने 1 जुलाई को वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ (उप वायुसेनाध्यक्ष) का पदभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने एयर मार्शल नागेश कपूर का स्थान लिया, जो 30 जून 2026 को लगभग 40 वर्षों की सेवा पूरी करने के बाद सेवानिवृत्त हुए।
करीब चार दशक लंबे सैन्य करियर वाले एयर मार्शल दीक्षित को भारतीय वायुसेना के सबसे अनुभवी लड़ाकू पायलटों और रणनीतिक अधिकारियों में गिना जाता है। कारगिल युद्ध के दौरान ऑपरेशन सफेद सागर से लेकर हाल के ऑपरेशन सिंदूर तक कई अहम सैन्य अभियानों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है।
1986 में हुए थे वायुसेना में कमीशन
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था। उन्होंने अपने करियर के दौरान 3,500 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव हासिल किया है।
क्या आप WhatsApp पर न्यूज़ अपडेट पाना चाहते हैं?
WhatsApp पर ताज़ा और भरोसेमंद न्यूज़ अपडेट तुरंत पाएं। अभी जुड़ें और हर खबर सबसे पहले पढ़ें।
वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), बांग्लादेश स्थित डिफेंस स्टाफ सर्विसेज कॉलेज और राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के पूर्व छात्र हैं। उन्हें एक एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट और क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर के रूप में भी जाना जाता है।
कई प्रमुख लड़ाकू विमानों का उड़ाया जिम्मा
रक्षा मंत्रालय के अनुसार एयर मार्शल दीक्षित ने अपने सैन्य करियर में भारतीय वायुसेना के कई महत्वपूर्ण विमानों का संचालन किया है। इनमें मिराज-2000, मिग श्रृंखला के विभिन्न लड़ाकू विमान, जगुआर, तेजस, हॉक, किरण, एचपीटी-32, एएन-32, एवरो और आईएल-78 जैसे विमान शामिल हैं।
विविध प्रकार के विमानों पर उनकी विशेषज्ञता उन्हें भारतीय वायुसेना के सबसे अनुभवी फाइटर पायलटों में शामिल करती है।
कई अहम अभियानों में निभाई निर्णायक भूमिका
एयर मार्शल दीक्षित ने अनेक सैन्य अभियानों और संयुक्त अभ्यासों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। उनके प्रमुख अभियानों में शामिल हैं:
कारगिल युद्ध के दौरान ऑपरेशन सफेद सागर
ऑपरेशन रक्षक
कोप इंडिया सैन्य अभ्यास
हाल में संचालित ऑपरेशन सिंदूर
इन अभियानों के दौरान उनके नेतृत्व और रणनीतिक योगदान को भारतीय वायुसेना में विशेष रूप से सराहा गया।
कई महत्वपूर्ण पदों पर दे चुके हैं सेवाएं
नए वाइस चीफ बनने से पहले एयर मार्शल दीक्षित सेंट्रल एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (AOC-in-C) थे। इसके बाद उन्होंने मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ में चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ टू द चेयरमैन, चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के रूप में कार्य किया।
इस त्रि-सेवा जिम्मेदारी के दौरान उन्होंने सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच बेहतर समन्वय तथा संयुक्त सैन्य संचालन को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल कीं।
इसके अलावा उन्होंने डिप्टी चीफ ऑफ एयर स्टाफ, सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर, एयर डिफेंस कमांडर, सहायक वायु स्टाफ प्रमुख (प्रोजेक्ट्स एवं प्लान्स) और एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल में डायरेक्टिंग स्टाफ जैसे अनेक महत्वपूर्ण पदों पर भी सेवाएं दी हैं।
नंबर-9 स्क्वाड्रन को किया आधुनिक
कमांडिंग ऑफिसर के रूप में एयर मार्शल दीक्षित ने भारतीय वायुसेना की नंबर-9 स्क्वाड्रन को मिराज-2000 लड़ाकू विमानों से पुनः सुसज्जित करने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा उन्होंने पश्चिमी मोर्चे के एक अग्रिम एयरबेस और दक्षिण भारत के प्रमुख फाइटर ट्रेनिंग सेंटर का भी सफल नेतृत्व किया।
कई प्रतिष्ठित सैन्य सम्मानों से हो चुके हैं सम्मानित
राष्ट्र के प्रति उत्कृष्ट सेवाओं के लिए एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को समय-समय पर कई प्रतिष्ठित सैन्य अलंकरणों से सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें:
2006 में वायु सेना पदक (Vayu Sena Medal)
2011 में विशिष्ट सेवा पदक (VSM)
2023 में अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM)
2026 में परम विशिष्ट सेवा पदक (PVSM)
से सम्मानित किया गया।
वायुसेना के लिए क्यों अहम है यह नियुक्ति?
भारतीय वायुसेना ऐसे समय में आधुनिकीकरण, स्वदेशी रक्षा प्रणालियों के विस्तार और संयुक्त सैन्य अभियानों की क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दे रही है। ऐसे में व्यापक परिचालन अनुभव, रणनीतिक नेतृत्व और त्रि-सेवा समन्वय का अनुभव रखने वाले एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित की नियुक्ति को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि उनका अनुभव भविष्य में वायुसेना की परिचालन क्षमता, आधुनिक युद्धक रणनीति और संयुक्त सैन्य संचालन को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।