भारत-EU ट्रेड डील: 1.4 अरब भारतीयों के लिए खुलेंगे सुनहरे अवसर; PM मोदी बोले— 'यह विकसित भारत की नींव', पीयूष गोयल का कांग्रेस को करारा जवाब!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को 'परिवर्तनकारी' करार दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह समझौता न केवल भारतीय बाजारों का विस्तार करेगा, बल्कि देश के युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर भी पैदा करेगा।
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) को परिवर्तनकारी समझौता बताया। साथ ही कहा कि इससे देश के बाजारों का विस्तार होगा और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
प्रधानमंत्री कार्यकाल की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की गई पोस्ट में कहा गया कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ऐतिहासिक भारत-ईयू ट्रेड डील पर एक लेख लिखा है। यह समझौता पूरी तरह से विकसित भारत के विजन पर समर्पित है।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का सफल समापन वास्तव में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो यूपीए युग के विपरीत है, जहां समझौते जल्दबाजी में किए गए थे और भारत ने अकसर हासिल करने की तुलना में कहीं अधिक त्याग किया था।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौता हमारी अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों को मजबूत करेगा और समृद्धि को बढ़ावा देगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व और रणनीतिक दूरदर्शिता के मार्गदर्शन में हुए समझौते भारत के मूल हितों को प्राथमिकता देते हुए बाजारों का विस्तार करते हैं, रोजगार सृजित करते हैं और आर्थिक विकास को गति देते हैं।
इससे पहले, गोयल ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर कांग्रेस की आलोचना का कड़ा जवाब देते हुए कहा कि यह समझौता एकतरफा नहीं है, बल्कि पारस्परिक रूप से लाभकारी है जो भारत की आर्थिक वृद्धि को गति देगा और व्यवसायों एवं नागरिकों के लिए व्यापक अवसर खोलेगा।
प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, यह समझौता आर्थिक संबंधों को गहरा करेगा, हमारे लोगों के लिए अवसर पैदा करेगा और समृद्ध भविष्य के लिए भारत-यूरोप साझेदारी को मजबूत करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ यह ऐतिहासिक समझौता, जो भारत का अब तक का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता है, भारत की 1.4 अरब जनता के लिए महत्वपूर्ण लाभ लेकर आएगा। इससे हमारे किसानों और लघु उद्योगों के लिए यूरोपीय बाजारों तक पहुंच आसान हो जाएगी, विनिर्माण क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे और हमारे सेवा क्षेत्रों के बीच सहयोग मजबूत होगा।