Delhi Water Crisis: प्रचंड गर्मी से पहले डरा रही CAG की रिपोर्ट, दिल्ली का 55% ग्राउंड वाटर पीने लायक नहीं
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दिल्ली के भूजल के 55 प्रतिशत नमूने पीने योग्य नहीं पाए गए हैं। चिलचिलाती धूप और मार्च के बढ़ते तापमान के बीच यह रिपोर्ट राजधानी में गहरे पेयजल संकट और स्वास्थ्य संबंधी खतरों की ओर इशारा कर रही है।
नई दिल्ली: दिल्ली में मार्च के अंतिम सप्ताह से ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। ऐसे समय में जब लोग पानी की बढ़ती खपत के लिए तैयारी कर रहे हैं, 'दिल्ली जल बोर्ड के कामकाज' पर आई सीएजी की रिपोर्ट ने सनसनी मचा दी है। रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली का आधे से अधिक भूजल (Ground Water) मानव उपभोग के लिए असुरक्षित है।
CAG की रिपोर्ट के चौंकाने वाले आंकड़े और गुणवत्ता जांच
हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित सीएजी की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली जल बोर्ड की आठ क्षेत्रीय प्रयोगशालाओं ने वर्ष 2017-18 से 2021-22 के बीच भूजल की गुणवत्ता की जांच की। इस अवधि के दौरान कुल 16,234 नमूनों का परीक्षण किया गया जिसमें पाया गया कि 8,933 नमूने यानी करीब 55 प्रतिशत पानी पीने योग्य नहीं है। रिपोर्ट में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि जिन इलाकों में भूजल के सैंपल फेल हुए हैं, वहां से पानी की आपूर्ति करना जनता के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है।