बीएमसी चुनाव से पहले राजनीति गरमाई, निर्विरोध जीत पर रामदास आठवले का विपक्ष पर तीखा हमला

बीएमसी चुनाव से पहले 60 से ज्यादा उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने पर विवाद बढ़ गया है। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने महाविकास अघाड़ी के आरोपों को खारिज करते हुए महायुति की बड़ी जीत का दावा किया।

Jan 5, 2026 - 19:40
बीएमसी चुनाव से पहले राजनीति गरमाई, निर्विरोध जीत पर रामदास आठवले का विपक्ष पर तीखा हमला
बीएमसी चुनाव से पहले राजनीति गरमाई, निर्विरोध जीत पर रामदास आठवले का विपक्ष पर तीखा हमला

मुंबई : बीएमसी चुनाव से पहले महायुति के 60 से ज्यादा उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने को लेकर महाविकास अघाड़ी द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास आठवले ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। अठावले ने कहा कि महाविकास अघाड़ी का काम केवल सवाल उठाना रह गया है, जबकि महायुति सत्ता में बनी रहेगी।

आठवले ने आईएएनएस से बातचीत में स्पष्ट किया कि जिन सीटों पर केवल एक ही उम्मीदवार का नामांकन दाखिल हुआ है, वहां चुनाव आयोग को नियमों के तहत उस उम्मीदवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित करने का अधिकार है। कई स्थानों पर विपक्ष ने नामांकन ही दाखिल नहीं किया, इसलिए निर्विरोध जीत स्वाभाविक प्रक्रिया का हिस्सा है।

रामदास आठवले ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश लगातार आगे बढ़ रहा है और महाराष्ट्र में भी बेहतर विकास हो रहा है। यही कारण है कि जनता पीएम मोदी की पार्टी और उनके सहयोगियों के उम्मीदवारों को चुनना चाहती है। उन्होंने दोहराया कि महायुति किसी के खिलाफ नहीं है। सरकार पीएम मोदी के मूल संदेश “सबका साथ, सबका विकास” पर काम कर रही है।

एनसीपी नेता नवाब मलिक द्वारा उनकी पार्टी को ‘किंग मेकर’ बताए जाने पर अठावले ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि भाजपा, शिवसेना और आरपीआई मिलकर मजबूत बहुमत हासिल करेंगे।

उन्होंने दावा किया कि महायुति 150 से अधिक सीटें जीतेगी। आठवले ने बताया कि उनकी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया 12 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। हालांकि आरपीआई को सीधे तौर पर अभी कोई सीट नहीं मिली है, लेकिन एकनाथ शिंदे के कोटे से उनकी पार्टी के एक कार्यकर्ता ने जीत दर्ज की है। उन्होंने साफ कहा कि आरपीआई पूरी तरह महायुति के साथ है।

शिवसेना के एक नेता द्वारा महापौर को लेकर दिए गए बयान कि “वंदे मातरम कहने वाला नहीं होगा” पर प्रतिक्रिया देते हुए आठवले ने कहा कि इस तरह के बयान हिंदू और मुसलमानों के बीच फूट डालने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि मुसलमान समुदाय इस देश के नागरिक हैं और उनकी सुरक्षा सरकार का कर्तव्य है। अठावले ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर धर्म के कार्यक्रमों में शामिल होते हैं और सरकार की सभी योजनाओं का लाभ मुसलमान समुदाय को भी समान रूप से मिलता है।

दिल्ली दंगों के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि अदालत को अपने फैसले देने का पूरा अधिकार है और न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

वहीं, कांग्रेस नेताओं द्वारा यह कहे जाने पर कि आरोपियों को मुस्लिम होने की वजह से जमानत नहीं मिल रही और सुप्रीम कोर्ट सरकार के इशारे पर काम कर रहा है, इस पर आठवले ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि यह मामला धर्म का नहीं, बल्कि कानून का है। कांग्रेस का इस तरह का बयान देना पाकिस्तान का समर्थन करने जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा सरकार के खिलाफ बोलती रही है और उसकी यह भूमिका भारत विरोधी मानसिकता को दर्शाती है।

News Tv India हिंदी News Tv India डेस्क प्रतिष्ठित पत्रकारों की पहचान है। इससे कई पत्रकार देश-दुनिया, खेल और मनोरंजन जगत की खबरें साझा करते हैं।