मुजफ्फरपुर पुलिस का बड़ा एक्शन: 12 अपराधियों की संपत्ति जब्त करने की तैयारी, साइबर ठगी पर ऐसे कसेगा शिकंजा
मुजफ्फरपुर में अपराध से अर्जित संपत्ति पर पुलिस कार्रवाई तेज हो गई है। 12 अपराधियों की संपत्ति जब्ती का प्रस्ताव भेजा गया है। साइबर ठगी रोकने के लिए ‘साइबर मंगलवार’ अभियान भी चलेगा।
Minaxi Rathore Verified Public Figure • 11 Jul, 2026Journalist
मुजफ्फरपुर पुलिस का बड़ा एक्शन: 12 अपराधियों की संपत्ति जब्त करने की तैयारी, साइबर ठगी पर ऐसे कसेगा शिकंजा
मुजफ्फरपुर में अपराध से अर्जित संपत्ति पर पुलिस कार्रवाई तेज हो गई है। 12 अपराधियों की संपत्ति जब्ती का प्रस्ताव भेजा गया है। साइबर ठगी रोकने के लिए ‘साइबर मंगलवार’ अभियान भी चलेगा।
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19 August 2026
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मुजफ्फरपुर पुलिस का बड़ा एक्शन: 12 अपराधियों की संपत्ति जब्त करने की तैयारी, साइबर ठगी पर ऐसे कसेगा शिकंजा
मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर में अपराध और साइबर ठगी पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। गंभीर अपराधों के जरिए अर्जित की गई संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। पुलिस ने हत्या, लूट, रंगदारी, शराब तस्करी, नशीले पदार्थों के कारोबार और साइबर फ्रॉड से जुड़े अपराधियों को चिन्हित किया है।
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के मुताबिक, अब तक 12 अपराधियों की संपत्ति जब्ती का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। इनमें से सात मामलों में न्यायालय से आदेश भी मिल गया है। बाकी मामलों में प्रक्रिया जारी है।
पुलिस अगले एक सप्ताह में अन्य चिन्हित अपराधियों की सूची तैयार कर संपत्ति जब्ती का प्रस्ताव भेजने की तैयारी में है।
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गृह विभाग के निर्देश के बाद मुजफ्फरपुर पुलिस ने अपराध से अर्जित संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। पुलिस के अनुसार, गंभीर अपराधों में शामिल ऐसे लोगों की संपत्ति की पहचान की जा रही है, जिन पर अपराध के जरिए अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोप हैं।
एसएसपी ने बताया कि 12 मामलों में संपत्ति जब्ती का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। सात मामलों में अदालत का आदेश मिल गया है, जबकि अन्य मामलों में कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
मुजफ्फरपुर में साइबर अपराध भी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। एसएसपी के अनुसार, इस साल अब तक साइबर अपराध से जुड़े 128 मामले दर्ज किए गए हैं।
इन मामलों में पुलिस ने 19 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में पांच ऐसे लोग हैं, जो डिजिटल अरेस्ट के जरिए ठगी करते थे। चार आरोपी अंतरराज्यीय साइबर अपराध से जुड़े बताए गए हैं।
6.43 करोड़ रुपये की ठगी की रकम होल्ड
साइबर ठगी के मामलों में पुलिस ने पीड़ितों की रकम वापस कराने की दिशा में भी कार्रवाई की है। पुलिस के मुताबिक, अब तक करीब 6 करोड़ 43 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में होल्ड कराए गए हैं।
इनमें से 82 लाख 68 हजार रुपये पीड़ितों को वापस कराए जा चुके हैं।
इस कार्रवाई का मकसद ठगी के बाद रकम को दूसरे खातों में जाने से रोकना और पीड़ितों को आर्थिक राहत दिलाना है।
बिना FIR भी साइबर ठगी की रकम लौटाने की व्यवस्था
साइबर ठगी के पीड़ितों के लिए पुलिस ने एक और व्यवस्था शुरू की है। एसएसपी के मुताबिक, मुख्यालय के निर्देश पर MRA-M पोर्टल के जरिए बिना FIR दर्ज कराए भी साइबर ठगी की रकम वापस कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
इसके तहत अब तक 306 पीड़ितों को करीब 19 लाख 37 हजार रुपये वापस कराए जा चुके हैं।
हालांकि, कुछ मामलों में अदालत में बॉन्ड जमा कराने की प्रक्रिया पूरी होने के कारण रकम लौटाने में समय लग रहा है।
हर महीने दो मंगलवार चलेगा ‘साइबर मंगलवार’ अभियान
साइबर ठगी से बचाव के लिए मुजफ्फरपुर पुलिस अब जागरूकता अभियान को और व्यापक करने जा रही है। प्रत्येक महीने के दूसरे और चौथे मंगलवार को ‘साइबर मंगलवार’ के रूप में अभियान चलाया जा रहा है।
इस दौरान पुलिस अधिकारी स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों में जाकर लोगों को साइबर अपराध से बचने के तरीके बता रहे हैं।
अब इस अभियान को सिर्फ शहर और शिक्षण संस्थानों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। पुलिस इसे गांव और पंचायत स्तर तक ले जाने की तैयारी में है।
सहयोग शिविरों में भी पुलिस की ओर से स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां लोगों को साइबर ठगी और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने की जानकारी दी जाएगी।
स्कूल-कॉलेज भी करा सकेंगे साइबर जागरूकता कार्यक्रम
पुलिस के मुताबिक, निजी या सरकारी स्कूल-कॉलेज अपने संस्थान में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराना चाहते हैं तो साइबर थाने से संपर्क कर सकते हैं।
इस पहल का उद्देश्य खासतौर पर युवाओं और ग्रामीण इलाकों के लोगों को डिजिटल फ्रॉड के नए तरीकों के बारे में जागरूक करना है।
सहयोग पोर्टल पर 864 में से 814 शिकायतों का निपटारा
पुलिस की ओर से संचालित सहयोग पोर्टल पर भी शिकायतों के निपटारे की जानकारी दी गई है। पुलिस के अनुसार, पोर्टल पर कुल 864 मामले प्राप्त हुए, जिनमें से 814 शिकायतों का समय सीमा के भीतर निष्पादन किया जा चुका है।
इसके अलावा जिले में पुलिस बल को मजबूत करने की प्रक्रिया भी जारी है।
694 नए सिपाहियों में 682 ने किया योगदान
मुजफ्फरपुर जिले में पुलिस बल बढ़ाने के लिए 694 नए सिपाहियों की तैनाती हुई है। इनमें से 682 सिपाहियों ने योगदान दे दिया है।
इन नए जवानों को अररिया, बेगूसराय समेत अलग-अलग प्रशिक्षण केंद्रों में भेजा जा रहा है। वहीं, सीतामढ़ी जिला बल के 273 सिपाहियों का मुजफ्फरपुर में प्रशिक्षण भी इसी सप्ताह शुरू हुआ है।
क्या है पुलिस की आगे की रणनीति?
मुजफ्फरपुर पुलिस की कार्रवाई से साफ है कि फोकस एक साथ दो मोर्चों पर है। एक तरफ गंभीर अपराधों से अर्जित संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है, वहीं दूसरी ओर साइबर ठगी के मामलों में गिरफ्तारी, रकम होल्ड कराने और जागरूकता अभियान पर जोर दिया जा रहा है।
आने वाले दिनों में चिन्हित अपराधियों की संख्या और संपत्ति जब्ती की कार्रवाई बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही ‘साइबर मंगलवार’ अभियान को पंचायत स्तर तक ले जाने से ग्रामीण इलाकों में साइबर ठगी के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर पुलिस का जोर रहेगा।