Punjab News: आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी राहत, पंजाब विधानसभा ने पास किया Contractual Engagement Bill
Punjab News: पंजाब विधानसभा ने आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधे सरकारी कॉन्ट्रैक्ट में लाने से जुड़ा बिल पास किया। पहले चरण में 26 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
Punjab News: कर्मचारियों के कल्याण और अधिकारों के लिए लिए गए ऐतिहासिक फैसले में पंजाब विधान सभा ने आज ‘पंजाब स्टेट आउटसोर्सड पर्सनल (ट्रांज़िशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट) बिल-2026’ को सर्वसम्मति से पारित कर दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सरकारी रोजगार में ठेकेदारी आउटसोर्सिंग की दशकों पुरानी व्यवस्था का अंत करते हुए कर्मचारियों के शोषण को समाप्त करने की घोषणा की।
आउटसोर्सिंग एजेंसियों द्वारा वसूला जाने वाला 15 से 22 प्रतिशत कमीशन अब उनकी कमाई में से न काटा जाए
यह ऐतिहासिक कानून निजी ठेकेदारों की भूमिका को समाप्त करेगा, पहले चरण में 26,000 से 28,000 आउटसोर्स कर्मचारियों को सरकार में सीधे अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) के तहत लाएगा और पात्र कर्मियों को पी.एफ. (प्रोविडेंट फंड), ग्रेच्युटी, ई.एस.आई., मैटरनिटी लीव और आकस्मिक अवकाश के लाभ देगा। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि आउटसोर्सिंग एजेंसियों द्वारा वसूला जाने वाला 15 से 22 प्रतिशत कमीशन अब उनकी कमाई में से न काटा जाए।
विधान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “‘पंजाब स्टेट आउटसोर्सड परसोनल (ट्रांज़िशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट) बिल-2026’ कर्मचारियों के पक्ष में लिया गया ऐतिहासिक फैसला है। यह कर्मचारियों के कल्याण और अधिकारों के लिए पंजाब के इतिहास में सबसे बड़े फैसलों में से एक है। आज से पंजाब में आउटसोर्सिंग प्रथा की दशकों पुरानी व्यवस्था समाप्त हो जाएगी। सरकारी रोजगार में निजी ठेकेदारों की भूमिका समाप्त हो जाएगी, जिससे सरकार और कामगारों के बीच सीधा संबंध स्थापित होगा।”
आउटसोर्स कर्मियों के योगदान का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब में हजारों आउटसोर्स ठेका कर्मचारियों ने प्रदेश की सेवा के लिए अपने जीवन के कई साल लगा दिए हैं। इन कर्मियों ने पंजाब की प्रगति, समृद्धि और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को जरूरतमंदों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हालांकि, आउटसोर्सिंग के कारण बनी अनिश्चितता के कारण हमेशा कर्मियों के सिर पर तलवार की तरह लटकी रहती थी, जिससे उनकी नौकरी और जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ता था।”
उन्होंने जोर देकर कहा, “आज ‘आप’ सरकार ने इन कर्मियों को वह अधिकार दिया है, जिसके वे सचमुच हकदार थे। ये कर्मचारी अब ‘आउटसोर्सड’ नहीं रहेंगे; बल्कि सरकार के ‘इन-सोर्सड’ कर्मचारी बन जाएंगे, जिसका मतलब है कि वे सरकार के परिवार के सदस्य बन जाएंगे।”
बिल को ठेकेदारी लूट-खसूट को समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह ठेकेदारी प्रणाली सेवा के रूप में मानव शोषण का अंत करेगी। सरकारी विभागों और सरकारी नियंत्रण वाले संस्थानों में काम करने वाले पात्र आउटसोर्स कर्मचारियों को सरकार द्वारा सीधे अनुबंध के तहत लाया जाएगा।”
उन्होंने बताया, “यह बिल ग्रुप-सी और ग्रुप-डी श्रेणियों के पात्र आउटसोर्स कर्मचारियों पर लागू होगा, जो आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं में लगे हैं और निर्धारित योग्यता शर्तों को पूरा करते हैं। पहले चरण में लगभग 26,000 से 28,000 आउटसोर्स कर्मचारियों को तुरंत इस पहल का लाभ मिलेगा।”