राम मंदिर चढ़ावा मामला: CM योगी का विपक्ष पर पलटवार, बोले- सबूत हैं तो SIT को दें, आस्था से खिलवाड़ न करें
राम मंदिर चढ़ावा मामला (Ram Mandir Donation Case) पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास कोई ठोस सबूत है तो उसे एसआईटी को सौंपे, बिना प्रमाण रामभक्तों की आस्था से खिलवाड़ न करें।
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026Editor
Jun 26, 2026 • 2:02 PM | देवरिया
N
News TV India
BREAKING
News Tv India हिंदी
2 hours ago
राम मंदिर चढ़ावा मामला: CM योगी का विपक्ष पर पलटवार, बोले- सबूत हैं तो SIT को दें, आस्था से खिलवाड़ न करें
राम मंदिर चढ़ावा मामला (Ram Mandir Donation Case) पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास कोई ठोस सबूत है तो उसे एसआईटी को सौंपे, बिना प्रमाण रामभक्तों की आस्था से खिलवाड़ न करें।
Full Story: https://www.newstvindia.in/s/029c9f
https://www.newstvindia.in/s/029c9f
Copied
राम मंदिर चढ़ावा मामला: CM योगी का विपक्ष पर पलटवार, बोले- सबूत हैं तो SIT को दें, आस्था से खिलवाड़ न करें
देवरिया:राम मंदिर चढ़ावा मामला (Ram Mandir Donation Case) को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही विपक्ष से अपील की कि बिना सबूत आरोप लगाने के बजाय यदि किसी के पास ठोस प्रमाण हैं तो उन्हें विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंपा जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामभक्तों की आस्था को राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए और इस संवेदनशील मामले में अनावश्यक बयानबाजी से बचना चाहिए।
शुरुआती रिपोर्ट मिलते ही हुई कार्रवाई
देवरिया में 456 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने पहले ही दिन साफ कर दिया था कि इस मामले में "दूध का दूध और पानी का पानी" किया जाएगा।
क्या आप WhatsApp पर न्यूज़ अपडेट पाना चाहते हैं?
WhatsApp पर ताज़ा और भरोसेमंद न्यूज़ अपडेट तुरंत पाएं। अभी जुड़ें और हर खबर सबसे पहले पढ़ें।
उन्होंने बताया कि 19 जून को अयोध्या दौरे के दौरान भी उन्होंने जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया था। अब एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने के बाद पहली एफआईआर दर्ज कर ली गई है और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
'आस्था पर राजनीति नहीं होनी चाहिए'
राम मंदिर चढ़ावा मामला (Ram Mandir Donation Case) पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे पवित्र स्थल को लेकर बिना तथ्यों के आरोप लगाना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम मर्यादा के प्रतीक हैं और सभी को उनके आदर्शों का पालन करना चाहिए। सरकार दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगी, लेकिन किसी भी व्यक्ति को बिना जांच और प्रमाण के दोषी ठहराना सही नहीं है।
सबूत हैं तो एसआईटी को सौंपें
मुख्यमंत्री ने विपक्ष से सीधी अपील करते हुए कहा कि यदि किसी के पास इस मामले से जुड़े ठोस साक्ष्य हैं, तो उन्हें मीडिया या सार्वजनिक मंचों पर बयान देने के बजाय एसआईटी के सामने प्रस्तुत करना चाहिए।
उन्होंने दोहराया कि सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ जांच करा रही है और किसी भी दोषी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा।
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि आज जो दल भगवान राम और अयोध्या की बात कर रहे हैं, वही पहले राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे और राम मंदिर निर्माण का विरोध करते रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों ने वर्षों तक "जय श्रीराम" के उद्घोष तक पर आपत्ति जताई और धार्मिक आयोजनों में बाधाएं खड़ी कीं। अब वही दल आस्था की बात कर रहे हैं, जो जनता सब देख रही है।
बिना नाम लिए केजरीवाल पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बिना नाम लिए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता ने वर्षों तक एक व्यक्ति को मौका दिया, लेकिन राजधानी को भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं मिला। यदि उसी तरह विकास कार्य किए गए होते, जैसे डबल इंजन सरकार ने अयोध्या में किए हैं, तो दिल्ली भी आज विकास का नया मॉडल बन सकती थी।
निष्पक्ष जांच का दिया भरोसा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा पूरी तरह साफ है और राम मंदिर चढ़ावा मामला (Ram Mandir Donation Case) की जांच पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ रही है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि इस संवेदनशील विषय पर तथ्यों के आधार पर ही बयान दें और करोड़ों रामभक्तों की आस्था का सम्मान करें।