सीएम योगी ने 77वें गणतंत्र दिवस पर फहराया तिरंगा; संविधान के प्रति निष्ठा का दिया संदेश

लखनऊ में 77वें गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ध्वजारोहण किया। उन्होंने नागरिकों से संविधान के मूल भाव के प्रति समर्पित रहने और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का सम्मान करने का आह्वान किया।

Jan 26, 2026 - 12:10
सीएम योगी ने 77वें गणतंत्र दिवस पर फहराया तिरंगा; संविधान के प्रति निष्ठा का दिया संदेश
सीएम योगी ने 77वें गणतंत्र दिवस पर फहराया तिरंगा; संविधान के प्रति निष्ठा का दिया संदेश

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर अपने सरकारी आवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और देशवासियों को संविधान के मूल भाव के प्रति निष्ठा रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संविधान की आत्मा का किसी भी तरह से अनादर करना उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान है, जिन्होंने भारत की आजादी के लिए संघर्ष किया और बलिदान दिया।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राष्ट्र के निर्माताओं और वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा, "मैं डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. भीमराव आंबेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल और सुभाष चंद्र बोस को सादर नमन करता हूं। साथ ही, स्वतंत्र भारत की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले सभी ज्ञात और अज्ञात वीरों को भी मेरी विनम्र श्रद्धांजलि। मैं उनके त्याग और बलिदान के सामने नतमस्तक हूं।"

संविधान के महत्व पर बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि भारत को 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता मिली, लेकिन देश का संविधान बाद में बना। उन्होंने बताया कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में देश ने अपना संविधान तैयार किया, जो हर परिस्थिति में राष्ट्र का मार्गदर्शन करता रहा है। हर भारतीय नागरिक का कर्तव्य है कि वह संविधान के प्रति पूरी आस्था, सम्मान और समर्पण के साथ काम करे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संवैधानिक मूल्यों के प्रति समर्पण ही देश के प्रति नागरिकों की सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जब हम संविधान के मूल सिद्धांतों और उसकी भावना का पालन करते हैं, तब हम वास्तव में उन महान सपूतों को सम्मान देते हैं, जिनके बलिदान से एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र की नींव पड़ी।

नागरिकों की भूमिका पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि संविधान का असली रक्षक देश का नागरिक है। जब भी हम संविधान की मूल भावना का अनादर करते हैं, तो यह सीधे-सीधे उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान होता है जिन्होंने देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी।

मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 26 जनवरी के दिन 1950 में भारत का संविधान लागू हुआ और देश एक संप्रभु, लोकतांत्रिक, और गणराज्य बना। आजादी के बाद कुछ समय तक देश में ब्रिटिश काल के 1935 के गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट और कॉमन लॉ सिस्टम के तहत कानून चलते रहे।

स्वतंत्रता के लगभग दो सप्ताह बाद संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए एक ड्राफ्टिंग कमेटी बनाई गई, जिसके अध्यक्ष डॉ. भीमराव आंबेडकर थे। लंबी चर्चा और विचार-विमर्श के बाद 26 नवंबर 1949 को संविधान को अपनाया गया, जिसे आज 'संविधान दिवस' के रूप में मनाया जाता है। 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हुआ और भारत ने औपचारिक रूप से एक लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में अपनी पहचान स्थापित की।

News Tv India हिंदी News Tv India डेस्क प्रतिष्ठित पत्रकारों की पहचान है। इससे कई पत्रकार देश-दुनिया, खेल और मनोरंजन जगत की खबरें साझा करते हैं।