उद्धव ठाकरे ने बुलाई इमरजेंसी बैठक, 4 विधायक रहे गायब; 'ऑपरेशन टाइगर' के बीच महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ी हलचल
मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी छोड़ने की अटकलों के बीच विधायकों की आपात बैठक बुलाई। 26 में से 22 विधायक शामिल हुए, जबकि चार विधायक अनुपस्थित रहे। बैठक में सरकार को आक्रामक तरीके से घेरने की रणनीति बनाई गई।
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026Editor
Jun 23, 2026 • 7:01 AM | मुंबई
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उद्धव ठाकरे ने बुलाई इमरजेंसी बैठक, 4 विधायक रहे गायब; 'ऑपरेशन टाइगर' के बीच महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ी हलचल
मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी छोड़ने की अटकलों के बीच विधायकों की आपात बैठक बुलाई। 26 में से 22 विधायक शामिल हुए, जबकि चार विधायक अनुपस्थित रहे। बैठक में सरकार को आक्रामक तरीके से घेरने की रणनीति बनाई गई।
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उद्धव ठाकरे ने बुलाई इमरजेंसी बैठक, 4 विधायक रहे गायब; 'ऑपरेशन टाइगर' के बीच महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ी हलचल
मुंबई : महाराष्ट्र की राजनीति में जारी उठापटक और पार्टी छोड़ने की चर्चाओं के बीच शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सोमवार को अपने विधायकों की आपात बैठक बुलाई। विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ आयोजित इस बैठक का उद्देश्य पार्टी में एकजुटता का संदेश देना और विपक्ष की रणनीति तय करना था। इस दौरान 26 में से 22 विधायक बैठक में मौजूद रहे, जबकि चार विधायक इसमें शामिल नहीं हो सके।
'ऑपरेशन टाइगर' की चर्चाओं के बीच बुलाई गई बैठक
यह बैठक ऐसे समय में हुई जब महाराष्ट्र की राजनीति में कथित 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर हलचल तेज है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि एकनाथ शिंदे गुट शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं और सांसदों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश में जुटा है। इसी बीच उद्धव ठाकरे ने पार्टी के विधायकों के साथ बैठक कर संगठन को मजबूत रखने का संदेश दिया।
बैठक करीब एक घंटे तक चली। इसके बाद सभी मौजूद विधायकों ने उद्धव ठाकरे के साथ सामूहिक तस्वीर खिंचवाई, जिसे पार्टी की एकजुटता के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
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बैठक में 20 विधायकों और छह विधान परिषद सदस्यों समेत कुल 26 जनप्रतिनिधियों को बुलाया गया था। इनमें से 22 सदस्य मौजूद रहे, जबकि विधायक संजय देरकर, राहुल पाटिल, संजय पोटनिस और विधान परिषद सदस्य सुनील शिंदे बैठक में शामिल नहीं हुए।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इन नेताओं ने पहले ही अपनी अनुपस्थिति की जानकारी नेतृत्व को दे दी थी। बताया गया कि निजी कार्यक्रमों, धार्मिक आयोजनों और अन्य पूर्व निर्धारित व्यस्तताओं के कारण वे बैठक में नहीं पहुंच सके। पार्टी नेतृत्व ने उनकी गैरमौजूदगी को किसी राजनीतिक संकेत के तौर पर देखने से इनकार किया है।
बैठक के दौरान उद्धव ठाकरे ने अपने विधायकों को विधानसभा के भीतर आक्रामक और संगठित तरीके से विपक्ष की भूमिका निभाने का निर्देश दिया। उन्होंने जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और सरकार को जवाबदेह बनाने पर जोर दिया।
बैठक के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधान परिषद सदस्य अंबादास दानवे ने कहा कि पार्टी किसानों की समस्याओं, विदर्भ और मराठवाड़ा में पानी के संकट तथा मुंबई से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को सदन में मजबूती के साथ उठाएगी। उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता के मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए पूरी तरह तैयार है।
बागी सांसदों के क्षेत्रों में सक्रिय रहने के निर्देश
सूत्रों के अनुसार, उद्धव ठाकरे ने पार्टी के विधायकों और विधान परिषद सदस्यों को उन संसदीय क्षेत्रों में भी सक्रिय रहने को कहा है, जहां से कुछ सांसदों के शिंदे गुट में जाने की चर्चा चल रही है। पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
पिछले दिनों दिल्ली में हुई पार्टी की संसदीय बैठक के बाद राजनीतिक अटकलें तेज हो गई थीं। इसके बाद से लगातार शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं की ओर से पार्टी में किसी तरह की टूट की संभावना से इनकार किया जा रहा है।
आदित्य ठाकरे और संजय राउत ने साधा निशाना
पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार विकास और जनहित के मुद्दों के बजाय राजनीतिक जोड़-तोड़ में अधिक व्यस्त है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
वहीं, शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने भी पार्टी में टूट की खबरों को पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने कहा कि पार्टी के सांसद और विधायक मजबूती के साथ उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में एकजुट हैं।
उधर, उद्धव ठाकरे ने 27 से 29 जून तक तीन दिवसीय दौरे की घोषणा की है। इस दौरान वह उन क्षेत्रों का दौरा करेंगे, जहां से पार्टी के कुछ सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने की खबरें सामने आई हैं। माना जा रहा है कि इस दौरे के जरिए वह कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने और संगठन को और मजबूत करने की कोशिश करेंगे।