Jammu Kashmir News: बाल जारलान गांव में बैंकिंग क्रांति, NRLM योजना से ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के बाल जारलान गांव में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत शुरू हुई बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट यूनिट ने बैंकिंग सेवाओं को लोगों के घर तक पहुंचा दिया है। अब ग्रामीणों को खाता, पेंशन, एफडी और डिजिटल बैंकिंग जैसी सुविधाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ता।
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026Editor
Jun 25, 2026 • 10:34 PM | राजौरी
N
News TV India
BREAKING
News Tv India हिंदी
2 hours ago
Jammu Kashmir News: बाल जारलान गांव में बैंकिंग क्रांति, NRLM योजना से ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के बाल जारलान गांव में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत शुरू हुई बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट यूनिट ने बैंकिंग सेवाओं को लोगों के घर तक पहुंचा दिया है। अब ग्रामीणों को खाता, पेंशन, एफडी और डिजिटल बैंकिंग जैसी सुविधाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ता।
Full Story: https://www.newstvindia.in/s/ec1f33
https://www.newstvindia.in/s/ec1f33
Copied
Jammu Kashmir News: बाल जारलान गांव में बैंकिंग क्रांति, NRLM योजना से ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले का दूरस्थ गांव बाल जारलान कभी उन इलाकों में गिना जाता था, जहां बैंकिंग सुविधाओं तक पहुंच एक बड़ी चुनौती थी। ग्रामीणों को छोटी-छोटी बैंकिंग जरूरतों के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता था। लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। केंद्र सरकार की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM - National Rural Livelihood Mission) योजना ने इस गांव में वित्तीय सेवाओं की नई तस्वीर पेश की है।
आज बाल जारलान गांव में बैंकिंग सुविधाएं लोगों के दरवाजे तक पहुंच रही हैं, जिससे ग्रामीणों का समय, पैसा और मेहनत तीनों की बचत हो रही है।
बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट यूनिट बनी बदलाव की वजह
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM - National Rural Livelihood Mission) के तहत जम्मू-कश्मीर बैंक के सहयोग से गांव में एक बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट (बीसी) यूनिट स्थापित की गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन ग्रामीणों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाना है, जो लंबे समय से औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से दूर थे।
क्या आप WhatsApp पर न्यूज़ अपडेट पाना चाहते हैं?
WhatsApp पर ताज़ा और भरोसेमंद न्यूज़ अपडेट तुरंत पाएं। अभी जुड़ें और हर खबर सबसे पहले पढ़ें।
बीसी यूनिट ग्रामीणों को कई महत्वपूर्ण सेवाएं उपलब्ध करा रही है। इनमें नया बैंक खाता खोलना, नकद जमा और निकासी, सरकारी योजनाओं से जुड़े भुगतान, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ और डिजिटल बैंकिंग सेवाएं शामिल हैं।
इस सुविधा ने खासतौर पर बुजुर्गों, महिलाओं, छात्रों, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के सदस्यों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत दी है।
गांव के निवासी मोहम्मद नियाज बताते हैं कि कुछ वर्ष पहले तक बैंकिंग कार्यों के लिए काफी दूर जाना पड़ता था। इससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती थी। लेकिन अब गांव में ही बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध होने से जीवन काफी आसान हो गया है।
उन्होंने कहा कि बीसी सेंटर के माध्यम से सप्ताहांत में भी कई जरूरी सेवाएं मिल जाती हैं, जिससे लोगों को अतिरिक्त सुविधा मिल रही है।
महिलाओं को भी मिला बड़ा लाभ
गांव की महिला लाभार्थी नाजिम अख्तर का कहना है कि पहले बैंकिंग सेवाओं के लिए शहरी क्षेत्रों का रुख करना पड़ता था। यहां तक कि फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) जैसी सामान्य सेवाओं के लिए भी लंबा सफर तय करना पड़ता था।
अब बैंक खाता खोलने से लेकर एफडी, पेंशन, बीमा और अन्य वित्तीय सेवाएं गांव में ही उपलब्ध हैं। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ी है और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।
वित्तीय समावेशन को मिली मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM - National Rural Livelihood Mission) केवल बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को मजबूत करने का भी माध्यम बन रहा है।
बैंकिंग सेवाओं तक आसान पहुंच मिलने से ग्रामीण अब बचत, निवेश और सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी तरीके से उठा पा रहे हैं। इससे आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है।
रोजगार के नए अवसर भी बने
इस पहल का एक महत्वपूर्ण पहलू रोजगार सृजन भी है। बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट यूनिट का संचालन स्वयं सहायता समूहों से जुड़े स्थानीय सदस्य कर रहे हैं। इससे गांव के लोगों को आय का एक स्थायी स्रोत मिला है।
कार्यक्रम प्रबंधक कामरान हनी के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य केवल बैंकिंग सुविधाएं देना नहीं बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार और आर्थिक अवसरों से जोड़ना भी है।
उन्होंने बताया कि बीसी यूनिट के माध्यम से लोगों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों का लाभ घर के पास ही उपलब्ध कराया जा रहा है।
डिजिटल इंडिया की सफलता का उदाहरण
बाल जारलान गांव में शुरू की गई यह पहल डिजिटल इंडिया (Digital India) और वित्तीय समावेशन की दिशा में एक सफल मॉडल बनकर उभर रही है। डिजिटल तकनीक और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सेवाओं के संयोजन ने ग्रामीण जीवन को काफी आसान बनाया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी मॉडल को अन्य दूरदराज के गांवों में भी प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, तो देश के लाखों ग्रामीण परिवारों को लाभ मिल सकता है।
क्या है एनआरएलएम योजना?
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM - National Rural Livelihood Mission) केंद्र सरकार का एक प्रमुख गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संगठित करना और उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ना है।
इस योजना के जरिए ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने, आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने और उन्हें गरीबी से बाहर निकालने का प्रयास किया जाता है।
बाल जारलान गांव की सफलता यह साबित करती है कि सही योजना, स्थानीय भागीदारी और तकनीक के बेहतर उपयोग से दूरस्थ क्षेत्रों में भी विकास की नई कहानी लिखी जा सकती है। यहां के ग्रामीणों के लिए बैंकिंग सुविधा अब कोई दूर का सपना नहीं, बल्कि उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है।