मजीठा में गरजे भगवंत मान, 2027 चुनाव के लिए 'आप' उम्मीदवार का किया ऐलान; अकालियों और SGPC पर दागे तीखे सवाल
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मजीठा में 23 लिंक सड़कों का नींव पत्थर रखा। उन्होंने तलबीर सिंह गिल को 2027 का उम्मीदवार घोषित करते हुए कहा कि बादल और मजीठिया परिवार का डर अब खत्म हो गया है। साथ ही SGPC और बेअदबी के मुद्दों पर अकालियों को घेरा।
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026Editor
Jan 19, 2026 • 7:42 PM
N
News TV India
BREAKING
News Tv India हिंदी
4 months ago
मजीठा में गरजे भगवंत मान, 2027 चुनाव के लिए 'आप' उम्मीदवार का किया ऐलान; अकालियों और SGPC पर दागे तीखे सवाल
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मजीठा में 23 लिंक सड़कों का नींव पत्थर रखा। उन्होंने तलबीर सिंह गिल को 2027 का उम्मीदवार घोषित करते हुए कहा कि बादल और मजीठिया परिवार का डर अब खत्म हो गया है। साथ ही SGPC और बेअदबी के मुद्दों पर अकालियों को घेरा।
Full Story: https://www.newstvindia.in/bhagwant-mann-in-majitha-announces-aap-candidate-for-2027-election-sharp-questions-on-akalis-and-sgpc
मजीठा में गरजे भगवंत मान, 2027 चुनाव के लिए 'आप' उम्मीदवार का किया ऐलान; अकालियों और SGPC पर दागे तीखे सवाल
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यहां मजीठा में राज्य स्तरीय समागम के दौरान 23 ग्रामीण लिंक सड़कों का नींव पत्थर रखते हुए घोषणा की कि पंजाब में डर का दौर, “परची का दौर” (जबरन वसूली) और अकालियों की धक्केशाही का दौर खत्म हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के लोगों ने डराने-धमकाने वाली राजनीति को पूरी तरह नकार दिया है और विकास, जवाबदेही तथा लोक कल्याण पर केंद्रित मॉडल को अपनाया है।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि अकालियों की सत्ता में वापसी का मतलब बेअदबियों और निर्दोष लोगों पर गोलीबारी की ओर वापसी होगी। उन्होंने जलियांवाला बाग नरसंहार के बाद जनरल डायर को रात के खाने पर मेहमान बनाने को राज्य के प्रति विश्वासघात बताया, जिसे पंजाब के लोग कभी नहीं भूलेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि धार्मिक संस्थाओं को गुरु साहिब की सेवा करनी चाहिए, न कि किसी राजनीतिक परिवार का पक्ष पूरा करना चाहिए। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि मुफ्त बिजली, सड़कों का नवीनीकरण और लोक पक्षी प्रशासन ने सड़ी राजनीति की जगह ले ली है, जिससे मजीठिया में 11.32 करोड़ रुपए की लागत वाले प्रोजेक्ट्स से विकास के एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है।
मजीठा में 23 नई ग्रामीण लिंक सड़कों का नींव पत्थर रखने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पहले यह इलाका लगातार डर के साये में रहता था। इस क्षेत्र के खुद को ‘जरनैल’ बताने वाले व्यक्ति ने आम लोगों के खिलाफ झूठे केसों को हथियार की तरह इस्तेमाल किया। कांग्रेस और अकाली, दोनों सरकारों की आपसी मिलीभगत से दहशत भरे राज की शुरुआत हुई और लोग सरकार के खिलाफ बोलने से डरते थे।” उन्होंने कहा कि यह डर अब पूरी तरह खत्म हो गया है क्योंकि अब लोगों का राज है और उन्होंने ऐसी संकीर्ण राजनीति को निर्णायक तौर पर राज्य से बाहर का रास्ता दिखाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों ने मजीठिया और बादल परिवारों द्वारा चलाई जा रही डराने-धमकाने वाली राजनीति को दरकिनार करके एक नया रास्ता चुना है। उन्होंने कहा, “यही मजीठा इलाका कभी उन लोगों के कब्जे में था जिन्होंने 1919 में जलियांवाला बाग नरसंहार वाले दिन जनरल डायर को रात के खाने पर बुलाया था। ऐसे विश्वासघात भरे गुनाहों को कभी नहीं भुलाया जा सकता। पंजाब के लोग उन लोगों को कभी माफ नहीं करेंगे जिनके हाथ मासूम लोगों के खून से रंगे हुए थे।”
क्या आप WhatsApp पर न्यूज़ अपडेट पाना चाहते हैं?
WhatsApp पर ताज़ा और भरोसेमंद न्यूज़ अपडेट तुरंत पाएं। अभी जुड़ें और हर खबर सबसे पहले पढ़ें।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने चेतावनी दी कि अकाली दल को सत्ता में वापस लाना पंजाब को अंधेरे युग में वापस धकेलने के बराबर होगा। उन्होंने कहा, “इसका मतलब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की दोबारा ‘बेअदबी’, निर्दोष प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी और आम लोगों के खिलाफ अत्याचार की ओर बढ़ना होगा।”
उन्होंने आगे कहा कि अकालियों और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एस.जी.पी.सी.) के बुरे कामों के कारण ही राज्य सरकार को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के लापता 328 सरूपों की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एस.आई.टी.) गठित करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा, “हमारा एकमात्र उद्देश्य गुम हुए सरूपों का पता लगाना है। हमारा धार्मिक संस्थाओं में दखल देने का कोई इरादा नहीं है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपनी मूल जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित करने की बजाय एस.जी.पी.सी. प्रमुख राजनीतिक रैलियों के प्रबंध में व्यस्त रहे। उन्होंने कहा, “खुद को श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के सच्चे सिपाही कहने की बजाय, वे गर्व से खुद को सुखबीर सिंह बादल का सिपाही कहते हैं। ऐसे व्यक्ति से भलाई की क्या उम्मीद की जा सकती है, जो किसी ऐसे व्यक्ति की सेवा करने पर गर्व करता है जिसने अपनी हरकतों से पंजाब को बर्बाद कर दिया हो।”
मुख्यमंत्री ने श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता का जिक्र करते हुए कहा, “श्री अकाल तख्त साहिब हम सब से ऊपर हैं। इसी लिए मैं भारत के राष्ट्रपति के समागम में शामिल होने की बजाय तख्त साहिब के आगे पेश हुआ।” उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के उलट, अकालियों ने बार-बार श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को ठेस पहुंचाई। उन्होंने कहा, “जत्थेदारों को अपनी मर्जी से नियुक्त किया और पद से हटाया, जिससे इन संस्थाओं की पवित्रता को भारी चोट पहुंची है।” उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि कांग्रेस नेता लगातार हारों का सामना करने के बाद अपना राजनीतिक संतुलन खो चुके हैं।
मजीठा से एक बड़ा ऐलान करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि 2027 की विधानसभा चुनावों में मजीठा से आप नेता तलबीर सिंह गिल आप के उम्मीदवार होंगे। उन्होंने कहा, “समय आ गया है कि मजीठा के लोग मांग पत्र सौंपने से आगे बढ़कर खुद फैसले लेना शुरू कर दें।” भगवंत सिंह मान ने कहा, “आप एक नई राजनीति का प्रतिनिधित्व करती है जहां लोग सत्ता के आगे याचिकाकर्ता नहीं होते बल्कि प्रशासन में भागीदार बनते हैं।” उन्होंने कहा कि वे मजीठा में ऐसा प्रतिनिधि भेजेंगे जो फैसला लेने, विकास और जवाबदेही में विश्वास रखता है, डराने-धमकाने और लोगों के हकों पर डाका मारने में नहीं।
अपनी सरकार की लोक-पक्षी पहलों को उजागर करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मार्च 2022 में सत्ता संभालने के बाद, हमारा पहला फैसला 90 फीसदी घरों को मुफ्त बिजली प्रदान करना था।” उन्होंने कहा कि किसानों को अब निर्विघ्न बिजली आपूर्ति मिल रही है, जिससे उन्हें ठंडी रातों में अपने खेतों की सिंचाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता। उन्होंने कहा, “पंजाब आज बिजली की प्रचुरता वाला राज्य है। जरूरी कोयले की आपूर्ति और पूरी तरह कार्यशील थर्मल प्लांटों के साथ, पंजाब देश में अग्रणी राज्य बनकर उभर रहा है।”
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “कुछ नेता गरीब व्यक्ति के घर एक रात रहना एक नई बात समझते हैं। मैं खुद एक आम आदमी हूं और मैं आम लोगों के रोजमर्रा के संघर्षों को अच्छी तरह समझता हूं।” उन्होंने श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस को समर्पित हाल ही में हुए समागमों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य सरकार पंजाब की महान विरासत को संभालने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य के अमीर विरसे से विद्यार्थियों को परिचित करवाने के लिए ऐसी और पहलें की जाएंगी।
सीमावर्ती निवासियों को सच्चे देशभक्त बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी भलाई की ओर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, “सीमावर्ती पट्टी के किसानों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में, केंद्र सरकार ने सीमावर्ती बाड़ को अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थानांतरित करने के लिए सैद्धांतिक रूप से अनुमति दे दी है।” उन्होंने कहा कि इससे किसान बाड़ से परे हजारों एकड़ जमीन पर बिना रुकावट खेती कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने यह मुद्दा केंद्रीय गृह मंत्री के समक्ष उठाते हुए किसानों को पेश आने वाली रोजमर्रा की मुश्किलों की ओर ध्यान दिलाया, जिन्हें 532 किलोमीटर लंबी भारत-पाकिस्तान सीमा पर अपने खेतों तक जाने के लिए बी.एस.एफ. की सुरक्षा के तहत बाड़ पार करने के लिए मजबूर होना पड़ता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मजीठा हलके में 11.32 करोड़ रुपए की लागत से 23 ग्रामीण लिंक सड़कों का नवीनीकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा “मजीठा हलके के कई गांवों में लिंक सड़कों के नवीनीकरण के लिए 11.32 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। इसमें से अगले पांच सालों में 9.94 करोड़ रुपए सड़कों के नवीनीकरण पर और 1.38 करोड़ रुपए उनकी देखभाल पर खर्च किए जाएंगे। इन सड़कों की हालत बहुत खस्ता थी, जिस कारण आने-जाने वालों और किसानों को अपनी उपज मंडियों में ले जाने के लिए भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था।” उन्होंने आशा जताई कि इन सड़कों के नवीनीकरण से मजीठा और आसपास के इलाकों के निवासियों को काफी लाभ होगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने राज्य भर में लिंक सड़कों की मरम्मत और अपग्रेड करने संबंधी एक व्यापक कार्यक्रम शुरू किया है। उन्होंने कहा, “पंजाब में लगभग 43,000 किलोमीटर लिंक सड़कें हैं। इनकी मरम्मत के साथ-साथ, हम अगले पांच सालों के लिए उनकी देखभाल को सुनिश्चित बनाने का ऐतिहासिक फैसला लिया है।” उन्होंने कहा कि गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए, एक मुख्यमंत्री फ्लाइंग स्क्वॉड गठित किया गया है और अनुमतियां देने से पहले एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-आधारित सर्वेक्षण किया गया था जिससे 226.89 करोड़ रुपए की बचत हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा, “यह पैसा पहले पिछली सरकारों के नेताओं द्वारा लूटा गया था।” उन्होंने कहा, “इस पर रोक लगाकर हम अब इन फंडों का उपयोग पंजाब के विकास और इसके लोगों की खुशहाली के लिए कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि आम आदमी क्लिनिक, स्कूल ऑफ एमिनेंस और मुफ्त बिजली जैसी पहलों के कारण पंजाब में प्रशासन अब पूरी तरह जनकल्याण पर केंद्रित है।
इससे पहले लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्यों का स्वागत किया। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ., विधायक सरवन सिंह धुन्न, सीनियर आप नेता तलबीर सिंह गिल और अन्य नेता मौजूद थे।