“Uttarakhand Budget: CM धामी ने तोड़ा अपना रिकॉर्ड, 5.8 गुना बजट”
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30 October 2026
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CM धामी ने तोड़ा अपना रिकॉर्ड, 5 साल में 5.8 गुना बढ़ा बजट
Uttarakhand Budget: CM धामी ने तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड, 5 साल में 5.8 गुना बढ़ा उत्तराखंड का बजट
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पांच साल पुराना अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया है। धामी सरकार का अनुपूरक बजट साल 2021 के मुकाबले 5.8 गुना बढ़ गया है। दिसंबर 2021 में सरकार ने 1,353.80 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया था। वहीं, अक्टूबर 2026 में यह बढ़कर 7,844.18 करोड़ रुपये पहुंच गया है।
इस बार सरकार ने सड़क, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और दूसरी विकास योजनाओं के लिए बड़ी रकम रखी है। खास बात यह है कि इस बजट में आधे से ज्यादा पैसा विकास से जुड़े कामों के लिए रखा गया है। सरकार ने कुंभ 2027 की तैयारियों के लिए भी बजट में खास प्रावधान किया है।
5 साल में 5.8 गुना बढ़ा उत्तराखंड का अनुपूरक बजट
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साल 2021 में भी विधानसभा चुनाव से पहले अनुपूरक बजट पेश किया था। उस समय इसका आकार 1,353.80 करोड़ रुपये था।
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यहां ध्यान देने वाली बात है कि यह राज्य का पूरा सालाना बजट नहीं, बल्कि अनुपूरक बजट है। अनुपूरक बजट का मतलब है कि सालाना बजट के अलावा जरूरतों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त पैसा देना।
विकास कार्यों के लिए रखे गए 4,164 करोड़ रुपये
इस बार के अनुपूरक बजट में सबसे बड़ा बदलाव विकास कार्यों के लिए रखे गए पैसे में हुआ है।
साल 2021 में पूंजीगत खर्च के लिए सिर्फ 184.88 करोड़ रुपये रखे गए थे। यह कुल अनुपूरक बजट का 13.7 फीसदी था।
वहीं, अक्टूबर 2026 के बजट में पूंजीगत खर्च के लिए 4,164.32 करोड़ रुपये रखे गए हैं। यह कुल बजट का 53.1 फीसदी है।
यानी अब सरकार का ज्यादा जोर सड़क, पानी, पुल, भवन और दूसरी बड़ी परियोजनाओं पर है।
सरकार का कहना है कि इन पैसों से राज्य में विकास से जुड़े कामों को तेजी मिलेगी।
कुंभ 2027 की तैयारियों के लिए 290 करोड़ रुपये
उत्तराखंड में अगले साल हरिद्वार में कुंभ मेले का आयोजन होना है। इसे देखते हुए सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
कुंभ 2027 के लिए अनुपूरक बजट में 290 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इस पैसे से हरिद्वार में जरूरी सुविधाओं और दूसरी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जाएगा।
इसके अलावा हरिद्वार-गंगा कॉरिडोर परियोजना के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सरकार का लक्ष्य कुंभ मेले से पहले जरूरी निर्माण कार्यों और सुविधाओं को पूरा करना है।
पानी और सड़कों के लिए भी मिले करोड़ों रुपये
सरकार ने ग्रामीण और शहरी इलाकों में पानी की सुविधा बेहतर करने के लिए भी पैसा रखा है।
जल जीवन मिशन के तहत ठेकेदारों के बकाया भुगतान के लिए 300 करोड़ रुपये दिए गए हैं। वहीं गैरसैंण जलापूर्ति बांध परियोजना के लिए 122 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रामीण सड़कों की मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग को 31 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
ग्राम्य विकास विभाग को भी सड़कों के रखरखाव के लिए 30 करोड़ रुपये मिले हैं।
जोशीमठ और दूसरे इलाकों में भू-धंसाव से जुड़े कामों के लिए 48 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए भी बड़ा बजट
धामी सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं के लिए भी अतिरिक्त पैसा दिया है।
डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए स्कूल और उच्च शिक्षा विभाग को कुल 200 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
इसके अलावा पिथौरागढ़ और रुद्रपुर के मेडिकल कॉलेजों और नर्सिंग कॉलेजों के लिए 160 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
अटल आयुष्मान योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं सरकारी कर्मचारियों की कैशलेस चिकित्सा सुविधा के लिए गोल्डन कार्ड योजना को 125 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
सरकार का कहना है कि इन पैसों से स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
पंचायतों और नगर निकायों को भी मिलेगा ज्यादा पैसा
इस अनुपूरक बजट में गांवों और शहरों के विकास के लिए भी बड़ा फैसला लिया गया है।
सरकार ने स्थानीय निकायों और पंचायतों की राज्य के कर राजस्व में हिस्सेदारी 10.5 फीसदी से बढ़ाकर 12.5 फीसदी कर दी है।
इससे चालू वित्त वर्ष में ग्रामीण और शहरी निकायों को कुल 721 करोड़ रुपये मिलेंगे।
इस पैसे का इस्तेमाल स्थानीय स्तर पर सड़क, सफाई, पानी और दूसरी जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जा सकेगा।
पेंशन और खेल योजनाओं के लिए भी प्रावधान
बजट में सामाजिक सुरक्षा और खेलों पर भी ध्यान दिया गया है।
कल्याणकारी पेंशन योजनाओं के लिए 93 करोड़ रुपये रखे गए हैं। खेल विश्वविद्यालय के लिए 35 करोड़ रुपये और चंपावत के महिला स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा नंदा राजजात यात्रा के आयोजन के लिए 20 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
सरकार ने किसानों के लिए ट्राउट प्रोत्साहन योजना को 28 करोड़ रुपये और किसान पेंशन योजना को 9 करोड़ रुपये दिए हैं।
अब कितना हो गया Uttarakhand का कुल बजट?
मार्च 2026 में उत्तराखंड सरकार ने 1,11,703.21 करोड़ रुपये का सालाना बजट पेश किया था।
अब 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट शामिल होने के बाद वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का कुल बजट बढ़कर 1,19,547.39 करोड़ रुपये हो गया है।
यानी सरकार ने इस साल विकास और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं के लिए अतिरिक्त पैसा रखा है।
अब देखना होगा कि इन पैसों से राज्य में विकास कार्य कितनी तेजी से पूरे होते हैं और आम लोगों को इन योजनाओं का कितना फायदा मिलता है।
Niharika Gupta Verified Public Figure • 11 Oct, 2026Senior Sub Editor
पत्रकारिता में करीब 2 वर्ष का अनुभव, newstvindia.in में बतौर सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। रियलटाइम के साथ साथ क्राइम और हेल्थ से संबंधित समाचार लिखने में विशेष रुचि है। इनसे niharika@newstvindia.in पर संपर्क किया जा सकता है।