“KMC Election 2026: कलकत्ता हाई कोर्ट ने चुनाव तारीखों पर लगाई रोक”
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06 November 2026
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Kolkata Municipal Election: कलकत्ता हाई कोर्ट ने KMC चुनाव की तारीखों पर लगाई रोक, वार्ड परिसीमन विवाद पर आएगा फैसला
Kolkata Municipal Election 2026: पश्चिम बंगाल में कोलकाता नगर निगम (KMC) चुनाव को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। कलकत्ता हाई कोर्ट की खंडपीठ ने शुक्रवार, 6 नवंबर को पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग की उस अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसमें नगर निगम के नए बोर्ड के गठन के लिए चुनाव की तारीखों की घोषणा की जानी थी। अदालत ने स्पष्ट किया है कि जब तक वार्ड परिसीमन से जुड़ा मामला सिंगल जज की पीठ के सामने सुलझ नहीं जाता, तब तक चुनाव की तारीखों की घोषणा नहीं की जा सकती।
इस फैसले के बाद कोलकाता नगर निगम चुनाव को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। दरअसल, मामला KMC के वार्डों की संख्या 144 से बढ़ाकर 209 किए जाने से जुड़ा है। इस परिसीमन प्रक्रिया को चुनौती देते हुए कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) यानी CPI(M) ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
KMC Election 2026: हाई कोर्ट ने चुनाव अधिसूचना पर क्यों लगाई रोक?
शुक्रवार को जस्टिस सब्यसाची भट्टाचार्य और जस्टिस अर्जुन रॉय की खंडपीठ ने इस मामले में सुनवाई की। अदालत ने पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग द्वारा जारी चुनाव कार्यक्रम संबंधी अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगा दी।
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खंडपीठ ने कहा कि पहले वार्ड परिसीमन की वैधता पर फैसला होना जरूरी है। इस मामले की सुनवाई जस्टिस हिरण्मय भट्टाचार्य की एकल-न्यायाधीश पीठ के सामने लंबित है।
अदालत के अनुसार, सिंगल जज की पीठ यह तय करेगी कि वार्ड परिसीमन की प्रक्रिया सही तरीके से पूरी की गई थी या नहीं। जब तक इस मामले का निपटारा नहीं होता, तब तक चुनाव की तारीखों की घोषणा करने वाली अधिसूचना जारी नहीं की जाएगी।
इस फैसले का सीधा असर कोलकाता नगर निगम चुनाव की तैयारियों पर पड़ सकता है।
KMC Ward Delimitation: 144 से बढ़ाकर 209 किए गए वार्ड
कोलकाता नगर निगम में परिसीमन प्रक्रिया के तहत वार्डों की संख्या 144 से बढ़ाकर 209 कर दी गई थी। इसी बदलाव को लेकर विवाद शुरू हुआ।
परिसीमन का मतलब किसी क्षेत्र की आबादी और भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए चुनावी वार्डों की सीमाएं निर्धारित करना है। इस प्रक्रिया में बदलाव से संबंधित क्षेत्रों के मतदाताओं और चुनावी प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है।
CPI(M) ने इस नई परिसीमन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि वार्डों की सीमाएं तय करते समय जरूरी पहलुओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
इसी विवाद को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी।
CPI(M) ने परिसीमन प्रक्रिया को दी चुनौती
इस मामले में CPI(M) नेता और पूर्व पार्षद दीपू दास ने कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
याचिका में दावा किया गया कि नए वार्ड परिसीमन को लेकर कई गंभीर आपत्तियां उठाई गई थीं। नागरिकों की राय जानने के लिए मौके पर जाकर जांच करने और सार्वजनिक सुनवाई आयोजित करने का प्रस्ताव भी दिया गया था।
हालांकि, याचिकाकर्ता के अनुसार इन आपत्तियों और प्रस्तावों पर उचित ध्यान नहीं दिया गया।
याचिका में यह भी कहा गया कि वार्डों का परिसीमन करते समय जनसंख्या और भौगोलिक स्थिति जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर सही तरीके से विचार नहीं किया गया।
इसके अलावा, याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि परिसीमन की प्रक्रिया किसी विशेष राजनीतिक दल को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से की गई थी। यह याचिकाकर्ता का आरोप है, जिस पर अदालत का अंतिम फैसला आना बाकी है।
चुनाव से पहले फैसला जरूरी, याचिकाकर्ता ने कोर्ट में दी दलील
शुरुआत में इस मामले की सुनवाई जस्टिस हिरण्मय भट्टाचार्य की एकल-न्यायाधीश पीठ के सामने हुई थी।
हालांकि, शुरुआती सुनवाई के दौरान अदालत ने कोई विशेष अंतरिम आदेश पारित करने के बजाय सभी संबंधित पक्षों को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था।
इसके बाद याचिकाकर्ता ने सिंगल जज के आदेश को चुनौती देते हुए खंडपीठ का रुख किया।
याचिकाकर्ता की दलील थी कि अगर परिसीमन विवाद पर अंतिम फैसला आने से पहले ही चुनाव आयोग चुनाव कार्यक्रम घोषित कर देता है, तो उनकी याचिका का कोई व्यावहारिक महत्व नहीं रह जाएगा।
इसी दलील को ध्यान में रखते हुए खंडपीठ ने चुनाव अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगा दी।
दिसंबर में होने वाले थे KMC और 7 शहरी निकायों के चुनाव
पश्चिम बंगाल में कोलकाता नगर निगम और हावड़ा नगर निगम समेत सात शहरी निकायों के चुनाव दिसंबर 2026 के अंतिम सप्ताह में होने की संभावना थी।
वहीं, चुनाव परिणाम अगले साल यानी जनवरी 2027 के पहले सप्ताह में घोषित किए जाने की उम्मीद थी।
हालांकि, अब कलकत्ता हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद चुनाव कार्यक्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
जब तक परिसीमन विवाद पर अदालत का फैसला नहीं आता, तब तक चुनाव की तारीखों की घोषणा नहीं हो सकेगी।
इस घटनाक्रम से चुनाव आयोग की तैयारियों और संबंधित राजनीतिक दलों की रणनीतियों पर भी असर पड़ सकता है।
अब कब होंगे Kolkata Municipal Corporation के चुनाव?
फिलहाल कोलकाता नगर निगम चुनाव की नई तारीखों को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। इसका फैसला वार्ड परिसीमन मामले की सुनवाई और अदालत के आगामी आदेशों पर निर्भर करेगा।
हाई कोर्ट की खंडपीठ ने स्पष्ट कर दिया है कि पहले परिसीमन की वैधता पर फैसला होना जरूरी है। इसके बाद ही चुनाव की तारीखों की घोषणा का रास्ता साफ हो सकेगा।
ऐसे में कोलकाता के मतदाताओं को चुनाव कार्यक्रम के लिए अदालत के अगले आदेश का इंतजार करना होगा।
Niharika Gupta Verified Public Figure • 11 Oct, 2026Senior Sub Editor
पत्रकारिता में करीब 2 वर्ष का अनुभव, newstvindia.in में बतौर सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। रियलटाइम के साथ साथ क्राइम और हेल्थ से संबंधित समाचार लिखने में विशेष रुचि है। इनसे niharika@newstvindia.in पर संपर्क किया जा सकता है।