कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को केंद्र सरकार पर देश में Undeclared Emergency लागू करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि दिल्ली में शनिवार को हुए युवाओं के प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्षी नेता सोमवार शाम 4 बजे मुख्य न्यायाधीश (CJI) से मुलाकात करेंगे।
खड़गे ने एक्स पर लिखा कि उन्होंने और राहुल गांधी ने इस संबंध में CJI को पत्र लिखे हैं। मुलाकात के लिए शाम 4 से 5 बजे के बीच का समय तय हुआ है।
Undeclared Emergency पर खड़गे ने क्या कहा
खड़गे ने कहा, "प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने पूरे देश में अराजकता का माहौल बना दिया है। देश में अघोषित आपातकाल लागू है और हम इसके खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।"
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We will continue our fight. Tomorrow, we are also going to meet the Chief Justice of India. I have written a letter, and Shri @RahulGandhi has also written a letter. We have scheduled a meeting between 4 and 5 PM, during which we will apprise him of the situation. We cannot demand anything from him, but we will place our concerns before him with folded hands and request his intervention. The Prime Minister and the Home Minister have created chaos across the country. An undeclared Emergency is prevailing, and we will continue to fight against it. Yesterday, nearly 32,000 police personnel and 7,500 CRPF personnel were deployed. This itself shows how much fear the government has of the youth agitation. As I have already stated, roads were blocked, communication channels were disrupted, access to the airport was restricted, and mobile networks were shut down. All this demonstrates that the government does not want democracy to function peacefully in India. We will continue our fight to protect democracy and the constitutional rights of the people. 📍Bengaluru, Karnataka
— Mallikarjun Kharge (@kharge) October 11, 2026
Undeclared Emergency के आरोप के साथ उन्होंने सुरक्षा इंतजामों पर भी सवाल उठाए। खड़गे के अनुसार, शनिवार को करीब 32 हजार पुलिसकर्मी और 7,500 CRPF जवान तैनात किए गए थे। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि सरकार युवाओं के आंदोलन से कितना डरी हुई है। उनका यह भी आरोप है कि सड़कें बंद की गईं, संचार सेवाओं में रुकावट डाली गई, एयरपोर्ट तक पहुंच सीमित की गई और मोबाइल नेटवर्क बंद किए गए। ये सभी आंकड़े और आरोप खड़गे के बयान पर आधारित हैं।
Undeclared Emergency के आरोप पर CJI से मुलाकात
खड़गे ने साफ किया कि विपक्ष CJI से कोई मांग नहीं कर सकता। नेता उन्हें पूरे हालात की जानकारी देंगे, अपनी चिंताएं रखेंगे और हस्तक्षेप का अनुरोध करेंगे। यानी Undeclared Emergency के आरोप को विपक्ष अब न्यायपालिका के सामने ले जा रहा है।
राहुल गांधी का हमला
राहुल गांधी ने एक्स पर दिल्ली पुलिस और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस महिलाओं और युवाओं पर हिंसा करने वालों को खुली छूट दे रही है। प्रधानमंत्री के लिए तीखे संबोधन का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार जितना दबाएगी, Gen Z और छात्रों का गुस्सा उतना बढ़ेगा।
अमित शाह की दिल्ली पुलिस खुद तो गुंडागर्दी पर उतर ही आई - RSS-BJP के असली गुंडों को भी महिलाओं और युवाओं पर हिंसा करने की खुली छूट और बढ़ावा दे रही है। जैसा मैंने कहा था, Mogambo Modi और उसकी सरकार जितना दबाएगी, Gen Z और छात्रों का गुस्सा उतना ही बढ़ेगा। सोमवार, 12 अक्टूबर को कांग्रेस, पूरा INDIA गठबंधन और देश के युवा बड़ी संख्या में एक बार फिर सड़कों पर उतरेंगे। और इस बार भी आवाज़ पूरे देश में गूंजेगी - पहले से कहीं ज़्यादा। @AmitShah, जितनी पुलिस लानी है, 10 हज़ार, 20 हज़ार, 40 हज़ार, ले आइए। BJP-RSS के जितने गुंडे बुलाने हैं, बुला लीजिए। हम डरने वाले नहीं हैं। पीछे हटने वाले नहीं हैं। ये लड़ाई अब रुकने वाली नहीं है! सोमवार को हम मुख्य न्यायाधीश से भी मिलेंगे और मांग करेंगे कि जब दिल्ली की सड़कों पर संविधान को तार-तार किया जा रहा है और लोकतंत्र को कुचला जा रहा है, तब कानून के संरक्षक आंखों पर पट्टी डाल कर नहीं बैठ सकते। संविधान की धज्जियां उड़ेंगी और हम चुप बैठेंगे? ऐसा हरगिज़ नहीं होगा। जवाबदेही तय करवाकर रहेंगे!
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 10, 2026
राहुल ने ऐलान किया कि सोमवार, 12 अक्टूबर को कांग्रेस, पूरा INDIA गठबंधन और युवा एक बार फिर बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात में वे यह मांग भी रखेंगे कि संविधान पर चोट के समय कानून के संरक्षक चुप नहीं रह सकते। Undeclared Emergency के आरोप के बीच कांग्रेस इसे सड़क और संस्थाओं, दोनों स्तर पर उठाने की तैयारी में दिख रही है।
दिल्ली प्रदर्शन की पृष्ठभूमि
यह प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आह्वान पर 10 अक्टूबर को हुआ। संगठन ने कथित तौर पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। Undeclared Emergency वाले आरोप की जड़ में इसी प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई है।
प्रदर्शन से पहले राजधानी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। सेंट्रल दिल्ली के कई इलाके सील किए गए, कुछ जगहों पर मोबाइल इंटरनेट बंद रहा और सड़कों पर हजारों सुरक्षाकर्मी तैनात रहे। रिपोर्ट के अनुसार, 45 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए और कई ट्रेनें रद्द की गईं।
किन-किन को हिरासत में लिया गया
प्रदर्शन शुरू होने से पहले यूट्यूबर ध्रुव राठी को गुरुग्राम स्थित उनके घर से डिटेन किया गया। इसके बाद CJP के संस्थापकों अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिया गया।
कई राजनेता भी हिरासत में लिए गए। इनमें पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार शामिल हैं। सीपीआई (एम) के महासचिव एम.ए. बेबी और सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य को भी हिरासत में लिया गया। कुल करीब 3,000 लोग डिटेन किए गए, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।
आगे क्या
फिलहाल दिल्ली में प्रदर्शन जारी है। अब तक की सामग्री में केवल कांग्रेस नेताओं के आरोप शामिल हैं। Undeclared Emergency वाले आरोप पर सरकार या दिल्ली पुलिस की प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। सोमवार शाम CJI से विपक्षी नेताओं की मुलाकात और 12 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन पर अब सबकी नजर रहेगी।