CJP का दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम, अभिजीत दीपके बोले- पूरा वीडियो दिखाओ।
CJP Protest News: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति के लिए CJP ने दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया। अभिजीत दीपके ने हिरासत के वीडियो और परिवार से संपर्क नहीं करने देने पर सवाल उठाए।
Niharika Gupta Verified Public Figure • 11 Oct, 2026Journalist
Oct 12, 2026 • 1:54 PM | DELHI Last Edited By:News Tv India हिंदी
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Niharika Gupta
9 hours ago
CJP का दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम, अभिजीत दीपके बोले- पूरा वीडियो दिखाओ।
CJP Protest News: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति के लिए CJP ने दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया। अभिजीत दीपके ने हिरासत के वीडियो और परिवार से संपर्क नहीं करने देने पर सवाल उठाए।
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12 October 2026
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CJP और दिल्ली पुलिस विवाद में अब आगे क्या?
CJP Protest News: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति को लेकर CJP और दिल्ली पुलिस के बीच विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। CJP ने दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि, अगर संगठन को प्रदर्शन की तारीख नहीं दी गई, तो वह दोबारा आंदोलन करेगा। सोमवार को CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास प्रदर्शन की अनुमति मांगने के लिए पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे।
इसी बीच, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने हिरासत के दौरान रिकॉर्ड किए गए वीडियो को लेकर दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। दीपके का दावा है कि पुलिस ने वीडियो एडिट करके जारी किया और हिरासत के दौरान उन्हें परिवार से बात करने की अनुमति भी नहीं दी। यह पूरा मामला मुख्य चुनाव आयुक्त यानी कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन से जुड़ा है।
CJP का दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम
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CJP ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस से तारीख तय करने की मांग की है। संगठन के सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास सोमवार को पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे और अधिकारियों को पत्र सौंपकर प्रदर्शन की अनुमति मांगी।
आशुतोष रांका के मुताबिक, संगठन ने पुलिस को प्रदर्शन की तारीख तय करने का विकल्प भी दिया है। CJP ने कहा है कि यदि 24 घंटे के भीतर प्रदर्शन की तारीख नहीं मिलती है, तो वह फिर से आंदोलन का आह्वान करेगा।
इस घटनाक्रम के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दिल्ली पुलिस संगठन की मांग पर क्या निर्णय लेती है और प्रदर्शन के लिए कोई तारीख निर्धारित की जाती है या नहीं।
हिरासत का वीडियो एडिट करके जारी किया- अभिजीत दीपके
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस की ओर से जारी हिरासत के वीडियो पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस ने वीडियो को एडिट करके जारी किया और हिरासत के दौरान हुई पूरी घटना सामने नहीं रखी।
दीपके ने दी चुनौती कहा, 'हिम्मत है तो पूरा वीडियो दिखाओ।'
उनके मुताबिक, हिरासत के दौरान उन्हें अपनी दादी के निधन की खबर मिली थी। इसके बाद उन्होंने अपने चचेरे भाई से बात कराने की अपील की। दीपके का कहना है कि उन्होंने केवल दो मिनट के लिए फोन देने का अनुरोध किया था, लेकिन पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी।
हालांकि, वीडियो को एडिट किए जाने के आरोप और फोन की अनुमति नहीं मिलने से जुड़े दावों पर निष्पक्ष तस्वीर सामने लाने के लिए पूरी रिकॉर्डिंग और दिल्ली पुलिस का पक्ष भी महत्वपूर्ण है।
दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में लिए गए थे CJP के 3 नेताॉ
अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को शनिवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया था। वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रहे थे।ॉ
रविवार को तीनों को कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, रिहाई के दौरान एक साल तक शांति भंग नहीं करने की शर्त भी रखी गई।
इस कार्रवाई के बाद CJP ने प्रदर्शन की अनुमति और हिरासत के दौरान हुई घटनाओं को लेकर सवाल उठाए हैं। संगठन का कहना है कि वह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के लिए पुलिस से औपचारिक अनुमति मांग रहा है। क्या कुछ बोले - शुतोष रांका
CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने बताया कि संगठन ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में पत्र देकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति मांगी है।
रांका के मुताबिक, जब CJP के नेता पुलिस स्टेशन पहुंचे, तो DCP गलती से कमरे में आ गए थे। उन्होंने नेताओं को वहां बैठे देखा और फिर बाहर चले गए। इस कारण उनसे मुलाकात नहीं हो सकी।
रांका ने यह भी दावा किया कि उस समय एडिशनल DCP और SHO मौजूद नहीं थे। उनके अनुसार, ऐसा लग रहा था कि CJP के पहुंचने के बाद पुलिस स्टेशन को खाली करा दिया गया था।
ये सभी बातें रांका की ओर से लगाए गए आरोप हैं। पुलिस अधिकारियों की ओर से इस घटनाक्रम पर आधिकारिक प्रतिक्रिया मिलने पर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
अभिजीत दीपके ने किया कौन-सा दावा ?
अभिजीत दीपके ने हिरासत के दौरान अपने परिवार और वकीलों से संपर्क को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि पूरे दिन उनके माता-पिता और वकीलों को यह जानकारी नहीं दी गई कि उन्हें कहां रखा गया है।
दीपके ने कहा कि हिरासत में वकील से संपर्क करना कानूनी अधिकार है, लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी गई। उनके मुताबिक, रात करीब 3:30 बजे पुलिस ने उनसे माता-पिता को फोन करने के लिए कहा।
दीपके ने सवाल उठाया कि पुलिस ने उनके परिवार को खुद हिरासत की जगह की जानकारी क्यों नहीं दी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम के कारण उन्हें और उनके परिवार को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
इन आरोपों पर पुलिस का पक्ष सामने आना जरूरी है, ताकि हिरासत के दौरान संपर्क की व्यवस्था और संबंधित प्रक्रियाओं की स्थिति स्पष्ट हो सके।
दादी की मौत की खबर के बाद क्या हुआ?
दिल्ली पुलिस ने रविवार शाम अभिजीत दीपके की हिरासत का 1 मिनट 45 सेकंड का वीडियो जारी किया था। जारी वीडियो में एक महिला पुलिसकर्मी दीपके को उनकी दादी के निधन की जानकारी देती दिखाई देती है। खबर सुनने के बाद दीपके अपने सिर पर हाथ रख लेते हैं।
वीडियो में पुलिसकर्मी उन्हें पानी देती है। साथ ही, दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए बस, ट्रेन या फ्लाइट की व्यवस्था करने का विकल्प भी दिया जाता है। हालांकि, जारी वीडियो के अनुसार दीपके इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर देते हैं।
दूसरी ओर, आशुतोष रांका का कहना है कि दीपके बार-बार अपने उस चचेरे भाई से बात कराने की अपील कर रहे थे, जो गांव में उनकी दादी के साथ रहता था।
दीपके की मां अनीता ने भी कहा कि यदि उनके बेटे को पहले रिहा कर दिया जाता, तो वह दादी के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकता था। उनके मुताबिक, अब दीपके अपनी दादी का अंतिम बार चेहरा भी नहीं देख सके।
दीपके ने जारी वीडियो को अधूरा बताते हुए पूरी रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने की मांग की है। इस मामले में वीडियो की संपूर्णता और हिरासत के दौरान हुई बातचीत से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि महत्वपूर्ण है।
CEC के इस्तीफे की मांग क्यों कर रही CJP?
CJP और कुछ विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहे हैं।
इसी मांग को लेकर 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन प्रस्तावित था। हालांकि, पुलिस ने शनिवार और रविवार को प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोका। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई थी।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन दो दिनों में CJP, विपक्षी दलों और छात्र संगठनों के हजारों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
CJP अब प्रदर्शन के लिए नई तारीख मांग रही है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में तारीख नहीं दी गई, तो वह फिर से आंदोलन का आह्वान करेगा।
CJP और दिल्ली पुलिस विवाद में अब आगे क्या?
CJP की ओर से 24 घंटे का अल्टीमेटम दिए जाने के बाद अब दिल्ली पुलिस के अगले कदम पर नजर है। एक तरफ संगठन जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति चाहता है, वहीं दूसरी ओर अभिजीत दीपके ने हिरासत के दौरान परिवार से संपर्क और वीडियो जारी करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
आने वाले समय में प्रदर्शन की तारीख, पुलिस का आधिकारिक पक्ष और हिरासत के वीडियो को लेकर सामने आने वाली जानकारी इस मामले में अहम होगी।