Meerut Blue Drum Case: मुस्कान - साहिल की सजा पर सुनवाई, मेरठ
Meerut Blue Drum Case: मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला की सजा पर कोर्ट में सुनवाई हुई। जानिए सौरभ राजपूत हत्याकांड, फांसी की मांग और केस की पूरी टाइमलाइन।
Niharika Gupta Verified Public Figure • 11 Oct, 2026Journalist
Oct 14, 2026 • 3:35 PM
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Niharika Gupta
8 hours ago
Meerut Blue Drum Case: मुस्कान - साहिल की सजा पर सुनवाई, मेरठ
Meerut Blue Drum Case: मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला की सजा पर कोर्ट में सुनवाई हुई। जानिए सौरभ राजपूत हत्याकांड, फांसी की मांग और केस की पूरी टाइमलाइन।
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14 October 2026
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मेरठ ब्लू ड्रम केस: मुस्कान और साहिल की सजा पर आज फैसला, कोर्ट में क्या हुआ?
Meerut Blue Drum Case,: मेरठ के चर्चित ब्लू ड्रम हत्याकांड में दोषी ठहराई गई मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला की सजा पर 14 अक्टूबर 2026 को अदालत में सुनवाई हुई। इस मामले में मर्चेंट नेवी के पूर्व अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या की गई थी और उनका शव नीले ड्रम में सीमेंट के साथ छिपाया गया था। जिला अदालत ने 30 सितंबर को मुस्कान और साहिल को हत्या तथा सबूत मिटाने के मामले में दोषी करार दिया था। अब मामले में दोनों को मिलने वाली सजा पर सबकी नजरें टिकी हैं।
मुस्कान और साहिल की सजा पर कोर्ट में क्या हुआ?
14 अक्टूबर को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को जिला जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने दोनों से पूछा कि क्या वे सजा सुनाए जाने से पहले अपनी ओर से कुछ कहना चाहते हैं।
साहिल ने कुछ कहने से इनकार कर दिया, जबकि मुस्कान ने भी अपनी ओर से कोई विशेष बात नहीं रखी। इसके बाद अदालत में सजा के मुद्दे पर बहस हुई। अभियोजन पक्ष ने दोनों के लिए मृत्युदंड की मांग की, जबकि बचाव पक्ष ने कम से कम सजा देने की अपील की।
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सजा का निर्धारण करते समय अदालत अपराध की परिस्थितियों, उपलब्ध सबूतों, लागू कानून और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करती है। इस खबर के लिए अंतिम सजा का विवरण अदालत के आधिकारिक आदेश से सत्यापित करना जरूरी है।
अभियोजन पक्ष ने इस हत्याकांड को गंभीर अपराध बताते हुए मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड देने की मांग की। अभियोजन की दलील थी कि हत्या सुनियोजित तरीके से की गई और वारदात के बाद शव को छिपाने का प्रयास भी हुआ।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और गवाहों के बयान अदालत में पेश किए। सौरभ राजपूत के परिवार की ओर से भी आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग की गई।
दूसरी ओर, बचाव पक्ष ने अदालत से कम सजा देने का अनुरोध किया। अब सजा तय करने का निर्णय अदालत को दोनों पक्षों की दलीलें और मामले के कानूनी पहलू ध्यान में रखकर करना है।
क्या है मेरठ का Meerut Blue Drum Case?
यह मामला मार्च 2025 में सामने आया था। सौरभ राजपूत मर्चेंट नेवी से जुड़े रहे थे और लंदन से मेरठ लौटे थे। अभियोजन के अनुसार, 3 मार्च 2025 को उनकी हत्या कर दी गई। इसके बाद शव के टुकड़े करके उन्हें सीमेंट से भरे नीले ड्रम में छिपा दिया गया।
पुलिस जांच में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला की भूमिका सामने आई। मामले ने उस समय व्यापक चर्चा बटोरी, जब पुलिस को घर में रखे ड्रम से सौरभ के शव के अवशेष मिले। पुलिस ने जांच के बाद दोनों को गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ मुकदमा चलाया गया।
इस मामले को मीडिया में ब्लू ड्रम मर्डर केस के नाम से जाना जाने लगा। शव को छिपाने के तरीके और जांच में सामने आए तथ्यों के कारण यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बना।
126 सुनवाइयों और 22 गवाहों के बाद आया फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कई गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य अदालत के सामने रखे। आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, मुकदमे में 126 पेशियां हुईं और 22 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
गवाहों में सौरभ के परिवार के सदस्यों के अलावा मामले से संबंधित अन्य लोग भी शामिल थे। अभियोजन ने कथित तौर पर ड्रम, चाकू, सीमेंट और रेत जैसी वस्तुओं की खरीद से जुड़े साक्ष्य भी पेश किए। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने 30 सितंबर 2026 को दोनों को दोषी ठहराया।
दोषी करार दिए जाने के बाद अदालत ने सजा तय करने के लिए अलग सुनवाई निर्धारित की थी। 14 अक्टूबर की कार्यवाही इसी प्रक्रिया का हिस्सा थी।
सौरभ राजपूत के परिवार ने की कड़ी सजा की मांग
सौरभ राजपूत की मां रेनू देवी और भाई राहुल ने अदालत के फैसले के बाद आरोपियों के लिए मृत्युदंड की मांग की थी। परिवार ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है और वे चाहते हैं कि अपराध के लिए कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
परिवार के लिए यह मामला लंबे समय से न्याय की लड़ाई रहा है। वहीं, कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत को सजा तय करने से पहले दोषियों को अपना पक्ष रखने का अवसर देना होता है।
मुस्कान की बेटी को लेकर भी चर्चा
सुनवाई के दिन जेल प्रशासन से जुड़ी रिपोर्टों में मुस्कान की अपनी बेटी से मिलने की इच्छा का भी उल्लेख हुआ। जेल अधिकारियों के अनुसार, मुस्कान अपनी बड़ी बेटी से मिलने की गुजारिश कर रही थी। इस बीच, दोनों दोषियों की जेल में स्थिति और अदालत की आगे की कार्यवाही पर भी नजर रखी जा रही थी।
यह पहलू मामले के मानवीय पक्ष को सामने लाता है, लेकिन सजा का निर्णय अदालत द्वारा अपराध और कानून से जुड़े तथ्यों के आधार पर ही किया जाएगा।
अब आगे क्या होगा?
मेरठ के ब्लू ड्रम हत्याकांड में अगला महत्वपूर्ण घटनाक्रम अदालत का अंतिम सजा आदेश है। अभियोजन पक्ष ने फांसी की मांग की है और बचाव पक्ष ने कम सजा देने की अपील की है। अदालत का फैसला ही स्पष्ट करेगा कि मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को किस अवधि या प्रकार की सजा दी जाती है।