Abhijeet Dipke News: राहुल गांधी समेत विपक्ष का CJP को समर्थन
Abhijeet Dipke News: राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, एमके स्टालिन, अभिषेक बनर्जी और आदित्य ठाकरे ने CJP नेताओं की गिरफ्तारी पर उठाए सवाल। जानें पूरा मामला।
Niharika Gupta Verified Public Figure • 11 Oct, 2026Journalist
Abhijeet Dipke News: राहुल गांधी समेत विपक्ष का CJP को समर्थन
Abhijeet Dipke News: राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, एमके स्टालिन, अभिषेक बनर्जी और आदित्य ठाकरे ने CJP नेताओं की गिरफ्तारी पर उठाए सवाल। जानें पूरा मामला।
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14 October 2026
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राहुल गांधी समेत विपक्ष का CJP को समर्थन
दिल्ली, Abhijeet Dipke News : Cockroach Janta Party (CJP) के संस्थापक Abhijeet Dipke ने अपनी पार्टी के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी के बाद समर्थन जताने वाले विपक्षी नेताओं का आभार व्यक्त किया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी और शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। इन नेताओं ने प्रदर्शनकारियों के अधिकारों और गिरफ्तारी की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठाए हैं।
इस घटनाक्रम ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है। वहीं, अभिजीत दीपके और विपक्षी दलों के नेताओं के बयानों से इस मामले को राष्ट्रीय राजनीतिक चर्चा में भी जगह मिली है।
CJP नेताओं की गिरफ्तारी से क्यों गरमाया मामला?
CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पहुंचे थे। रिपोर्ट में बताया गया है कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किए जाने के विरोध में दोनों नेताओं ने गेट पार किया। इस दौरान उनके साथ कुछ कार्यकर्ता भी मौजूद थे। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और बाद में गिरफ्तार कर लिया।
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रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों नेताओं को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया। इस कार्रवाई के बाद विपक्षी नेताओं ने गिरफ्तारी और प्रदर्शनकारियों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान तिरंगा लहराना अपराध नहीं होना चाहिए। उन्होंने युवाओं को जेल भेजने की कार्रवाई की आलोचना की और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों पर जोर दिया।
राहुल गांधी ने अपने संदेश में एकजुटता का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि अलग-अलग राजनीतिक बैनर होने के बावजूद विरोध का उद्देश्य एक हो सकता है। उन्होंने जंतर-मंतर को जनता के विरोध प्रदर्शन का स्थल बनाए रखने की बात भी कही।
राहुल गांधी की इस प्रतिक्रिया को CJP नेताओं के समर्थन में विपक्ष की ओर से आए महत्वपूर्ण बयानों में गिना जा रहा है।
अरविंद केजरीवाल और एमके स्टालिन ने उठाए सवाल
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या अपने ही देश में राष्ट्रीय ध्वज लहराना अपराध है। उन्होंने इस कार्रवाई को अनुचित बताया।
वहीं, एमके स्टालिन ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने और युवाओं की आवाज दबाने के प्रयासों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अधिक लोगों को जेल भेजने से विरोध की आवाज समाप्त नहीं होगी, बल्कि आम नागरिक भी अपने अधिकारों के लिए सामने आ सकते हैं।
दोनों नेताओं के बयानों से स्पष्ट है कि यह मामला केवल CJP तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विरोध प्रदर्शन और नागरिक स्वतंत्रता से जुड़े व्यापक राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन गया है।
अभिषेक बनर्जी और आदित्य ठाकरे ने भी किया विरोध
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने गिरफ्तारी की आलोचना करते हुए केंद्र सरकार की राष्ट्रवाद संबंधी राजनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने तिरंगा फहराने के लिए भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किए जाने की स्थिति पर आपत्ति जताई।
शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने भी आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अपने देश में राष्ट्रीय ध्वज लहराने को लेकर युवाओं को जेल भेजे जाने की स्थिति गंभीर सवाल खड़े करती है।
इन नेताओं की प्रतिक्रियाओं ने CJP नेताओं के मामले को विपक्षी राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बना दिया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR पर भी विवाद
इस पूरे घटनाक्रम के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को रद्द करने की मांग भी राजनीतिक चर्चा में है। ABP Live की रिपोर्ट के अनुसार, INDIA गठबंधन, CJP और अन्य विपक्षी दल इस मुद्दे पर विरोध कर रहे हैं।
विपक्ष की ओर से चुनाव प्रक्रिया और नागरिकों के अधिकारों से संबंधित सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, SIR से जुड़े आरोपों और उनके प्रभाव का आकलन आधिकारिक आंकड़ों तथा स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्यों के आधार पर किया जाना जरूरी है।
अभिजीत दीपके ने जताया आभार
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आशुतोष रांका और सौरव दास के समर्थन में आवाज उठाने वाले विपक्षी नेताओं को धन्यवाद दिया है। राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, एमके स्टालिन, अभिषेक बनर्जी और आदित्य ठाकरे की प्रतिक्रियाओं के बाद इस मामले पर राजनीतिक एकजुटता का संदेश सामने आया है।
फिलहाल इस पूरे विवाद में प्रदर्शन की अनुमति, पुलिस की कार्रवाई, न्यायिक हिरासत और नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकार प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं। आने वाले दिनों में इस मामले पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं और कानूनी प्रक्रिया आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।