Manisha Bhanwala: मनीषा भानवाला ने रचा इतिहास, विश्व चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान
Manisha Bhanwala:भारतीय कुश्ती के लिए 30 अक्टूबर 2026 का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। हरियाणा की पहलवान मनीषा भानवाला ने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन कर दिया। उन्होंने महिलाओं के 59 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में अमेरिका की एबिगेल नेट को 8-6 से हराया। इस जीत के साथ ही मनीषा विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गई हैं।
मनीषा की यह जीत इसलिए भी खास है, क्योंकि फाइनल मुकाबले में वह एक समय 0-6 से पीछे चल रही थीं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और शानदार वापसी करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। उनकी इस जीत से भारतीय कुश्ती को एक नई पहचान मिली है।
0-6 से पिछड़ने के बाद मनीषा ने कैसे जीता गोल्ड?
विश्व कुश्ती चैंपियनशिप का फाइनल मुकाबला काफी रोमांचक रहा। महिलाओं के 59 किलोग्राम वर्ग में मनीषा भानवाला का सामना अमेरिका की पहलवान एबिगेल नेट से हुआ।
मुकाबले की शुरुआत मनीषा के लिए अच्छी नहीं रही। अमेरिकी पहलवान ने लगातार अंक हासिल किए और एक समय स्कोर 6-0 हो गया। ऐसा लग रहा था कि मनीषा के हाथ से गोल्ड मेडल निकल सकता है।
लेकिन भारतीय पहलवान ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने अपने खेल में बदलाव किया और लगातार अंक जुटाने शुरू किए। मनीषा ने शानदार वापसी करते हुए स्कोर 8-6 कर दिया।
आखिरकार उन्होंने दो अंकों के अंतर से मुकाबला जीत लिया और भारत के लिए ऐतिहासिक गोल्ड मेडल हासिल किया।
Manisha Bhanwala:विश्व चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान
मनीषा भानवाला की इस जीत ने भारतीय महिला कुश्ती के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है। वह सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गई हैं।
इससे पहले भारतीय महिला पहलवानों ने विश्व चैंपियनशिप में कई पदक जीते थे, लेकिन गोल्ड मेडल का इंतजार बरकरार था।
मनीषा ने इस इंतजार को खत्म कर दिया। उनकी उपलब्धि से देश की दूसरी महिला पहलवानों को भी प्रेरणा मिलेगी।
भारतीय कुश्ती में इससे पहले सुशील कुमार ने 2010 में मास्को में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में पुरुषों के 66 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीता था। अब मनीषा इस प्रतियोगिता में गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय पहलवान बनी हैं।
सेमीफाइनल में भी दिखाया था दम
फाइनल तक पहुंचने का मनीषा का सफर भी शानदार रहा। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में दमदार प्रदर्शन किया।
सेमीफाइनल में उनका मुकाबला कजाखस्तान की पहलवान अल्तिन शागायेवा से हुआ। मनीषा ने इस मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 10-0 की बढ़त बनाई और पिनफॉल से जीत दर्ज की।
इस जीत के साथ उन्होंने फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली थी।
इससे पहले उन्होंने कनाडा की लॉरेंस ब्यूरेगार्ड को पिनफॉल से हराया था। वहीं क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया की बोलोरतुआ खुरेलखू को 6-0 से शिकस्त दी थी।
लगातार शानदार प्रदर्शन के बाद मनीषा ने फाइनल में भी अपना दम दिखाया और गोल्ड मेडल जीत लिया।
कौन हैं मनीषा भानवाला?
मनीषा भानवाला हरियाणा के जींद से ताल्लुक रखती हैं। वह भारतीय महिला कुश्ती की उभरती हुई मजबूत खिलाड़ियों में शामिल रही हैं।
उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। एशियाई स्तर पर भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा है।
मनीषा ने पिछले साल एशियाई चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। इसके अलावा वह एशियाई चैंपियनशिप में पहले भी कांस्य पदक हासिल कर चुकी हैं।
उनकी सफलता के पीछे लगातार मेहनत और कठिन अभ्यास का बड़ा योगदान है। उनके कोच मंदीप सिंह के मार्गदर्शन में उन्होंने अपने खेल को बेहतर बनाया है।
एशियाई खेलों में पदक नहीं जीत पाने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और विश्व चैंपियनशिप की तैयारी में जुट गईं। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई।
भारतीय महिला पहलवानों ने किया शानदार प्रदर्शन
विश्व कुश्ती चैंपियनशिप 2026 में भारतीय महिला पहलवानों ने शानदार प्रदर्शन किया है।
इस प्रतियोगिता में भारत की तीन महिला पहलवानों ने फाइनल तक का सफर तय किया। मनीषा भानवाला ने गोल्ड मेडल जीता, जबकि नीलम सिरोही और काजल ढोचक को अपने-अपने फाइनल मुकाबलों में हार के बाद सिल्वर मेडल मिला।
इसके अलावा तनु शर्मा ने महिलाओं के 72 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीता।
इस तरह भारतीय महिला पहलवानों ने प्रतियोगिता में कुल चार पदक हासिल किए। यह प्रदर्शन भारतीय महिला कुश्ती के लिए बेहद खास माना जा रहा है।
मनीषा की जीत से देश में खुशी की लहर
मनीषा भानवाला की ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय खेल जगत में खुशी का माहौल है। उनकी इस उपलब्धि ने साबित कर दिया कि भारतीय महिला पहलवान भी विश्व स्तर पर गोल्ड जीतने की क्षमता रखती हैं।
खास बात यह है कि मनीषा ने फाइनल में मुश्किल स्थिति से वापसी करके जीत हासिल की। उनका यह प्रदर्शन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन सकता है।
अब भारतीय कुश्ती को उम्मीद है कि आने वाले समय में देश की महिला पहलवान अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में इसी तरह शानदार प्रदर्शन करेंगी।
मनीषा भानवाला ने गोल्ड मेडल जीतकर सिर्फ अपना सपना पूरा नहीं किया, बल्कि भारतीय महिला कुश्ती के इतिहास में एक नया मुकाम भी हासिल कर लिया है।
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