CEC Gyanesh Kumar News: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ INDIA गठबंधन का जन महाभियोग, राहुल-खरगे समेत कई नेता शामिल
CEC Gyanesh Kumar Impeachment News: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन INDIA ने शनिवार को दिल्ली में प्रतीकात्मक जन महाभियोग आयोजित किया। यह कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुआ। इसमें कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और विपक्ष के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जबकि मल्लिकार्जुन खरगे ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया।
विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूची में बदलाव के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती। विपक्षी दलों ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया है। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि यह संसद में होने वाला वास्तविक महाभियोग नहीं, बल्कि विपक्ष की ओर से आयोजित एक प्रतीकात्मक कार्यक्रम था।
CEC Gyanesh Kumar के खिलाफ क्यों आयोजित किया गया जन महाभियोग?
कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेता लंबे समय से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का मुख्य आरोप विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाने और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर है।
विपक्षी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी भी योग्य मतदाता का नाम नहीं हटाया जाना चाहिए।
कांग्रेस का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग ने कई महत्वपूर्ण मामलों में निष्पक्षता नहीं दिखाई। इसी विरोध को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के लिए जन महाभियोग कार्यक्रम आयोजित किया गया।
खरगे ने पेश किया प्रस्ताव, मीरा कुमार ने की अध्यक्षता
दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के 10, राजाजी मार्ग स्थित आवास पर आयोजित इस कार्यक्रम को संसद की कार्यवाही की तरह तैयार किया गया था।
कार्यक्रम में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने पीठासीन अधिकारी की भूमिका निभाई। मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया। इसके बाद अलग-अलग विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी।
राहुल गांधी ने कार्यक्रम के समापन पर संबोधन दिया। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने चुनाव आयोग की जवाबदेही, मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे उठाए।
इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सोशल मीडिया पर भी किया गया।
विपक्ष ने लगाए छह गंभीर आरोप
जन महाभियोग कार्यक्रम के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ छह प्रमुख आरोप रखे। इनमें विपक्ष की ओर से उठाए गए मुख्य मुद्दे शामिल थे:
SIR के दौरान मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाने का आरोप।
चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल।
चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर विपक्ष की आपत्ति।
चुनाव आयुक्तों के बीच निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर सवाल।
केंद्र सरकार के दबाव में काम करने का आरोप।
योग्य मतदाताओं के मतदान अधिकारों की सुरक्षा को लेकर चिंता।
खरगे ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन गई है। उन्होंने कहा कि विपक्ष मतदाताओं के अधिकारों और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की रक्षा के लिए आवाज उठा रहा है।
गौरतलब है कि ये विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोप हैं। इन्हें किसी न्यायिक या संवैधानिक संस्था की ओर से प्रमाणित निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।
Rahul Gandhi ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर लोगों के मन में सवाल हैं।
उन्होंने विपक्ष के आंदोलन को लोकतंत्र और संविधान की रक्षा से जुड़ा बताया। राहुल गांधी का कहना है कि मतदाता सूची में गड़बड़ी और वोट चोरी से जुड़े मुद्दों पर देशव्यापी चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली INDIA गठबंधन की महारैली में भी लोगों से शामिल होने की अपील की।
Akhilesh Yadav ने भी उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए।
लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि जब सरकार विपक्ष की बात नहीं सुन रही है, तो मॉक पार्लियामेंट के माध्यम से अपनी बात जनता तक पहुंचाई जाएगी।
अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए विपक्षी दलों को एकजुट होकर अपनी आवाज उठानी होगी।
समाजवादी पार्टी ने भी इस पूरे विरोध कार्यक्रम में विपक्ष के साथ एकजुटता दिखाई।
Amit Shah ने राहुल और अखिलेश को दी संसद में चर्चा की चुनौती
विपक्ष के इस कार्यक्रम से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव को खुली चुनौती दी थी।
लखनऊ में भाजपा की बैठक के दौरान अमित शाह ने कहा कि भाजपा संसद में चुनावी प्रक्रिया और वोट चोरी के आरोपों पर चर्चा करने के लिए तैयार है।
उन्होंने दोनों नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि यदि विपक्ष के पास आरोपों के समर्थन में तथ्य हैं तो संसद के विशेष सत्र में उन पर चर्चा की जा सकती है।
अमित शाह ने आरोप लगाया कि विपक्ष संसद में चर्चा करने के बजाय विरोध प्रदर्शन कर रहा है। भाजपा ने जन महाभियोग कार्यक्रम को राजनीतिक प्रदर्शन बताते हुए विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है।
1 नवंबर को रामलीला मैदान में होगी INDIA गठबंधन की महारैली
जन महाभियोग कार्यक्रम के अगले दिन यानी एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की बड़ी रैली प्रस्तावित है।
इस रैली में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव गुट) और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं के शामिल होने की योजना है।
रैली का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, SIR और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियां रहेगा।
विपक्षी दलों का कहना है कि यह आंदोलन केवल राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं है, बल्कि मतदाताओं के अधिकारों और चुनावी पारदर्शिता से भी जुड़ा है।
क्या वास्तव में हटाया जा सकता है CEC ?
इस पूरे विवाद में एक महत्वपूर्ण संवैधानिक पहलू भी है। मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 324(5) और संबंधित कानूनों के तहत निर्धारित है।
मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को हटाने जैसी है। इसके लिए संसद में निर्धारित विशेष प्रक्रिया और दोनों सदनों में आवश्यक बहुमत की जरूरत होती है।
इसलिए विपक्ष की ओर से आयोजित जन महाभियोग कार्यक्रम को वास्तविक संवैधानिक महाभियोग नहीं माना जा सकता। यह एक प्रतीकात्मक राजनीतिक विरोध है, जिसके माध्यम से विपक्ष ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी आपत्तियां सार्वजनिक की हैं।
फिलहाल इस पूरे मामले पर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। अब नजर एक नवंबर को होने वाली INDIA गठबंधन की महारैली और चुनाव आयोग की ओर से उठाए गए सवालों पर आने वाले जवाबों पर रहेगी।
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