Azam Khan News: आजम खान और अब्दुल्ला आजम की रिहाई के आदेश जारी, इतने मामलों में अभी फंसा है पेच

Azam Khan Release News: उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को जेल से बाहर आने का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है। दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोनों के रिहाई परवाने जारी कर दिए हैं। हालांकि, आजम खान के खिलाफ दर्ज अन्य मुकदमों के कारण उनकी जेल से वास्तविक रिहाई की प्रक्रिया अभी पूरी तरह आसान नहीं हुई है।

जानकारी के मुताबिक, आजम खान और अब्दुल्ला आजम की ओर से अदालत में जमानत की औपचारिकताएं पूरी की गईं। दोनों ने निर्धारित धनराशि भी जमा कराई। इसके बाद अदालत ने संबंधित मामले में रिहाई के आदेश जारी किए। इस घटनाक्रम के बाद रामपुर से लेकर लखनऊ तक राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

Azam Khan और Abdullah Azam को कैसे मिली जमानत?

आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से 29 अक्टूबर 2026 को राहत मिली थी। न्यायमूर्ति समित गोपाल की पीठ ने दोनों की सजा निलंबित करते हुए जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।

यह मामला अब्दुल्ला आजम के दो अलग-अलग पैन कार्ड होने के आरोप से जुड़ा है। आरोप था कि दोनों पैन कार्ड में जन्मतिथि अलग-अलग दर्ज थी। इसी मामले में भाजपा नेता आकाश सक्सेना की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कराया गया था।

नवंबर 2025 में रामपुर की एमपी-एमएलए अदालत ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम को दोषी ठहराते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद दोनों ने हाईकोर्ट में राहत के लिए याचिका दाखिल की थी।

हाईकोर्ट ने सजा निलंबित करते हुए जमानत देने का आदेश दिया, लेकिन उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग स्वीकार नहीं की। इसका मतलब है कि इस आदेश से उनकी चुनाव लड़ने की अयोग्यता समाप्त नहीं हुई है।

कितनी रकम जमा करने के बाद जारी हुए रिहाई परवाने?

हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद आजम खान और अब्दुल्ला आजम की ओर से रामपुर की एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में जरूरी दस्तावेज और जमानत संबंधी औपचारिकताएं पूरी की गईं।

रिपोर्ट के अनुसार, आजम खान ने 3.50 लाख रुपये और अब्दुल्ला आजम ने 2.75 लाख रुपये जमा कराए। इसके बाद अदालत ने दो पैन कार्ड मामले में दोनों के रिहाई परवाने जारी कर दिए।

इस घटनाक्रम को दोनों के लिए कानूनी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, रिहाई परवाना जारी होने का अर्थ यह नहीं है कि अन्य मामलों में भी जेल से बाहर आने की सभी औपचारिकताएं अपने आप पूरी हो गई हैं।

आजम खान की रिहाई में 50 से अधिक मुकदमों का पेच

आजम खान की जेल से रिहाई का मामला केवल दो पैन कार्ड केस तक सीमित नहीं है। उनके खिलाफ अलग-अलग अदालतों में कई अन्य मुकदमे भी लंबित हैं।

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, आजम खान के पांच मामलों में रिहाई के परवाने पहले ही जारी किए जा चुके हैं। जबकि 50 से अधिक मामलों में अभी रिहाई से संबंधित परवाने जारी होने बाकी हैं।

इन मामलों में पहले मिली जमानतों को दोबारा बहाल कराने और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने की प्रक्रिया भी चल रही है।

इसलिए आजम खान की वास्तविक रिहाई के लिए सभी संबंधित मामलों की स्थिति और अदालतों के आदेश महत्वपूर्ण होंगे।

ED के मुकदमे में भी हो सकती है सुनवाई

आजम खान से जुड़ा एक अन्य मामला प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की जांच से संबंधित है। रिपोर्ट के अनुसार, टांडा थाने में ईडी की ओर से दर्ज मुकदमे में पुलिस ने अदालत में प्रार्थना पत्र दिया है।

इस मामले में सोमवार को सुनवाई प्रस्तावित है। ऐसे में आजम खान की जेल से रिहाई के घटनाक्रम पर इस मुकदमे की स्थिति का भी असर पड़ सकता है।

उनके वकीलों और संबंधित अधिकारियों की ओर से विभिन्न मामलों में कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

हाईकोर्ट ने दोषसिद्धि पर रोक लगाने से किया इनकार

इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी पहलू यह भी है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम को जमानत तो दे दी, लेकिन उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी।

अदालत ने दोनों के आपराधिक मामलों और पूर्व दोषसिद्धियों का भी उल्लेख किया। कोर्ट के आदेश के मुताबिक, जमानत मिलने से उनकी दोषसिद्धि समाप्त नहीं होती।

यानी दोनों को संबंधित मामले में जमानत का लाभ मिला है, लेकिन दोषसिद्धि से जुड़े कानूनी परिणाम फिलहाल बने रहेंगे।

क्या अब जेल से बाहर आएंगे आजम खान और अब्दुल्ला आजम?

दो पैन कार्ड मामले में रिहाई परवाने जारी होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आजम खान और अब्दुल्ला आजम कब जेल से बाहर आएंगे।

अब्दुल्ला आजम के मामले में भी सभी लंबित मुकदमों और संबंधित आदेशों की स्थिति देखना जरूरी होगा। वहीं आजम खान के खिलाफ 50 से अधिक मामलों में रिहाई संबंधी औपचारिकताएं बाकी होने की जानकारी सामने आई है।

ऐसे में दोनों की वास्तविक रिहाई का समय सभी संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगा।

फिलहाल हाईकोर्ट से मिली जमानत और रामपुर कोर्ट से जारी रिहाई परवाने इस मामले के महत्वपूर्ण घटनाक्रम हैं। अब सबकी नजरें जेल प्रशासन और अदालतों की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।

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