Rashtriya Ekta Diwas 2026: पीएम मोदी ने एकतानगर में परेड की ली सलामी, 426 करोड़ की 31 परियोजनाओं की सौगात
Rashtriya Ekta Diwas 2026: देशभर में शनिवार, 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर PM नरेंद्र मोदी गुजरात के एकतानगर पहुंचे, जहां उन्होंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय एकता दिवस परेड का निरीक्षण किया और विभिन्न सुरक्षा बलों के जवानों के अनुशासन और साहस को सलाम किया। इस मौके पर गुजरात के एकतानगर को पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी 426.71 करोड़ रुपये की 31 विकास परियोजनाओं की सौगात भी मिली।
इन परियोजनाओं में नया आईआरसीटीसी होटल, एकता क्रूज, रेन फॉरेस्ट, इको ट्रेल, सड़कें, पानी और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी सुविधाएं शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य स्टैच्यू ऑफ यूनिटी आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देना और एकतानगर को प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है।
PM Modi ने राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में लिया हिस्सा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचकर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने एकतानगर के परेड ग्राउंड में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में हिस्सा लिया।
इस दौरान राष्ट्रीय एकता दिवस परेड का आयोजन किया गया, जिसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों की टुकड़ियों ने हिस्सा लिया।
परेड में जवानों ने अपनी अनुशासन, वीरता और समर्पण की झलक दिखाई। इस साल की परेड में वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की उपलब्धियों और प्रभावित क्षेत्रों में शांति एवं विकास की दिशा में हुए बदलाव को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया।
इस बार परेड की एक खास बात महिला कर्मियों की भागीदारी भी रही। लगातार पांचवें वर्ष राष्ट्रीय ध्वज गार्ड की कमान महिला अधिकारी ने संभाली। बीएसएफ की असिस्टेंट कमांडेंट डॉ. रुदला इस टुकड़ी की कमांडर थीं। वह बीएसएफ की पहली महिला पैराशूटिस्ट अधिकारी भी हैं।
Ekta Nagar को 426.71 करोड़ की 31 परियोजनाओं की सौगात
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री ने एकतानगर के पर्यटन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कुल 426.71 करोड़ रुपये की 31 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
इनमें 307.83 करोड़ रुपये की लागत वाली 23 परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया, जबकि 118.88 करोड़ रुपये की आठ परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई।
इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य स्टैच्यू ऑफ यूनिटी क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देना, पर्यटकों की आवाजाही आसान बनाना और स्थानीय नागरिक सुविधाओं में सुधार करना है।
कौन-कौन सी बड़ी परियोजनाओं का हुआ लोकार्पण?
प्रधानमंत्री द्वारा लोकार्पित की गई प्रमुख परियोजनाओं में कई नए पर्यटन आकर्षण शामिल हैं।
- आईआरसीटीसी होटल: करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होटल।
- एकता क्रूज: 16 करोड़ रुपये की लागत से विकसित क्रूज सुविधा।
- रेन फॉरेस्ट: 14.30 करोड़ रुपये की लागत से तैयार नया पर्यटन आकर्षण।
- इको ट्रेल: करीब 3.67 करोड़ रुपये की लागत से विकसित प्रकृति आधारित पर्यटन स्थल।सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट:** 45.53 करोड़ रुपये की लागत से तैयार सुविधा।
- वाटर ट्रीटमेंट प्लांट: 21.40 करोड़ रुपये की लागत से विकसित परियोजना।
- परेड ट्रैक: 23.81 करोड़ रुपये की लागत से तैयार परेड ट्रैक और संबंधित सुविधाएं।
- ट्रैवलेटर: 28.22 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटकों की आवाजाही आसान बनाने की सुविधा।
इसके अलावा रेलवे स्टेशन से विजिटर सेंटर तक वॉक-वे का विस्तार, नए वाटर स्टेशन, जेटी और टर्मिनल बिल्डिंग जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।
इन आठ नई परियोजनाओं की रखी गई आधारशिला
प्रधानमंत्री ने 118.88 करोड़ रुपये की आठ परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। इनका उद्देश्य एकतानगर और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन के साथ परिवहन, पर्यावरण और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाना है।
इनमें गोरा-भाणद्रा रोड का विकास, खलवाणी ब्रिज, कैक्टस और बटरफ्लाई गार्डन का एकीकृत विकास, स्मार्ट जीरो वेस्ट सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट और खलवाणी इको टूरिज्म जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।
इन योजनाओं से पर्यटकों के लिए अलग-अलग पर्यटन स्थलों तक पहुंचना आसान होगा। साथ ही क्षेत्र में कचरा प्रबंधन, सड़क संपर्क और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी सुविधाएं भी बेहतर होंगी।
Ekta Cruise और Rain Forest बनेंगे नए पर्यटन आकर्षण
एकतानगर में विकसित की गई नई पर्यटन सुविधाओं में एकता क्रूज और रेन फॉरेस्ट विशेष रूप से चर्चा में हैं।
एकता क्रूज के माध्यम से पर्यटकों को क्षेत्र में अलग तरह का पर्यटन अनुभव मिलेगा। वहीं रेन फॉरेस्ट को प्रकृति और हरियाली से जुड़ा आकर्षण बनाया गया है।
इसके अलावा इको ट्रेल और यूनिटी ग्लो गार्डन जैसी सुविधाएं भी पर्यटकों को आकर्षित करेंगी। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में नई लाइटिंग व्यवस्था और एकता प्रकाश पर्व के माध्यम से रात के पर्यटन को भी बढ़ावा देने की तैयारी है।
सरकार की योजना एकतानगर को ऐसा पर्यटन केंद्र बनाना है, जहां पर्यटक स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के साथ आसपास के प्राकृतिक और सांस्कृतिक आकर्षणों का भी आनंद ले सकें।
सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर एकता का संदेश
राष्ट्रीय एकता दिवस हर साल 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर मनाया जाता है। सरदार पटेल को देश की रियासतों के एकीकरण और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए याद किया जाता है।
इस अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। एकतानगर में होने वाला समारोह इसका प्रमुख केंद्र रहता है, क्योंकि यहीं दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी स्थापित है।
इस साल समारोह में वंदे मातरम को मुख्य विषय बनाया गया। इसके तहत देश की सांस्कृतिक विविधता, राष्ट्रीय गौरव और एकता को प्रदर्शित करने वाले कार्यक्रम आयोजित किए गए। करीब 5,000 कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुति भी समारोह का हिस्सा रही।
एकतानगर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र बनाने की तैयारी
गुजरात सरकार की ओर से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और उसके आसपास के क्षेत्रों में लगातार पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। नई परियोजनाओं के जरिए यहां होटल, क्रूज, प्रकृति आधारित पर्यटन, सड़क संपर्क और नागरिक सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।
426.71 करोड़ रुपये की 31 परियोजनाएं इसी योजना का हिस्सा हैं। इनसे पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय एकता दिवस पर शुरू की गई ये परियोजनाएं एकतानगर के पर्यटन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। आने वाले समय में यहां विकसित होने वाली नई सुविधाएं स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को देखने आने वाले पर्यटकों के अनुभव को और बेहतर बना सकती हैं।
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