CM Dhami Srinagar Visit: सीएम धामी ने श्रीनगर को दी 9.13 करोड़ की सौगात, 9 विकास योजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास

Uttarakhand News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर पहुंचकर क्षेत्र को विकास योजनाओं की सौगात दी। श्रीयंत्र टापू में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नगर निगम श्रीनगर की कुल 9 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन योजनाओं पर लगभग 9.13 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शहरवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए करीब नौ साल बाद सिटी बस सेवा का भी शुभारंभ किया। इसके अलावा कूड़ा निस्तारण, पार्कों के सौंदर्यीकरण, सड़क निर्माण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी परियोजनाओं की शुरुआत की गई।

मुख्यमंत्री के इस दौरे को श्रीनगर गढ़वाल में शहरी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया।

CM Dhami ने श्रीनगर को दी 9.13 करोड़ की सौगात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रीनगर नगर निगम क्षेत्र के लिए कुल 9,13,26,701 रुपये की अनुमानित लागत वाली विकास योजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास, शुभारंभ और भूमिपूजन किया।

इनमें 307.83 लाख रुपये की 23 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 118.88 लाख रुपये की आठ परियोजनाओं का शिलान्यास और भूमिपूजन शामिल है। इन योजनाओं का उद्देश्य शहर की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना और स्थानीय नागरिकों को सुविधाजनक शहरी वातावरण उपलब्ध कराना है।

कार्यक्रम में नगर निगम की महापौर आरती भंडारी भी मौजूद रहीं। उन्होंने मुख्यमंत्री को इन विकास कार्यों के लिए आमंत्रित किया था।

करीब 9 साल बाद शुरू हुई श्रीनगर में सिटी बस सेवा

इस दौरे की सबसे महत्वपूर्ण घोषणाओं में श्रीनगर की सिटी बस सेवा का शुभारंभ शामिल रहा। शहर में करीब नौ साल बाद दोबारा सिटी बस सेवा शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री ने बस को हरी झंडी दिखाकर सेवा की शुरुआत की। इस दौरान बस में नगर निगम के पार्षद भी मौजूद रहे।

सिटी बस सेवा शुरू होने से शहर के अलग-अलग हिस्सों में आने-जाने वाले लोगों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। खासकर विद्यार्थियों, बुजुर्गों, नौकरीपेशा लोगों और बाजार आने वाले नागरिकों को इसका लाभ मिल सकता है।

इस सेवा की शुरुआत के लिए 22,48,514 रुपये की लागत बताई गई है।

6.24 करोड़ की लागत से बना कूड़ा निस्तारण प्लांट

श्रीनगर शहर में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने 6,24,42,187 रुपये की लागत से तैयार म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग एंड डिस्पोजल फैसिलिटी यानी सैनिटरी लैंडफिल का लोकार्पण किया।

इस सुविधा का उद्देश्य शहर से निकलने वाले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन और निस्तारण करना है। इससे खुले में कूड़ा डालने और उससे पैदा होने वाली पर्यावरण संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

शहरी क्षेत्रों में बढ़ते कचरे के दबाव को देखते हुए यह परियोजना नगर निगम के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

रेन वाटर हार्वेस्टिंग पार्क पर खर्च होंगे 88.33 लाख रुपये

पर्यावरण संरक्षण और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए स्वर्गीय रणजीत सिंह भंडारी वाटिका में रेन वाटर हार्वेस्टिंग पार्क विकसित किया जाएगा।

इस परियोजना पर 88,33,000 रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने इस पार्क का शिलान्यास किया।

इसका उद्देश्य वर्षा जल को संरक्षित करने और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ शहर में हरित क्षेत्र का विकास करना है।

इसके अलावा श्रीनगर के गोला बाजार स्थित पार्क के सौंदर्यीकरण के लिए 1,31,72,000 रुपये की लागत से भूमि पूजन भी किया गया।

EV Charging Station और लक्ष्मीनारायण पार्क का लोकार्पण

श्रीनगर में पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए 9.50 लाख रुपये की लागत से स्थापित ईवी चार्जिंग स्टेशन का लोकार्पण किया गया।

इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ शहरों में चार्जिंग सुविधाओं की जरूरत भी बढ़ रही है। ऐसे में यह स्टेशन स्थानीय लोगों और इलेक्ट्रिक वाहन चालकों के लिए उपयोगी हो सकता है।

इसके साथ ही 10.95 लाख रुपये की लागत से तैयार लक्ष्मीनारायण पार्क का भी लोकार्पण किया गया।

शहर के सार्वजनिक पार्कों का विकास होने से स्थानीय नागरिकों को घूमने, बैठने और मनोरंजन के लिए बेहतर स्थान मिल सकेंगे।

सड़क, नाली और अन्य सुविधाओं का भी होगा विकास

मुख्यमंत्री ने वार्ड नंबर दो के सेम गांव में प्रेम बाबा जी के आश्रम से सेम मोड़ तक सड़क पक्कीकरण और नाली निर्माण कार्य का शिलान्यास किया।

इस परियोजना पर 22.51 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। सड़क और नाली निर्माण से स्थानीय निवासियों को आवागमन तथा जल निकासी की सुविधा मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय परिसर में स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की प्रतिमा पर 3.35 लाख रुपये की लागत से तैयार शेड का लोकार्पण किया गया।

इन परियोजनाओं के साथ शहर के विभिन्न हिस्सों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की योजना बनाई गई है।

महिला स्वयं सहायता समूहों को भी मिला प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री के श्रीनगर दौरे के दौरान महिलाओं की आजीविका और स्वरोजगार से जुड़ी गतिविधियों पर भी ध्यान दिया गया।

कार्यक्रम में 'सशक्त बहना, सशक्त उत्तराखंड' पहल के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन राशि वितरित की गई। इस दौरान स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को कुल 2,01,530 रुपये के चेक दिए गए।

इसके अलावा 51 पर्यावरण मित्र महिलाओं को हेल्थ एवं हाइजीन किट भी प्रदान की गईं।

सरकार की इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ना और उनके कार्यस्थल पर स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि श्रीनगर के विकास को नई गति देने के लिए 9 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है।

उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से क्षेत्र की आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और नागरिक सुविधाएं बेहतर बनेंगी।

मुख्यमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय एकता, अखंडता और राष्ट्रहित के महत्व पर भी बात की।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उत्तराखंड को विकास और समृद्धि के रास्ते पर आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही हैं।

श्रीनगर गढ़वाल के विकास को मिलेगी नई गति

श्रीनगर गढ़वाल पौड़ी जिले का एक महत्वपूर्ण शहरी और शैक्षणिक केंद्र है। यहां गढ़वाल विश्वविद्यालय समेत कई महत्वपूर्ण संस्थान स्थित हैं। इसके अलावा चारधाम यात्रा मार्ग पर होने के कारण भी इस शहर की अहम भूमिका है।

ऐसे में सिटी बस सेवा, कूड़ा निस्तारण प्लांट, पार्कों का विकास और सड़क निर्माण जैसी योजनाएं स्थानीय लोगों के साथ यहां आने वाले यात्रियों के लिए भी उपयोगी हो सकती हैं।

कुल मिलाकर 9.13 करोड़ रुपये की नौ प्रमुख विकास योजनाओं के जरिए श्रीनगर में परिवहन, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की कोशिश की गई है। अब इन योजनाओं के प्रभावी संचालन और समय पर पूरा होने पर स्थानीय लोगों की नजर रहेगी।

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