“इटावा: अश्वी यादव पर 5 करोड़ की रंगदारी का केस, घर पर फायरिंग”
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16 October 2026
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Etawah influencer Ashvi Yadav extortion case and firing investigation
अश्वी Yadav Case:उत्तर प्रदेश के इटावा में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अश्वी यादव उर्फ शिवांगी यादव से जुड़े दो मामलों ने चर्चा तेज कर दी है। पहले उन्होंने अपने घर पर फायरिंग और हमला कराने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद उनके खिलाफ 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और कथित ब्लैकमेलिंग के जरिए करीब 1.75 करोड़ रुपये ट्रांसफर कराने के आरोपों में मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है। फिलहाल आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है और किसी भी आरोपी को दोषी ठहराने का फैसला अदालत ही करेगी।
अश्वी यादव फायरिंग केस में क्या हुआ?
जानकारी के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 को अश्वी यादव ने इटावा के फ्रेंड्स कॉलोनी थाने में अपने घर पर फायरिंग और हमला कराने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में चार लोगों को नामजद किया गया था, जबकि तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज कराया गया।
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शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। पुलिस के अनुसार, फुटेज के आधार पर गोली चलाने के संदेह में एक बाल अपचारी की पहचान की गई और उसे गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ बाल न्याय प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई।
इटावा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक, पूछताछ के दौरान कथित साजिश से जुड़े पहलुओं की जानकारी सामने आई। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फायरिंग की घटना में अन्य लोगों की क्या भूमिका थी।
फायरिंग की शिकायत के कुछ दिन बाद अश्वी यादव से जुड़े मामले में एक नया मोड़ आया। 12 अक्टूबर 2026 को भरथना कोतवाली में रंगदारी और ब्लैकमेलिंग के आरोपों को लेकर मुकदमा दर्ज किया गया। यह कार्रवाई अदालत के आदेश पर हुई।
शिकायतकर्ता आशुतोष उर्फ टोनू यादव ने आरोप लगाया कि अश्वी यादव समेत अन्य लोगों ने निजी तस्वीरें सार्वजनिक करने की धमकी देकर उनसे पैसे लिए। शिकायत के अनुसार, अप्रैल 2024 से मई 2026 के बीच अलग-अलग बैंक खातों और अन्य माध्यमों से करीब 1.75 करोड़ रुपये ट्रांसफर कराए गए।
आरोप यह भी है कि बाद में 5 करोड़ रुपये की अतिरिक्त रंगदारी मांगी गई। शिकायतकर्ता ने अपने प्रार्थना पत्र में कथित धमकियों और पैसों के लेनदेन का विवरण दिया है। हालांकि, इन आरोपों की सच्चाई का पता पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही चल सकेगा।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई FIR
रंगदारी के मामले में शिकायतकर्ता ने न्यायालय का रुख किया था। इसके बाद अदालत के आदेश पर भरथना थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मामले में अश्वी यादव उर्फ शिवांगी यादव सहित कई लोगों के नाम सामने आए हैं। शिकायत में कथित तौर पर निजी तस्वीरें सार्वजनिक करने की धमकी, पैसे लेने और अतिरिक्त रकम मांगने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस अब बैंक खातों में हुए लेनदेन, शिकायत में बताए गए घटनाक्रम और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। FIR दर्ज होने का अर्थ यह नहीं है कि आरोप साबित हो गए हैं। जांच के निष्कर्ष और अदालत का फैसला इस मामले में निर्णायक होंगे।
पुलिस दोनों मामलों की जांच में जुटी
इटावा पुलिस के सामने इस समय दो मामलों की कड़ियों को समझने की चुनौती है। एक तरफ अश्वी यादव के घर पर हुई फायरिंग की शिकायत है, तो दूसरी तरफ रंगदारी और ब्लैकमेलिंग के आरोपों वाला मुकदमा है।
एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फायरिंग के मामले में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक बाल अपचारी की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई है। वहीं, रंगदारी के मामले में कथित वित्तीय लेनदेन और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जिन लोगों की भूमिका के संबंध में पर्याप्त साक्ष्य मिलेंगे, उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अश्वी यादव का मामला क्यों चर्चा में है?
अश्वी यादव से जुड़े इस प्रकरण में एक के बाद एक सामने आए आरोपों ने मामले को सुर्खियों में ला दिया है। सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाली इन्फ्लुएंसर का नाम पहले फायरिंग की शिकायत में सामने आया और फिर रंगदारी के आरोपों वाले मुकदमे में भी चर्चा में आया।
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि दोनों घटनाओं से संबंधित तथ्यों की पुष्टि जांच के जरिए होनी बाकी है। किसी शिकायत, FIR या शुरुआती पुलिस कार्रवाई को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।