Ahmedabad Fake Ketchup: 2,000 किलो संदिग्ध जब्त, 105 का डिब्बा
Ahmedabad में बिना टमाटर के केचप बनाने वाली संदिग्ध फैक्ट्री पर कार्रवाई हुई। नगर निगम ने 2,000 किलो माल जब्त किया। जानें सामग्री, कीमत और जांच की पूरी जानकारी
Niharika Gupta Verified Public Figure • 11 Oct, 2026Journalist
Oct 15, 2026 • 4:41 PM | Delhi
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Niharika Gupta
6 hours ago
Ahmedabad Fake Ketchup: 2,000 किलो संदिग्ध जब्त, 105 का डिब्बा
Ahmedabad में बिना टमाटर के केचप बनाने वाली संदिग्ध फैक्ट्री पर कार्रवाई हुई। नगर निगम ने 2,000 किलो माल जब्त किया। जानें सामग्री, कीमत और जांच की पूरी जानकारी
“Ahmedabad Fake Ketchup: 2,000 किलो संदिग्ध जब्त, 105 का डिब्बा”
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15 October 2026
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Ahmedabad Fake Tomato Ketchup
Ahmedabad Fake Tomato Ketchup: गुजरात के अहमदाबाद में खाद्य सुरक्षा को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। अहमदाबाद नगर निगम की टीम ने बहरामपुरा इलाके में कार्रवाई कर करीब 2,000 किलो संदिग्ध टोमेटो केचप जब्त किया है। आरोप है कि फैक्ट्री में असली टमाटर के बजाय आलू के पाउडर, स्टार्च, रंग और अन्य रसायनों का इस्तेमाल करके केचप जैसा उत्पाद बनाया जा रहा था। पांच किलो के डिब्बे की कीमत महज 105 रुपये बताई गई है। अधिकारियों ने नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Ahmedabad में कहां पकड़ी गई संदिग्ध केचप फैक्ट्री?
यह मामला अहमदाबाद के बहरामपुरा इलाके का है। नगर निगम के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने संदिग्ध केचप के उत्पादन से जुड़ी जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू की थी। कार्रवाई के दौरान करीब 2,000 किलो उत्पाद बरामद किया गया।
अहमदाबाद नगर निगम के फूड सेफ्टी ऑफिसर अमित पटेल के मुताबिक, मामले की शुरुआत एक लारी से मिले संदिग्ध केचप के डिब्बे से हुई थी। डिब्बे पर लिखे पते के आधार पर अधिकारियों ने संबंधित परिसर तक पहुंचने की कोशिश की, लेकिन वहां उन्हें फैक्ट्री नहीं मिली।
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इसके बाद टीम ने जांच जारी रखी और दूसरे ठिकाने का पता लगाया। अधिकारियों के अनुसार, इस जगह तक पहुंचने और कार्रवाई करने में करीब तीन महीने लगे। उनका कहना है कि संबंधित लोग पिछले पांच से छह महीनों से इस तरह का उत्पाद बना रहे थे।
अधिकारियों के मुताबिक, संदिग्ध केचप तैयार करने के लिए टमाटर के बजाय आलू का पाउडर, स्टार्च, पानी, रंग, एसिटिक एसिड और अन्य रसायनों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
टमाटर केचप का सामान्य स्वाद, रंग और गाढ़ापन अलग-अलग सामग्री के संतुलित मिश्रण से आता है। इस मामले में आरोप है कि टमाटर का इस्तेमाल किए बिना ही उत्पाद को केचप जैसा रूप दिया जा रहा था।
इस उत्पाद को ‘स्नेक टचअप’ नाम से तैयार किया जा रहा था। हालांकि, उत्पाद में इस्तेमाल की गई सामग्री की सही मात्रा और उसकी गुणवत्ता का पता प्रयोगशाला जांच के बाद ही चल सकेगा।
खाद्य पदार्थों के निर्माण में सामग्री का इस्तेमाल निर्धारित मानकों और नियमों के अनुरूप होना जरूरी है। किसी उत्पाद की पैकेजिंग या नाम देखकर उसकी गुणवत्ता की पुष्टि नहीं की जा सकती।
5 किलो के डिब्बे की कीमत सिर्फ 105 रुपये
इस मामले में उत्पाद की कीमत भी चर्चा में है। रिपोर्ट के मुताबिक, पांच किलो के डिब्बे को 105 रुपये में बेचा जाता था। यानी एक किलो उत्पाद की कीमत करीब 21 रुपये पड़ती है।
इतनी कम कीमत पर मिलने वाले खाद्य उत्पाद की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ सकते हैं, लेकिन केवल कम कीमत के आधार पर किसी उत्पाद को मिलावटी या असुरक्षित घोषित नहीं किया जा सकता। इसके लिए सामग्री, निर्माण प्रक्रिया और प्रयोगशाला की रिपोर्ट जरूरी है।
अधिकारियों की कार्रवाई के बाद अब यह पता लगाने की जरूरत होगी कि संदिग्ध उत्पाद किन दुकानों, लारियों या अन्य खाद्य कारोबारियों तक पहुंचाया जा रहा था। इससे यह भी स्पष्ट हो सकता है कि जब्त किए गए माल का वितरण कितना व्यापक था।
क्या इस केचप से सेहत को नुकसान हो सकता है?
अहमदाबाद नगर निगम के खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने संदिग्ध उत्पाद को स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक बताया है। उनके अनुसार, ऐसे उत्पाद के सेवन से पेट संबंधी समस्याओं और अन्य गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों की आशंका हो सकती है।
हालांकि, इस मामले में स्वास्थ्य पर पड़ने वाले वास्तविक प्रभाव का आकलन उत्पाद में इस्तेमाल की गई सामग्री, उसकी मात्रा और लैब रिपोर्ट के आधार पर ही किया जा सकता है। फिलहाल, जब्त किए गए उत्पाद के नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है।
उपभोक्ताओं को ऐसे खाद्य पदार्थों से सावधान रहना चाहिए जिनकी पैकेजिंग पर निर्माता का नाम, पता, बैच नंबर, निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट या जरूरी खाद्य लाइसेंस की जानकारी स्पष्ट न हो।
यदि किसी उत्पाद की गुणवत्ता पर संदेह हो, तो उसका सेवन रोककर संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत की जा सकती है।
लैब रिपोर्ट के बाद होगी कानूनी कार्रवाई
नगर निगम की टीम ने जब्त किए गए संदिग्ध केचप के नमूने प्रयोगशाला भेज दिए हैं। जांच में उत्पाद की सामग्री, गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन का पता लगाया जाएगा।
यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित निर्माता या अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल, अंतिम निष्कर्ष लैब रिपोर्ट और जांच के परिणामों पर निर्भर करेगा।