Amit Shah on Rahul Gandhi: SIR विवाद पर गृह मंत्री का पलटवार
Amit Shah News अमित शाह ने गुजरात निकाय चुनाव में BJP की जीत के बाद राहुल गांधी पर निशाना साधा। जानें SIR विवाद, 90 सीटों पर जीत और 2029 चुनाव को लेकर दावा।
Niharika Gupta Verified Public Figure • 11 Oct, 2026Journalist
Oct 13, 2026 • 8:02 PM | Delhi Last Edited By:News Tv India हिंदी
(3 hours ago)
N
News TV India
BREAKING
Niharika Gupta
4 hours ago
Amit Shah on Rahul Gandhi: SIR विवाद पर गृह मंत्री का पलटवार
Amit Shah News अमित शाह ने गुजरात निकाय चुनाव में BJP की जीत के बाद राहुल गांधी पर निशाना साधा। जानें SIR विवाद, 90 सीटों पर जीत और 2029 चुनाव को लेकर दावा।
“Amit Shah on Rahul Gandhi: SIR विवाद पर गृह मंत्री का पलटवार”
News TV India
https://www.newstvindia.in/s/1913a4
Date
13 October 2026
QR Code
https://www.newstvindia.in/s/1913a4
Amit Shah on Rahul Gandhi: SIR विवाद पर गृह मंत्री का पलटवार
Amit Shah News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। 13 अक्टूबर 2026 को अमित शाह ने सवाल उठाया कि गुजरात में कांग्रेस लंबे समय से चुनाव क्यों नहीं जीत पा रही है और क्या इसकी वजह भी SIR है? उन्होंने राहुल गांधी को आत्ममंथन करने की सलाह दी। साथ ही दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में NDA 2029 के लोकसभा चुनाव में भी प्रचंड बहुमत से जीत हासिल करेगा।
Gujarat Election Result: BJP ने 104 में से 90 सीटें जीतीं
गुजरात के तीन शहरी स्थानीय निकायों में हुए चुनावों में BJP ने शानदार प्रदर्शन किया। अमित शाह के अनुसार, पार्टी ने कुल 104 सीटों में से 90 सीटों पर जीत हासिल की।
गांधीनगर नगर निगम में BJP ने 44 में से 38 सीटें जीतीं और अपना नियंत्रण बरकरार रखा। कांग्रेस को पांच सीटें मिलीं, जबकि एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गई।
क्या आप WhatsApp पर न्यूज़ अपडेट पाना चाहते हैं?
WhatsApp पर ताज़ा और भरोसेमंद न्यूज़ अपडेट तुरंत पाएं। अभी जुड़ें और हर खबर सबसे पहले पढ़ें।
आम आदमी पार्टी (AAP) को गांधीनगर में कोई सीट नहीं मिली। पार्टी के उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा। इन नतीजों के बाद अमित शाह ने गुजरात में BJP के जनाधार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का जिक्र किया।
हालांकि, गांधीनगर में BJP की सीटें 2021 के मुकाबले तीन कम हुईं, जबकि कांग्रेस ने अपनी सीटों की संख्या बढ़ाई। इसलिए नतीजों को समझने के लिए सभी दलों के प्रदर्शन पर नजर डालना जरूरी है।
Amit Shah Statement: राहुल गांधी पर क्यों साधा निशाना?
अमित शाह ने राहुल गांधी की चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर की गई आलोचना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि BJP की चुनावी जीत को केवल SIR का परिणाम बताकर खारिज नहीं किया जा सकता।
शाह के मुताबिक, कांग्रेस को अपनी लगातार चुनावी हार के कारणों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने गुजरात का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया कि यदि हर हार के लिए चुनावी प्रक्रिया को जिम्मेदार ठहराया जाए, तो पार्टी के लंबे समय से कमजोर प्रदर्शन की व्याख्या कैसे की जाएगी।
गृह मंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में BJP को लगातार मिल रही जीत जनता के समर्थन को दर्शाती है। दूसरी ओर, विपक्ष SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाता रहा है और मतदाता सूची में बदलाव के प्रभाव पर चिंता जताता रहा है।
यह विवाद अब चुनावी राजनीति के साथ-साथ मतदाता सूची की पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रिया पर भरोसे से भी जुड़ गया है।
SIR क्या है और इसे लेकर विवाद क्यों है?
SIR का पूरा नाम Special Intensive Revision है। यह निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची की गहन समीक्षा और संशोधन की प्रक्रिया है।
इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और उसमें मौजूद गलतियों या अपात्र प्रविष्टियों को ठीक करना है। हालांकि, विपक्षी दलों ने कुछ जगहों पर इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव से पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं।
सरकार और निर्वाचन आयोग की ओर से इस प्रक्रिया को मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने से जोड़ा जाता है। ऐसे में SIR को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।
अमित शाह ने गुजरात में BJP की जीत का उदाहरण देते हुए राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या राज्य में कांग्रेस का लंबे समय से कमजोर चुनावी प्रदर्शन भी SIR की वजह से है। यह उनका राजनीतिक पलटवार था, न कि चुनावी प्रक्रिया पर उठे सभी सवालों का स्वतंत्र निष्कर्ष।
2029 Lok Sabha Election: NDA की जीत को लेकर अमित शाह का दावा
अमित शाह ने दावा किया कि 2029 के लोकसभा चुनाव में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाला NDA प्रचंड बहुमत से जीत हासिल करेगा। उन्होंने कांग्रेस को लगातार चौथी बार हार का सामना करने की संभावना जताई।
हालांकि, 2029 के लोकसभा चुनाव के नतीजे अभी भविष्य की बात हैं। गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों के परिणाम राष्ट्रीय चुनावों की जीत की गारंटी नहीं देते। राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन, उम्मीदवार, आर्थिक स्थिति, स्थानीय मुद्दे और मतदाताओं की प्राथमिकताएं अहम भूमिका निभाएंगी।
शाह का बयान BJP के आत्मविश्वास और आगामी चुनावों के लिए पार्टी के राजनीतिक संदेश को दर्शाता है।
गुजरात में BJP की जीत का क्या है राजनीतिक महत्व?
गुजरात BJP का महत्वपूर्ण राजनीतिक आधार रहा है। राज्य में पार्टी लंबे समय से मजबूत संगठन और व्यापक चुनावी नेटवर्क के सहारे चुनाव लड़ती रही है।
गांधीनगर नगर निगम में 38 सीटें जीतकर BJP ने अपना नियंत्रण बनाए रखा। वहीं, कांग्रेस ने पांच सीटें हासिल करके पिछले चुनाव की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया।
AAP को इस चुनाव में अपेक्षित सफलता नहीं मिली। इससे राज्य में विपक्षी दलों के सामने संगठन और जनसमर्थन बढ़ाने की चुनौती बनी हुई है।
इन नतीजों का महत्व केवल सीटों की संख्या तक सीमित नहीं है। ये राज्य में राजनीतिक दलों की संगठनात्मक ताकत और स्थानीय स्तर पर उनके समर्थन की तस्वीर भी पेश करते हैं।
कांग्रेस के सामने क्या हैं चुनौतियां?
गुजरात के नतीजों के बाद कांग्रेस के सामने संगठन को मजबूत करने और मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ बढ़ाने की चुनौती है। पार्टी को स्थानीय नेतृत्व, चुनावी रणनीति और क्षेत्रीय मुद्दों पर प्रभावी तरीके से काम करना होगा।
वहीं, SIR जैसे मुद्दों पर विपक्ष की आपत्तियों का महत्व इस बात पर निर्भर करेगा कि संबंधित प्रक्रियाओं और शिकायतों की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच मतदाताओं के वास्तविक मुद्दों, चुनावी आंकड़ों और आधिकारिक परिणामों को अलग-अलग समझना जरूरी है।