Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार तेजी आई। दूसरी ओर दक्षिण कोरिया का KOSPI 7.57% गिरा। जानें बाजार में उतार-चढ़ाव की वजह।
Niharika Gupta Verified Public Figure • 11 Oct, 2026Journalist
Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार तेजी आई। दूसरी ओर दक्षिण कोरिया का KOSPI 7.57% गिरा। जानें बाजार में उतार-चढ़ाव की वजह।
Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में 15 अक्टूबर 2026 को जोरदार तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स 1,000 अंकों से ज्यादा उछला, जबकि निफ्टी 50 भी मजबूत बढ़त के साथ 23,000 के स्तर के करीब पहुंचा और कुछ रिपोर्टों के मुताबिक इसे पार कर गया। दूसरी ओर, एशियाई बाजारों में भारी दबाव रहा। दक्षिण कोरिया का प्रमुख शेयर इंडेक्स KOSPI 7.57% गिरकर छह महीने के निचले स्तर पर बंद हुआ। अमेरिकी महंगाई, ब्याज दरों को लेकर चिंता और टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली ने वैश्विक बाजारों का माहौल प्रभावित किया।
Stock Market: Sensex और निफ्टी में जोरदार तेजी
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को खरीदारी का माहौल रहा। सेंसेक्स में 1,000 अंकों से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जबकि निफ्टी 50 में भी 300 अंकों से ज्यादा का उछाल देखने को मिला। कारोबार के दौरान आईटी और FMCG शेयरों में खरीदारी ने बाजार को समर्थन दिया।
15 अक्टूबर की एक बाजार रिपोर्ट के अनुसार, सेंसेक्स 73,846.80 के स्तर तक पहुंचा, जबकि निफ्टी 22,929.60 के आसपास रहा। अलग-अलग समय पर जारी बाजार अपडेट में ऊंचे इंट्राडे स्तर भी बताए गए। इसलिए कारोबार के दौरान के आंकड़ों और अंतिम क्लोजिंग स्तर में अंतर हो सकता है।
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पिछले कारोबारी सत्र में गिरावट के बाद भारतीय बाजार में आई तेजी ने निवेशकों का ध्यान खींचा। हालांकि, वैश्विक बाजारों की कमजोरी के कारण निवेशक सतर्क भी रहे।
दक्षिण कोरिया का KOSPI 7.57% गिरा
भारतीय बाजार में तेजी के उलट दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। वहां का प्रमुख इंडेक्स KOSPI 15 अक्टूबर को 7.57% गिरकर 5,554.22 पर बंद हुआ। यह छह महीने का निचला स्तर था।
कारोबार के दौरान इंडेक्स की गिरावट एक समय 9.29% तक पहुंच गई। तेज गिरावट के कारण बाजार में सर्किट ब्रेकर लागू हुआ और कारोबार करीब 20 मिनट के लिए रोकना पड़ा।
इस गिरावट का बड़ा कारण टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में बिकवाली रही। दक्षिण कोरिया का शेयर बाजार बड़ी चिप कंपनियों पर काफी निर्भर है, इसलिए इन कंपनियों के शेयरों में गिरावट का असर पूरे इंडेक्स पर दिखाई दिया।
Samsung और SK Hynix के शेयरों में भारी गिरावट
दक्षिण कोरिया की प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों Samsung Electronics और SK Hynix के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, Samsung Electronics का शेयर करीब 9.5% और SK Hynix का शेयर करीब 11.1% नीचे आया।
सेमीकंडक्टर कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी तकनीकों और डेटा सेंटर के लिए अहम चिप बनाती हैं। हाल के वर्षों में AI निवेश से इन कंपनियों की संभावनाओं को लेकर उम्मीदें बढ़ी थीं।
लेकिन अब निवेशकों के बीच सवाल उठ रहे हैं कि AI पर होने वाला भारी खर्च भविष्य में कितनी कमाई में बदल पाएगा। इसके अलावा, चिप बाजार में प्रतिस्पर्धा और कंपनियों के ऊंचे मूल्यांकन को लेकर भी चिंता बढ़ी है। इससे टेक शेयरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
अ#मेरिकी महंगाई और ब्याज दरों की चिंता
वैश्विक बाजारों में गिरावट की एक प्रमुख वजह अमेरिका से आए महंगाई के आंकड़े रहे। उम्मीद से ज्यादा महंगाई के कारण निवेशकों को आशंका हुई कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है या आगे और बढ़ोतरी कर सकता है।
ब्याज दरें ऊंची रहने पर कंपनियों के लिए कर्ज लेना महंगा हो सकता है। इससे भविष्य की कमाई और शेयरों के मूल्यांकन पर असर पड़ सकता है। खास तौर पर टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयर ब्याज दरों और भविष्य की कमाई को लेकर बदलती उम्मीदों से प्रभावित हो सकते हैं।
इसी माहौल में अमेरिकी बाजारों में टेक शेयरों पर दबाव आया, जिसका असर एशियाई बाजारों में भी दिखाई दिया। हालांकि, अलग-अलग देशों के बाजारों पर घरेलू आर्थिक परिस्थितियों और कंपनियों की स्थिति का असर भी पड़ता है।
भारतीय बाजार में तेजी की वजह क्या रही?
जब एशियाई बाजारों में बिकवाली हो रही थी, उसी समय भारतीय शेयर बाजार में तेजी दर्ज की गई। बाजार रिपोर्टों के अनुसार, आईटी और FMCG शेयरों में खरीदारी ने प्रमुख इंडेक्स को सहारा दिया।
टेक महिंद्रा, TCS, इन्फोसिस और अन्य आईटी कंपनियों के शेयरों में मजबूती से निफ्टी IT इंडेक्स को समर्थन मिला। बाजार में गिरावट के बाद खरीदारी और अलग-अलग क्षेत्रों में निवेशकों की दिलचस्पी भी तेजी की वजह हो सकती है।
हालांकि, केवल एक कारोबारी सत्र की तेजी से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि बाजार में लगातार बढ़त जारी रहेगी। आने वाले सत्रों में विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री, कंपनियों के तिमाही नतीजे, कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिकी ब्याज दरों से जुड़े संकेत महत्वपूर्ण रहेंगे।
Stock Market; निवेशकों को आगे किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?
भारतीय और वैश्विक बाजारों में अलग-अलग रुझान यह दिखाते हैं कि निवेशकों को केवल एक इंडेक्स की चाल देखकर निर्णय नहीं लेना चाहिए। सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में टेक्नोलॉजी शेयरों की कमजोरी का असर आगे भी देखने को मिल सकता है।
निवेशकों के लिए अमेरिकी महंगाई के आंकड़े, फेडरल रिजर्व के संकेत, विदेशी निवेशकों के रुझान, कच्चे तेल की कीमतें और कंपनियों के तिमाही नतीजे महत्वपूर्ण रहेंगे।