Punjab News : आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सरकार की लक्ष्मी योजना को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि योजना में लगाई गई शर्तों के कारण बड़ी संख्या में महिलाएं इसका लाभ नहीं ले पाएंगी। केजरीवाल ने कहा कि यदि सरकार की मंशा सभी महिलाओं तक योजना का लाभ पहुंचाने की है, तो उसे पंजाब की तरह बिना शर्त योजना लागू करनी चाहिए।
उन्होंने पंजाब सरकार की 'मावां-धीयां सत्कार योजना' का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहां पात्र महिलाओं को बिना अतिरिक्त शर्तों के योजना का लाभ दिया जा रहा है।
लक्ष्मी योजना की शर्तों पर क्या बोले केजरीवाल?
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली की लक्ष्मी योजना में 10 वर्ष से दिल्ली का निवासी होने और संबंधित सांसद या विधायक की मंजूरी जैसी शर्तें रखी गई हैं। उनके अनुसार, इन शर्तों के कारण बड़ी संख्या में महिलाएं योजना के दायरे से बाहर रह सकती हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सरकार की नीयत सभी महिलाओं तक योजना पहुंचाने की होती, तो इतनी शर्तें नहीं लगाई जातीं। केजरीवाल का दावा है कि मौजूदा नियमों के तहत दिल्ली की बहुत कम महिलाओं को ही योजना का लाभ मिल पाएगा।
पंजाब मॉडल का दिया उदाहरण
केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा संचालित मावां-धीयां सत्कार योजना में ऐसी शर्तें नहीं रखी गई हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि किसी परिवार में चार महिलाएं हैं, तो सभी को योजना का लाभ मिलता है।
उनके अनुसार, पंजाब में योजना लागू करते समय अमीर-गरीब, जाति या अन्य आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि इसी मॉडल को अपनाकर दिल्ली में भी सभी पात्र महिलाओं को लाभ दिया जाना चाहिए।
सांसद-विधायक की मंजूरी पर भी उठाए सवाल
केजरीवाल ने सांसद और विधायक की मंजूरी की अनिवार्यता पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि इस तरह की प्रक्रिया से लाभार्थियों की संख्या सीमित हो सकती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि योजना का उद्देश्य वास्तव में महिलाओं को आर्थिक सहायता देना है, तो पात्रता की शर्तों को सरल बनाया जाना चाहिए ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इसका लाभ उठा सकें।
भाजपा सरकार पर लगाए राजनीतिक आरोप
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि दिल्ली सरकार को पंजाब सरकार के अनुभव से सीख लेकर महिलाओं के लिए योजनाओं को अधिक समावेशी बनाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि यदि पात्रता की शर्तें कम होंगी तो अधिक महिलाओं तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच सकेगा।