Disha Salian Case : दिशा सालियान की मौत के मामले में CBI की FIR दर्ज होने के बाद शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियान से किसी तरह की जान-पहचान होने से इनकार किया और कहा कि पिछले कई वर्षों से बिना सबूत उनका नाम इस मामले से जोड़ा जा रहा है।
आदित्य ठाकरे ने आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ चलाया जा रहा कथित प्रचार उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश है। उन्होंने जांच एजेंसियों से मामले की निष्पक्ष जांच किए जाने की बात कही।
'मैं दिशा सालियान को जानता तक नहीं'
आदित्य ठाकरे ने कहा कि उनका दिशा सालियान से कोई संबंध नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों से उनका नाम इस मामले से जोड़कर राजनीतिक और व्यक्तिगत तौर पर निशाना बनाया जा रहा है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, ठाकरे ने आरोपों को 'evidence-free' यानी सबूतों से रहित बताया और कहा कि उनका दिशा सालियान की मौत से कोई संबंध नहीं है।
मीडिया ट्रायल पर भी उठाए सवाल
आदित्य ठाकरे ने मामले की मीडिया कवरेज पर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि टीवी डिबेट या मीडिया ट्रायल से तथ्य नहीं बदलते।
उन्होंने जांच को एजेंसियों पर छोड़ने की बात कही और राजनीतिक दबाव या चरित्रहनन के बजाय निष्पक्ष जांच की जरूरत बताई।
क्या है दिशा सालियान मामला?
दिशा सालियान अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं। जून 2020 में मुंबई के मालाड इलाके में एक ऊंची इमारत से गिरने के बाद उनकी मौत हुई थी।
शुरुआती जांच में मुंबई पुलिस ने मामले को एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट के तौर पर दर्ज किया था और बाद में मौत को आत्महत्या माना था। 2023 में महाराष्ट्र सरकार की ओर से गठित SIT ने भी मामले में किसी तरह की आपराधिक साजिश नहीं पाई थी।
हालांकि, दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने बाद में बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया और अपनी बेटी की मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए नए सिरे से जांच की मांग की।
2 सितंबर को हाईकोर्ट ने CBI जांच का आदेश दिया
2 सितंबर 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिशा सालियान की मौत की जांच CBI को सौंपने का आदेश दिया। अदालत ने CBI को वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी के नेतृत्व में जांच करने को कहा।
इसके बाद CBI ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी। FIR में दिशा के पिता की शिकायत के आधार पर कई लोगों की भूमिका की जांच की जानी है।
यहां एक अहम कानूनी बात यह है कि FIR में किसी व्यक्ति का नाम होना अपने आप में उसे आरोपी साबित नहीं करता। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया था कि जांच अधिकारी को पर्याप्त आधार मिलने तक किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाना चाहिए।
FIR में आदित्य ठाकरे का नाम, लेकिन जांच अभी जारी
CBI की FIR में आदित्य ठाकरे समेत कई लोगों के नाम जांच के संदर्भ में सामने आए हैं। दिशा के पिता की शिकायत में तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे और कई पुलिस अधिकारियों एवं अन्य लोगों की भूमिका की जांच की मांग की गई थी।
हालांकि, इन नामों का FIR में होना किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप साबित होने के बराबर नहीं है। CBI की जांच अभी जारी है और एजेंसी को आरोपों, पुराने रिकॉर्ड, गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करनी है।
अब जांच में किन पहलुओं पर नजर?
CBI की जांच में शुरुआती पुलिस जांच के रिकॉर्ड, संबंधित अधिकारियों के बयान, गवाहों और फॉरेंसिक तथा पोस्टमार्टम से जुड़े दस्तावेजों की दोबारा समीक्षा किए जाने की संभावना है।