Jharkhand News : झारखंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच सहयोग की संभावनाओं को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को ऑस्ट्रेलिया के काउंसल-जनरल बर्नार्ड लिंच से मुलाकात की। रांची में हुई इस बैठक में दोनों पक्षों के बीच कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बैठक की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई काउंसल-जनरल के साथ झारखंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच साझेदारी को मजबूत करने को लेकर सार्थक बातचीत हुई।

कौशल शिक्षा और टेक्नोलॉजी पर जोर

बैठक में कौशल और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इसके अलावा टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को भी बातचीत के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल किया गया।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, झारखंड में उपलब्ध मानव संसाधन और प्राकृतिक संसाधनों के साथ ऑस्ट्रेलिया की विशेषज्ञता, संस्थानों और उद्योगों के बीच सहयोग के अवसर तलाशे जा सकते हैं।

खनिज, खेल और पर्यटन भी एजेंडे में

हेमंत सोरेन के अनुसार, बैठक में खनिज क्षेत्र, खेल और पर्यटन से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत हुई। झारखंड की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विशेषताओं को देखते हुए इन क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया गया।

दोनों पक्षों के बीच झारखंड और ऑस्ट्रेलिया की आदिवासी संस्कृतियों और पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों क्षेत्रों की समृद्ध आदिवासी विरासत आपसी सहयोग का एक महत्वपूर्ण आधार बन सकती है।

डिजिटल विकास में सहयोग की संभावना

झारखंड में टेक्नोलॉजी और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है। बैठक में इस क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

कॉपी के मुताबिक, जुलाई में आयोजित राष्ट्रीय स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन के दौरान भी आईटी, एआई, डिजिटल गवर्नेंस, क्लाउड टेक्नोलॉजी और भविष्य के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने जैसे मुद्दों पर वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा हुई थी।

झारखंड-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की प्राकृतिक संपदा, मानव पूंजी और आदिवासी विरासत के साथ ऑस्ट्रेलिया की विशेषज्ञता और संस्थागत क्षमता मिलकर सहयोग के नए अवसर तैयार कर सकती है।

उन्होंने बैठक के बाद झारखंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक मजबूत, स्थायी और आपसी लाभ वाली साझेदारी को आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई। फिलहाल बैठक में जिन क्षेत्रों की पहचान की गई है, उनमें शिक्षा, टेक्नोलॉजी, खनिज, खेल, पर्यटन और आदिवासी ज्ञान-संस्कृति प्रमुख हैं।