JPSC-JSSC Student Protest : झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के बीच बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास आंदोलनरत छात्रों के बीच पहुंचे। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा और उनकी मांगों पर एक सप्ताह के भीतर ठोस कार्रवाई करने की मांग की।

रघुवर दास ने कहा कि पिछले 20 दिनों से छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। झारखंड के अलग-अलग इलाकों से छात्र रांची पहुंचे हैं और अपने भविष्य को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह सिर्फ कुछ छात्रों का आंदोलन नहीं है, बल्कि झारखंड के हर परिवार की भावना इससे जुड़ी है। उन्होंने दावा किया कि पूरे राज्य में छात्रों के आंदोलन को समर्थन मिल रहा है।

अधिकारियों को दी काम सही तरीके से करने की नसीहत

रघुवर दास ने आरोप लगाया कि सरकार के अधिकारी आंदोलन कर रहे छात्रों पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप काम करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती, जबकि अधिकारियों का करियर लंबा होता है। इसलिए छात्रों के साथ किसी तरह का दबाव या छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि अगर छात्रों के साथ अन्याय जारी रहा तो जनता इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।

बोले- इस मंच से राजनीतिक बात नहीं करूंगा

छात्रों को संबोधित करते हुए रघुवर दास ने कहा कि उनका राजनीतिक जीवन भी छात्र आंदोलन से शुरू हुआ था। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस मंच से राजनीतिक बात नहीं करेंगे।

उन्होंने कहा कि यह मंच छात्रों के आंदोलन का है और उनका उद्देश्य छात्रों की जायज मांगों का समर्थन करना है। उन्होंने झारखंड की जनता से भी छात्र आंदोलन को समर्थन देने की अपील की।

रघुवर दास ने कहा कि छात्र झारखंड का भविष्य हैं और उनके भविष्य के साथ किसी तरह का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।

JSSC CGL समेत परीक्षाओं में गड़बड़ी का लगाया आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों में करीब 10 परीक्षाओं में गड़बड़ी और घोटाले के आरोप सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि इनमें सबसे ज्यादा विवाद JSSC CGL परीक्षा को लेकर रहा।

उन्होंने दावा किया कि इन घटनाओं से युवाओं का व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हुआ है। रघुवर दास ने नौकरियों को बेचने और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किए जाने का आरोप भी लगाया।

उन्होंने उत्पाद सिपाही भर्ती के दौरान जान गंवाने वाले अभ्यर्थियों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की।

सरकार को एक सप्ताह का समय

रघुवर दास ने राज्य सरकार से छात्रों की जायज मांगों को एक सप्ताह के भीतर पूरा करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों के आंदोलन को प्रतिष्ठा का विषय नहीं बनाना चाहिए और बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता मालिक होती है और सत्ता में बैठे लोगों को जनता की आवाज सुननी चाहिए।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो अनशन की चेतावनी

रघुवर दास ने कहा कि अगर एक सप्ताह के भीतर छात्रों की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वह खुद भी अनशन पर बैठेंगे।

उन्होंने कहा कि वह छात्रों के संघर्ष में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे। उनके मुताबिक, छात्र सिर्फ अपनी व्यक्तिगत मांगों के लिए आंदोलन नहीं कर रहे हैं, बल्कि झारखंड के युवाओं के भविष्य और भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता के लिए आवाज उठा रहे हैं।