बरनाला, पंजाब - एक ऐतिहासिक क्षण के रूप में, बरनाला शहर आज अपने नगर निगम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव का गवाह बनने जा रहा है। शहर को आज अपना पहला निर्वाचित मेयर मिलने वाला है। इस अहम चुनाव प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए नव-निर्वाचित पार्षदों की एक बैठक बुधवार को नगर निगम के पुस्तकालय सभागार में बुलाई गई है।

मेयर पद पर हसनप्रीत भारद्वाज की दावेदारी मजबूत

नगर निगम में सत्ताधारी दल के पास स्पष्ट बहुमत होने के कारण मेयर पद के लिए हसनप्रीत भारद्वाज का चुनाव लगभग तय माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में इस बात पर आम सहमति है कि भारद्वाज ही शहर के पहले मेयर होंगे।

सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पदों पर अनिश्चितता

हालांकि, मेयर पद के चुनाव को लेकर जहां तस्वीर साफ है, वहीं राजनीतिक हलकों में सबसे ज्यादा चर्चा सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पदों को लेकर हो रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, फिलहाल इन दोनों महत्वपूर्ण पदों के लिए चुनाव को टाले जाने की प्रबल संभावना बनी हुई है।

कई पार्षदों ने जताई दावेदारी

बताया जा रहा है कि सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर जैसे पदों के लिए कई पार्षद अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। यदि इन पदों के लिए चुनाव एक साथ कराए जाते हैं, तो पार्टी के भीतर असंतोष या गुटबाजी की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसी आशंका को देखते हुए, पार्टी नेतृत्व फिलहाल केवल मेयर पद का चुनाव संपन्न कराकर बाकी दोनों पदों पर फैसला बाद में लेने की रणनीति पर काम कर रहा है।

आगामी विधानसभा चुनाव भी बने कारण

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस फैसले के पीछे आगामी विधानसभा चुनावों को भी एक महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है। सत्ताधारी दल किसी भी सूरत में संगठन के भीतर किसी प्रकार का विवाद या नाराजगी सामने नहीं आने देना चाहता। इसलिए, सभी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए बेहद सोच-समझकर कदम उठाए जा रहे हैं।

बरनाला नगर निगम में सत्ताधारी दल का दबदबा

यह उल्लेखनीय है कि बरनाला पहले एक नगर परिषद के रूप में कार्य करता था। हाल ही में इसे नगर निगम का दर्जा प्राप्त हुआ है, जिसके बाद 50 वार्डों वाले नगर निगम का गठन हुआ है। वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर नजर डालें तो सत्ताधारी दल के पास 36 पार्षद हैं, जो स्पष्ट बहुमत को दर्शाता है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी के सात, निर्दलीय पांच और कांग्रेस के दो पार्षद हैं। ऐसे में मेयर पद पर सत्ताधारी दल के उम्मीदवार की जीत को लेकर कोई संशय नहीं है।

पटवारी पद छोड़कर राजनीति में आए हसनप्रीत

मेयर पद के संभावित उम्मीदवार हसनप्रीत भारद्वाज का राजनीतिक सफर लंबा रहा है। वह लंबे समय से पार्टी संगठन से जुड़े हुए हैं और सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर के विशेष कार्य अधिकारी के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। सरकारी सेवा में रहते हुए, वह माल विभाग में पटवारी के पद पर तैनात थे। वर्ष 2022 में प्रदेश में सरकार बनने के बाद, उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देकर पूरी तरह से राजनीतिक जिम्मेदारियों को संभाला।

हाल ही में वार्ड नंबर 44 से पार्षद चुने गए हसनप्रीत भारद्वाज को संगठन का एक भरोसेमंद चेहरा माना जाता है। इस लिहाज से उनका मेयर बनना लगभग तय है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पदों को लेकर नेतृत्व क्या अंतिम फैसला लेता है और बरनाला नगर निगम की नई टीम कब तक पूरी तरह से आकार लेती है।