CM Bhagwant Mann : पंजाब सरकार का कहना है कि महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन्हीं में 'मां-बेटी सम्मान योजना' को भी एक महत्वपूर्ण पहल बताया जा रहा है। सरकार का दावा है कि इस योजना के माध्यम से बड़ी संख्या में पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता का लाभ मिल रहा है।
सरकार के अनुसार, योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना, उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करना और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है।
CM Bhagwant Mann सरकार का क्या दावा है?
पंजाब सरकार के मुताबिक, मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चलाई जा रही मां-बेटी सम्मान योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
सरकार का दावा है कि योजना के तहत सामान्य वर्ग (General Category) की पात्र महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह और अनुसूचित जाति (SC Category) की पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह की सहायता प्रदान की जाती है।
महिलाओं के सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस
सरकार का कहना है कि महिलाओं का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण उसकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न योजनाओं पर लगातार काम किया जा रहा है।
सरकार के अनुसार, ऐसी योजनाएं महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर भी देती हैं।
लाभार्थियों की संख्या बढ़ने का दावा
पंजाब सरकार का कहना है कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण लाभार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके लिए पात्र महिलाओं की पहचान, आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने और गांव-गांव तक योजना की जानकारी पहुंचाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
सरकार का दावा है कि इन प्रयासों से अधिक से अधिक महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ने में मदद मिली है।
योजना का उद्देश्य क्या है?
सरकार के अनुसार, मां-बेटी सम्मान योजना का मकसद महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना है। सरकार का मानना है कि महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होने से परिवार और समाज दोनों के विकास को गति मिलती है।