Bharat Tiwari Encounter : बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। भोजपुर जिले के जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा को लाइन हाजिर कर पुलिस मुख्यालय भेज दिया गया है। वहीं, जगदीशपुर के एसडीओ संजीत कुमार को भी उनके पद से हटाकर सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान देने का आदेश जारी किया गया है।

यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब हाल ही में भरत तिवारी के परिजनों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर मामले में न्याय की मांग की थी।

Bharat Tiwari Encounter मामला क्या है?

भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी 26 वर्षीय भरत भूषण तिवारी की 17 जून 2026 को कथित पुलिस मुठभेड़ के दौरान गोली लगने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

पुलिस का दावा था कि भरत तिवारी ने अवैध हथियार से पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में कार्रवाई की गई।

वहीं, परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि भरत तिवारी ने कथित तौर पर आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद उन्हें गोली मारी गई। इस मामले में दर्ज एफआईआर में कई पुलिसकर्मियों के नाम शामिल हैं। इन आरोपों की जांच जारी है और अदालत या जांच एजेंसी की ओर से अभी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

राजेश कुमार शर्मा को क्यों हटाया गया?

घटना के समय राजेश कुमार शर्मा जगदीशपुर के एसडीपीओ थे। घटना के बाद उन्हें वहां से हटाकर मद्य निषेध विभाग में डीएसपी के पद पर तैनात किया गया था।

अब नए आदेश के तहत उन्हें वहां से भी हटाकर पुलिस मुख्यालय में योगदान देने के लिए कहा गया है।

परिजनों का आरोप है कि एनकाउंटर के दौरान ऑपरेशन का नेतृत्व राजेश कुमार शर्मा कर रहे थे। उनका नाम दर्ज एफआईआर में भी शामिल है। हालांकि, इस मामले में उनकी कानूनी जिम्मेदारी का फैसला जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

जगदीशपुर के SDO संजीत कुमार भी हटाए गए

सरकार ने जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीओ संजीत कुमार को भी उनके पद से हटाकर सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान देने का निर्देश दिया है।

भरत तिवारी के परिवार ने पहले भी संजीत कुमार की भूमिका पर सवाल उठाए थे। परिजनों का आरोप है कि भरत तिवारी स्थानीय मुद्दों, बाढ़ प्रभावितों के पुनर्वास और कथित अनियमितताओं को लेकर प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाते थे। हालांकि, इन आरोपों की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।

मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद बढ़ी हलचल

भरत तिवारी के परिजनों ने हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की थी। इसके बाद सरकार की ओर से किए गए इन प्रशासनिक बदलावों को मामले से जोड़कर देखा जा रहा है।

हालांकि, सरकार ने इन तबादलों को लेकर कोई विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किया है।

न्यायिक जांच पहले से जारी

भरत तिवारी एनकाउंटर मामला पिछले कई सप्ताह से बिहार की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना के बाद विभिन्न स्थानों पर महापंचायतें आयोजित की गईं, जबकि परिजनों ने न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया।

सरकार पहले ही मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे चुकी है और जांच की प्रक्रिया जारी है। ऐसे में अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।