नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने राजस्थान कैडर के 1994 बैच के IAS अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया है। वे विनीत जोशी की जगह यह जिम्मेदारी संभालेंगे।
यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब देश में NEET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली को लेकर बहस तेज है। हालांकि, सरकार ने अपने आदेश में इस तबादले को किसी विशेष विवाद या परीक्षा से नहीं जोड़ा है।
Naresh Pal Gangwar के सामने क्या होंगी सबसे बड़ी चुनौतियां?
नए उच्च शिक्षा सचिव के रूप में नरेश पाल गंगवार ऐसे विभाग की कमान संभाल रहे हैं, जो देश की उच्च शिक्षा और राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं से जुड़े कई अहम फैसलों में भूमिका निभाता है।
हाल के महीनों में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता, सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही को लेकर कई सवाल उठे हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि नए सचिव के सामने परीक्षा प्रक्रिया को और मजबूत बनाने, तकनीकी सुरक्षा बढ़ाने और छात्रों का भरोसा कायम रखने जैसी अहम जिम्मेदारियां होंगी।
कौन हैं नरेश पाल गंगवार?
नरेश पाल गंगवार भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी हैं। वे 1994 बैच के राजस्थान कैडर से हैं और करीब ढाई दशक तक राजस्थान में विभिन्न प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
केंद्र सरकार में नई जिम्मेदारी मिलने से पहले वे पशुपालन और डेयरी विभाग में सचिव के पद पर कार्यरत थे। प्रशासनिक अनुभव और नीति निर्माण में उनकी सक्रिय भूमिका के कारण उन्हें सरकार के अनुभवी अधिकारियों में गिना जाता है।
IIT से इंजीनियरिंग, फिर सिविल सेवा तक का सफर
नरेश पाल गंगवार की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी काफी मजबूत मानी जाती है। उन्होंने IIT रुड़की से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बी.टेक किया है।
इसके बाद IIT दिल्ली से कम्युनिकेशन एंड रडार इंजीनियरिंग में एम.टेक की डिग्री हासिल की। इसके अलावा उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में एम.ए. भी किया है।
तकनीकी और प्रशासनिक अनुभव का यह संयोजन उन्हें शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी निभाने में मददगार माना जा रहा है।
राजस्थान में निभा चुके हैं कई अहम जिम्मेदारियां
राजस्थान में सेवा के दौरान नरेश पाल गंगवार कई जिलों में जिला कलेक्टर रहे। राज्य में अक्षय ऊर्जा, विशेष रूप से सौर ऊर्जा परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
बताया जाता है कि जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय सौर मिशन के शुरुआती चरण में नीतिगत स्तर पर उन्होंने अहम योगदान दिया था।
विनीत जोशी को मिली नई जिम्मेदारी
उच्च शिक्षा विभाग के पूर्व सचिव विनीत जोशी को अब पंचायती राज मंत्रालय में सचिव नियुक्त किया गया है। वे 1992 बैच के IAS अधिकारी हैं।
हाल के दिनों में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उठे सवालों के बीच यह प्रशासनिक फेरबदल चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से जारी आदेश में इसे नियमित प्रशासनिक नियुक्ति के रूप में ही प्रस्तुत किया गया है और तबादले के पीछे कोई विशेष कारण नहीं बताया गया है।
अब सभी की नजर नए सचिव पर
उच्च शिक्षा विभाग में यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। ऐसे में छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा जगत की निगाहें अब नरेश पाल गंगवार पर होंगी कि उनके नेतृत्व में उच्च शिक्षा विभाग और परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में क्या नए कदम उठाए जाते हैं।