Katihar News : बिहार के कटिहार जिले में अवैध हथियार निर्माण के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बरारी थाना क्षेत्र में एक कथित मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा करते हुए संयुक्त टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मौके से कई देशी हथियार, हथियार बनाने के उपकरण और लेथ मशीन बरामद की गई है। मामले की जांच जारी है और पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

यह कार्रवाई एसटीएफ पूर्णिया, जिला आसूचना इकाई और बरारी थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर संयुक्त रूप से की।

Katihar News: टीन शेड की दुकान में चल रहा था कथित हथियार बनाने का काम

पुलिस के मुताबिक, बरारी थाना क्षेत्र के सुजापुर चौक से करीब 600 मीटर दूर बांसमिट्टी स्थित एक टीन शेड वेल्डिंग दुकान में छापेमारी की गई। इसी दौरान पुलिस ने वहां मौजूद एक व्यक्ति को पकड़ लिया, जो कथित तौर पर मौके से भागने की कोशिश कर रहा था।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान मो. रजाउल अंसारी के रूप में हुई है, जो बरारी थाना क्षेत्र के कजरा गांव का रहने वाला बताया गया है।

खुदाई में मिले देशी कट्टे और हथियार बनाने के पुर्जे

पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान कमरे के अंदर जमीन का एक हिस्सा खुदा हुआ मिला। जब वहां खुदाई कराई गई तो दो बोरों में छिपाकर रखे गए चार देशी कट्टे, एक दो नाली बंदूक और एक अर्द्धनिर्मित कट्टा बरामद हुआ।

इसके अलावा मौके से हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई पुर्जे भी मिले, जिनमें बैरल, ट्रिगर, हैमर, बॉडी लॉक, फरमा और कारतूस के खोखे शामिल हैं। पुलिस ने एक मोटर चालित लेथ मशीन और अन्य उपकरण भी जब्त किए हैं।

पुलिस का दावा- दियारा क्षेत्र के अपराधियों तक होती थी सप्लाई

एसडीपीओ सदर-2 सुनील कुमार शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया है कि वह लेथ मशीन की मदद से देशी हथियार तैयार कर दियारा क्षेत्र के अपराधियों तक पहुंचाता था।

पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है। अब उसकी तकनीकी जांच की जा रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके।

पहले भी दर्ज हैं आपराधिक मामले

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पहले से डकैती की तैयारी और आर्म्स एक्ट के तहत दो मामले दर्ज हैं। इस मामले में बरारी थाना में अवैध हथियार निर्माण, भंडारण और बिक्री से संबंधित धाराओं में नया केस दर्ज किया गया है।

हालांकि, इन मामलों में आरोपी की दोषसिद्धि अदालत में विचाराधीन प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस

पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि यहां तैयार किए गए हथियार दियारा क्षेत्र के अपराधियों तक पहुंचाए जाते थे। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं, अब तक कितने हथियार तैयार किए गए और उनकी सप्लाई किन इलाकों में की गई।