श्रावण मास की शुरुआत के साथ झारखंड का Baba Baidyanath Dham एक बार फिर शिवभक्ति में सराबोर हो गया है। विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेले में देशभर से आने वाले कांवरियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और सावन के पहले सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। जिला प्रशासन का अनुमान है कि 3 अगस्त को दो लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करने देवघर पहुंच सकते हैं।
इसी को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। पूरे मेला क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन मिल सके।
Shravani Mela 2026 में लगातार बढ़ रही कांवरियों की संख्या
श्रावणी मेले के शुरुआती दिनों से ही कांवर यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। प्रशासन के अनुसार बिहार के अजगैवीनाथ से पहले दिन करीब 47 हजार कांवरियों ने यात्रा शुरू की थी। दूसरे दिन यह आंकड़ा बढ़कर लगभग एक लाख तक पहुंच गया, जबकि तीसरे दिन शाम तक 70 हजार से अधिक श्रद्धालु कांवर लेकर देवघर के लिए रवाना हो चुके थे।
इन आंकड़ों के आधार पर प्रशासन का अनुमान है कि रविवार शाम तक करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु देवघर पहुंच जाएंगे। वहीं, पहले सोमवार की दोपहर तक यह संख्या दो लाख के पार जा सकती है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु सड़क और रेल मार्ग से भी बाबा धाम पहुंच रहे हैं।
जलाभिषेक को सुगम बनाने के लिए बनाई गई विशेष योजना
करीब एक महीने तक चलने वाले इस श्रावणी मेले में लगभग 50 लाख श्रद्धालुओं के जलाभिषेक करने की संभावना जताई गई है। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए इस बार भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
झारखंड राज्य बनने के बाद पहली बार अजगैवीनाथ से लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम तक बिहार और झारखंड प्रशासन ने संयुक्त रूप से समन्वित व्यवस्था तैयार की है। इसके तहत रियल टाइम रिपोर्टिंग सिस्टम विकसित किया गया है, जिससे गंगा तट से यात्रा शुरू करने वाले कांवरियों की संख्या की जानकारी सीधे देवघर स्थित इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम तक पहुंच रही है।
इस व्यवस्था के जरिए प्रशासन को भीड़ का आकलन पहले से मिल रहा है, जिससे जरूरत पड़ने पर समय रहते अतिरिक्त व्यवस्थाएं लागू की जा सकती हैं।
Baba Baidyanath Dham में सुरक्षा के लिए AI कैमरों से होगी निगरानी
श्रावणी मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए करीब 10 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और क्विक रिस्पांस टीम (QRT) भी मेला क्षेत्र में तैनात रहेंगी।
पूरे मेला क्षेत्र पर 1035 सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार निगरानी रखी जाएगी। इसके साथ ही 225 एआई आधारित कैमरे भी लगाए गए हैं। ये कैमरे किसी भी होल्डिंग प्वाइंट पर निर्धारित क्षमता से अधिक भीड़ होने पर तुरंत कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजेंगे।
प्रशासन का कहना है कि इस तकनीक की मदद से भीड़ को समय रहते नियंत्रित किया जा सकेगा और श्रद्धालुओं को बिना किसी अव्यवस्था के जलाभिषेक करने में सुविधा मिलेगी।
पहले सोमवार पर आस्था और प्रशासनिक तैयारियों की होगी बड़ी परीक्षा
सावन का पहला सोमवार बाबा बैद्यनाथ धाम में सबसे महत्वपूर्ण दिनों में माना जाता है। ऐसे में लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच प्रशासन के लिए भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सबसे बड़ी चुनौती होगी।
जिला प्रशासन का दावा है कि आधुनिक तकनीक, संयुक्त निगरानी व्यवस्था और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती के जरिए श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम जलाभिषेक का अनुभव देने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही कंट्रोल रूम से पूरे मेला क्षेत्र की लगातार निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी भी स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।