अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा और वित्तीय अनियमितताओं के मामले ने एक बार फिर राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सुल्तानपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गठित विशेष जांच दल (SIT) को 13 महत्वपूर्ण दस्तावेज सौंप दिए हैं, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने के बजाय पूरे मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।
'13 और दस्तावेज भी तैयार हैं'
मीडिया से बातचीत में संजय सिंह ने कहा कि वह खुद SIT के सामने पेश होकर सभी दस्तावेज जमा कर चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके पास 13 और नए दस्तावेज भी हैं, जिन्हें जल्द जांच एजेंसी को सौंपा जाएगा।
उनके मुताबिक, यदि जांच निष्पक्ष हुई तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी।
योगी आदित्यनाथ के बयान पर पलटवार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर भी संजय सिंह ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वालों पर निशाना साधा गया था।
संजय सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार पर सवाल उठाने वाले लोगों को राम विरोधी बताना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि क्या मंदिर से जुड़े मामलों में पारदर्शिता की मांग करना गलत है?
कई प्रमुख नामों का किया उल्लेख
संजय सिंह ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन और ट्रस्ट से जुड़े कई लोग भी समय-समय पर मंदिर के चढ़ावे और निर्माण कार्यों को लेकर सवाल उठा चुके हैं।
उन्होंने नृपेन्द्र मिश्रा, महंत नृत्य गोपाल दास, महंत धर्मदास, विनय कटियार, महिपाल सिंह और इंजीनियर दीनानाथ वर्मा का नाम लेते हुए कहा कि यदि ये लोग भी सवाल उठा रहे हैं, तो उनके सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए।
लगाए गंभीर आरोप
आप सांसद ने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण और जमीन खरीद से जुड़े मामलों में वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि निर्माण कार्यों में भारी कमीशनखोरी हुई।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जांच उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT कर रही है।
अधिकारियों की भूमिका पर भी उठाए सवाल
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि उस समय के कुछ प्रशासनिक अधिकारियों और ट्रस्ट से जुड़े जिम्मेदार लोगों को कथित अनियमितताओं की जानकारी थी, लेकिन इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी के सामने दस्तावेज मौजूद हैं, इसलिए अब सरकार को निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
राम मंदिर से जुड़े इस मामले की जांच जारी है। अभी तक जांच एजेंसी की ओर से आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में सभी दावों और आरोपों की सत्यता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच अब सभी की नजर SIT की अगली कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।