बरुण कुमार / जहानाबाद : जहानाबाद के चैतीपीपर गोलीकांड को लेकर सियासत तेज हो गई है। बुधवार को भाकपा (माले) ने प्रेसवार्ता कर प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। पार्टी ने दावा किया कि यह दो पक्षों के बीच का सामान्य विवाद नहीं था, बल्कि कथित बालू माफिया द्वारा गरीब ग्रामीणों पर किया गया सुनियोजित हमला था। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

'गरीबों पर हमला, दो पक्षों का विवाद नहीं'

प्रेसवार्ता में अरवल के पूर्व विधायक महानंद सिंह ने कहा कि पार्टी की उच्चस्तरीय जांच टीम ने चैतीपीपर गांव का दौरा कर पीड़ित परिवारों और ग्रामीणों से बातचीत की। उनके मुताबिक, ग्रामीणों ने बताया कि 4 जुलाई को कथित बालू माफिया से जुड़े लोगों ने बस्ती पर हमला कर अंधाधुंध फायरिंग की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन इस घटना को दो पक्षों का विवाद बताकर मामले की गंभीरता कम करने की कोशिश कर रहा है।

'बालू को लेकर विवाद के बाद चली गोलियां'

महानंद सिंह ने आरोप लगाया कि फल्गु नदी किनारे रहने वाले गरीब परिवार अपने घरों के छोटे-मोटे निर्माण के लिए सीमित मात्रा में बालू लाना चाहते थे। उनका दावा है कि इसी को लेकर कथित बालू माफिया उनसे पैसे की मांग करता था और विरोध करने पर धमकियां दी जाती थीं। पार्टी के अनुसार, इसी विवाद के बाद हथियारबंद लोगों ने गांव में हमला किया, जिसमें कई ग्रामीण गोली लगने से घायल हुए।

'ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंपा'

भाकपा (माले) का दावा है कि घटना के बाद ग्रामीणों ने मुख्य आरोपी विष्णु शर्मा को पकड़कर पुलिस के हवाले किया। पार्टी का कहना है कि यदि ग्रामीण दोषी होते तो वे स्वयं आरोपी को पुलिस के सुपुर्द नहीं करते। पार्टी ने आरोप लगाया कि पुलिस निष्पक्ष जांच करने के बजाय पीड़ित पक्ष को ही कठघरे में खड़ा कर रही है।

प्रशासन से कीं ये प्रमुख मांगें

भाकपा (माले) ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि:

  • पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
  • हमले में शामिल सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी हो।
  • कथित अवैध बालू खनन और उसे संरक्षण देने वालों की भूमिका की भी जांच हो।
  • घायलों के बेहतर इलाज, पीड़ित परिवारों को मुआवजा और सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
  • निर्दोष ग्रामीणों पर किसी प्रकार की कार्रवाई न हो और झूठे मुकदमों से संरक्षण दिया जाए।

11 जुलाई को जहानाबाद में प्रतिवाद सभा

भाकपा (माले) ने घोषणा की कि 11 जुलाई को जहानाबाद में जिलास्तरीय प्रतिवाद सभा आयोजित की जाएगी। पार्टी के अनुसार, इस कार्यक्रम में पीड़ित परिवार, ग्रामीण और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे तथा घटना से जुड़े अपने पक्ष और तथ्यों को सार्वजनिक करेंगे।

प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार

फिलहाल भाकपा (माले) के ये आरोप उसके अपने दावे हैं। प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।