मोहम्मद Shami को टीम इंडिया में मौका नहीं मिलने से निराश रवि शास्त्री, बोले- अभी 30-40 विकेट लेने का दम था

भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद Shami को टेस्ट टीम में मौका नहीं मिलने का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। टीम इंडिया के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने चयनकर्ताओं के फैसले पर निराशा जताते हुए कहा है कि शमी ने घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करके अपनी फिटनेस और गेंदबाजी क्षमता साबित की है। इसके बावजूद उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में दोबारा मौका नहीं मिलना निराशाजनक है।

रवि शास्त्री का मानना है कि किसी तेज गेंदबाज की फिटनेस का असली आकलन जिम में उसकी ट्रेनिंग से नहीं, बल्कि मैदान पर उसके प्रदर्शन और लंबे स्पैल तक गेंदबाजी करने की क्षमता से किया जाना चाहिए। शमी ने बंगाल की ओर से घरेलू क्रिकेट में लगातार गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभाली है। ऐसे में उनके प्रदर्शन को भारतीय टीम में चयन के लिए गंभीरता से देखा जाना चाहिए था।

मोहम्मद Shami के चयन पर रवि शास्त्री ने उठाए सवाल

भारत के पूर्व कप्तान और मुख्य कोच रवि शास्त्री ने दूसरे वनडे मुकाबले से पहले सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर बातचीत के दौरान मोहम्मद शमी को टेस्ट टीम में मौका नहीं मिलने पर अपनी नाराजगी जाहिर की।

शास्त्री ने कहा कि शमी जैसे अनुभवी और मेहनती खिलाड़ी ने घरेलू क्रिकेट में लगातार खेलकर अपनी क्षमता साबित की है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कोई गेंदबाज मैच में 15 से 20 ओवर तक गेंदबाजी कर रहा है, तो उसकी फिटनेस पर संदेह करने का आधार क्या होना चाहिए?

शास्त्री के मुताबिक, अगर कोई गेंदबाज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की तैयारी कर रहा है, तो उसकी मैच फिटनेस को परखने के लिए घरेलू क्रिकेट से बेहतर मंच नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा, "अगर आप मैच में 10 या 12 ओवर नहीं कर सकते तो जिम में फिट रहने का क्या मतलब है? यहां आपके पास एक मेहनती खिलाड़ी है, जो आपके लिए गेंदबाजी कर रहा है। इसलिए मैं थोड़ा निराश हूं कि उन्हें दोबारा मौका नहीं मिला।"

घरेलू क्रिकेट में 15-20 ओवर गेंदबाजी कर रहे थे Shami 

रवि शास्त्री ने मोहम्मद शमी के घरेलू क्रिकेट में काम के बोझ का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बंगाल के लिए खेलते हुए शमी लगातार मैचों में हिस्सा ले रहे थे और एक मुकाबले में 15 से 20 ओवर तक गेंदबाजी कर रहे थे।

शास्त्री का मानना है कि किसी भी तेज गेंदबाज की फिटनेस का सबसे बड़ा प्रमाण उसका मैच में लगातार गेंदबाजी करना है। यदि खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट में लंबे स्पैल डालने में सक्षम है, तो उसके प्रदर्शन और शारीरिक क्षमता को चयन के दौरान महत्व दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि उन्होंने शमी की फिटनेस को लेकर मीडिया में आई कई रिपोर्ट्स देखी हैं, लेकिन बंगाल के लिए उनके लगातार खेलने और गेंदबाजी करने की क्षमता को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

शास्त्री ने कहा, "आप एक खिलाड़ी से अपनी फिटनेस साबित करने के लिए और क्या चाहते हैं? वह बंगाल के लिए हर मैच खेल रहे थे और 15-20 ओवर गेंदबाजी कर रहे थे।"

शास्त्री को Shami से थीं 30-40 और विकेट की उम्मीदें

रवि शास्त्री ने मोहम्मद शमी के अंतरराष्ट्रीय करियर और भारतीय टेस्ट क्रिकेट में उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उनमें अभी भी काफी क्रिकेट बाकी था।

पूर्व भारतीय कोच का मानना है कि शमी पिछले 12 महीनों में भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा हो सकते थे। उन्हें उम्मीद थी कि अनुभवी तेज गेंदबाज देश के लिए कम से कम 30 से 40 और विकेट हासिल कर सकते थे।

शास्त्री ने शमी को लेकर निराशा जाहिर करते हुए कहा कि यह दुखद है कि देश के लिए इतना शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को दोबारा खेलने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला।

उनके मुताबिक, शमी जैसे अनुभवी गेंदबाज की मौजूदगी मुश्किल अंतरराष्ट्रीय सीजन में टीम के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती थी।

टीम इंडिया के लिए क्यों अहम हैं मोहम्मद शमी?

मोहम्मद शमी भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली तेज गेंदबाजों में शामिल रहे हैं। नई गेंद से स्विंग हासिल करने के साथ-साथ पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग और सटीक सीम गेंदबाजी उनकी प्रमुख खूबियां रही हैं।

टेस्ट क्रिकेट में शमी ने कई मौकों पर भारतीय टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला है। उनकी गेंदबाजी में गति, सटीकता और लंबे स्पैल डालने की क्षमता का अच्छा संयोजन देखने को मिलता है।

खासकर विदेशी परिस्थितियों में शमी का अनुभव भारतीय टीम के लिए काफी महत्वपूर्ण रहा है। ऐसे में अनुभवी तेज गेंदबाज की उपलब्धता टीम के गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती दे सकती है।

हालांकि, किसी खिलाड़ी के चयन में फिटनेस, मौजूदा फॉर्म, टीम की जरूरत और भविष्य की योजनाओं जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है।

Shami की वापसी पर फिर शुरू हुई चर्चा

रवि शास्त्री के बयान के बाद भारतीय टेस्ट टीम में मोहम्मद शमी की वापसी को लेकर बहस तेज होने की संभावना है। शास्त्री ने साफ संकेत दिया है कि घरेलू क्रिकेट में शमी के प्रदर्शन को उनकी फिटनेस और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए तैयारी का महत्वपूर्ण पैमाना माना जाना चाहिए।

अब देखना होगा कि भारतीय टीम प्रबंधन और चयनकर्ता अनुभवी तेज गेंदबाज को लेकर भविष्य में क्या फैसला लेते हैं। फिलहाल शास्त्री का बयान इस बात को फिर चर्चा में ले आया है कि क्या मोहम्मद शमी को भारतीय टेस्ट टीम में एक और मौका मिलना चाहिए था।

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