FII: भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की धमाकेदार वापसी, एक हफ्ते में लगाए ₹45,960 करोड़; सेंसेक्स-निफ्टी में 8.5% से ज्यादा की तेजी
FII: भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर विदेशी निवेशकों (FII) का भरोसा लौटता दिखाई दे रहा है। लगातार बिकवाली के लंबे दौर के बाद विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय बाजार में जोरदार वापसी की है। बीते कारोबारी सप्ताह में एफआईआई ने लगातार पांचों सत्रों में खरीदारी करते हुए कुल 45,960 करोड़ रुपये का निवेश किया। खास बात यह है कि विदेशी निवेशकों की एक सप्ताह की खरीदारी अक्टूबर महीने में हुई कुल बिकवाली से भी अधिक रही।
दूसरी तरफ, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार में आई तेजी का फायदा उठाते हुए जमकर मुनाफावसूली की। डीआईआई ने पूरे सप्ताह में करीब 24,197 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। विदेशी और घरेलू निवेशकों के इस बदले हुए रुख का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में शानदार तेजी दर्ज की गई और बाजार ने लगातार सात कारोबारी सत्रों तक बढ़त बनाए रखी।
FII ने लगातार पांच दिन की खरीदारी, बाजार में लौटा विदेशी निवेश
बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बीते सप्ताह लगातार पांच कारोबारी सत्रों में भारतीय शेयरों की खरीदारी की। इस दौरान एफआईआई का कुल निवेश 45,960 करोड़ रुपये रहा। यह आंकड़ा इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे पहले विदेशी निवेशक लगातार 10 सप्ताह तक भारतीय बाजार में बिकवाली कर रहे थे।
बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) पबित्रो मुखर्जी के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने लगातार दूसरे सप्ताह खरीदारी जारी रखी है। इससे पहले अक्टूबर महीने में एफआईआई ने कुल 45,162 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की थी।
ऐसे में एक ही सप्ताह में 45,960 करोड़ रुपये की खरीदारी विदेशी निवेशकों की रणनीति में बड़े बदलाव का संकेत देती है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों की वापसी से भारतीय इक्विटी मार्केट में निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।
DII ने की 24,197 करोड़ रुपये की बिकवाली, खत्म हुआ 11 सप्ताह का सिलसिला
जहां विदेशी निवेशक भारतीय बाजार में पैसा लगा रहे हैं, वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों का रुख इसके उलट दिखाई दिया। डीआईआई ने पूरे कारोबारी सप्ताह के दौरान बिकवाली की और कुल 24,197 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए।
इसके साथ ही घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार 11 सप्ताह से जारी खरीदारी का सिलसिला भी समाप्त हो गया। बाजार में आई तेज बढ़त के बीच घरेलू निवेशकों ने मुनाफावसूली करना बेहतर समझा।
हालांकि, घरेलू निवेशकों की बिकवाली के बावजूद विदेशी निवेशकों की मजबूत खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया। सप्ताह के दौरान कुल संस्थागत निवेश का शुद्ध प्रवाह लगभग 21,764 करोड़ रुपये सकारात्मक रहा।
गुरुवार और शुक्रवार को सबसे ज्यादा रही विदेशी निवेशकों की खरीदारी
बीते सप्ताह के आखिरी दो कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी अहम रहे। गुरुवार और शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने करीब 28,724 करोड़ रुपये की खरीदारी की। इसके मुकाबले घरेलू संस्थागत निवेशकों ने इन दोनों दिनों में लगभग 16,413 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
इस दौरान विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने बाजार में तेजी को और मजबूत किया। बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बेहतर तिमाही नतीजे पेश करने वाली कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी।
सेंसेक्स 1,718 अंक उछला, निफ्टी 25,000 के पार
विदेशी निवेशकों की जोरदार खरीदारी और सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बीच शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली।
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्स 1,718.01 अंक यानी 2.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 81,028.02 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 493.75 अंक यानी 2.01 प्रतिशत की तेजी के साथ 25,030.35 पर पहुंच गया।
पूरे सप्ताह के दौरान दोनों प्रमुख सूचकांकों में 8.5 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यह भारतीय शेयर बाजार की सबसे मजबूत साप्ताहिक रैलियों में से एक रही।
खास बात यह रही कि बाजार की तेजी केवल चुनिंदा कंपनियों तक सीमित नहीं रही। विभिन्न सेक्टरों और प्रमुख सूचकांकों में खरीदारी देखने को मिली। इससे बाजार में व्यापक तेजी का माहौल बना और निवेशकों का भरोसा भी मजबूत हुआ।
भारतीय शेयर बाजार में तेजी के पीछे क्या रहे प्रमुख कारण?
विशेषज्ञों के मुताबिक, भारतीय शेयर बाजार में आई इस जोरदार तेजी के पीछे कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारण रहे हैं।
- विदेशी निवेशकों की वापसी: लगातार बिकवाली के बाद एफआईआई की बड़े पैमाने पर खरीदारी ने बाजार को सबसे बड़ा समर्थन दिया।
- कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजे: कई कंपनियों के उम्मीद से बेहतर वित्तीय परिणाम आने से शेयरों में खरीदारी बढ़ी।
- भू-राजनीतिक तनाव में कमी: वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने से निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता में सुधार हुआ।
- बॉन्ड यील्ड में नरमी: बॉन्ड यील्ड में गिरावट से इक्विटी बाजार के प्रति निवेशकों का आकर्षण बढ़ा।
- कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट: कच्चे तेल के दाम कम होने से भारत जैसे तेल आयात करने वाले देश की अर्थव्यवस्था को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी।
इन सभी कारकों ने मिलकर भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल तैयार किया।
आने वाले सप्ताह में कैसी रहेगी शेयर बाजार की चाल?
आने वाले कारोबारी सप्ताह में बाजार की दिशा काफी हद तक विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और वैश्विक संकेतों पर निर्भर करेगी। हालिया तेजी के दौरान घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली की है। ऐसे में बाजार की तेजी को बरकरार रखने के लिए विदेशी निवेश का लगातार बने रहना महत्वपूर्ण होगा।
इसके अलावा वैश्विक बाजारों का प्रदर्शन, कच्चे तेल की कीमतें, बॉन्ड यील्ड और कंपनियों के तिमाही नतीजे भी निवेशकों की रणनीति को प्रभावित कर सकते हैं।
नए संवत की शुरुआत भी बाजार के लिए सकारात्मक माहौल में होने की उम्मीद है। आगामी सप्ताह में छुट्टियों के कारण कारोबारी सत्र कम रहेंगे और सप्ताह की शुरुआत रविवार को होने वाले मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र से होगी।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं, तो भारतीय शेयर बाजार में तेजी का रुख आगे भी बरकरार रह सकता है।
हालांकि, निवेशकों को मौजूदा तेजी के बीच सावधानी बरतनी चाहिए। बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रहती है। इसलिए निवेश का फैसला कंपनी के फंडामेंटल, बाजार की स्थिति और अपनी जोखिम क्षमता को ध्यान में रखकर ही करना चाहिए।
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